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मौसम विभाग का भारी अलर्ट, दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में अगले 6 दिन तक मूसलाधार बारिश का दौरभारत
22 अग॰ 2026, 7:15 am (3 घंटे पहले)· 2

मौसम विभाग का भारी अलर्ट, दिल्ली एनसीआर समेत कई राज्यों में अगले 6 दिन तक मूसलाधार बारिश का दौर

दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने और मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण दिल्ली-एनसीआर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है।

भारत के एक विशाल भूभाग में शनिवार, 22 अगस्त को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से मेहरबान रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताज़ा भविष्यवाणी के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से लेकर बेहद भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने एक मजबूत मौसमी सिस्टम के चलते देश के मध्य और उत्तरी भागों में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आई है। इसके साथ ही पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। वहीं 22 अगस्त के दिन दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के विस्तृत इलाकों में मूसलाधार बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मानसून के इतने सक्रिय होने की मुख्य वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 21 अगस्त को उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय था। यह मौसमी चक्र समुद्र तल से लगभग 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त, मानसून ट्रफ रेखा भी इस समय बेहद मजबूत स्थिति में है। यह ट्रफ रेखा अमृतसर, मुजफ्फरनगर और कानपुर से होकर गुजरते हुए इस कम दबाव के क्षेत्र से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। इन दोनों शक्तिशाली मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण मध्य और उत्तर भारत में मानसूनी हवाएं लगातार नमी ला रही हैं, जिससे बारिश का यह दौर लंबा खिंचने की पूरी संभावना बनी हुई है।

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22 अगस्त को देश भर में कैसा रहेगा बारिश का हाल

शनिवार, 22 अगस्त को दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसी प्रकार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अन्य हिस्सों में छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। मध्य भारत की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के इलाकों में भी तेज बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज गर्जना और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी परिस्थितियां बेहद गंभीर बनी हुई हैं। 22 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से लेकर भारी बारिश का दौर रहेगा। पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। ओडिशा तथा झारखंड में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि गंगा के मैदानी क्षेत्रों वाले पश्चिम बंगाल में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।

मैदानी और पहाड़ी राज्यों के लिए 6 दिनों का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम विभाग के आंकड़े दर्शाते हैं कि 22 से 23 अगस्त के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरराबाद के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में व्यापक स्तर पर बारिश होगी। उत्तराखंड में 22 से 27 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में 22 से 24 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर बादल जमकर बरसेंगे।

बिहार में 22 से 24 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 25 से 27 अगस्त के बीच बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आएगी और छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों, सिक्किम, गंगा के मैदानी इलाकों, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड तथा ओडिशा में 22 से 27 अगस्त तक लगातार व्यापक बारिश का अनुमान है। विशेष रूप से ओडिशा में 24 से 27 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की स्थिति

मध्य प्रदेश में मानसून का असर अगले कई दिनों तक बना रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22 से 25 अगस्त और पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 से 26 अगस्त तक व्यापक वर्षा की संभावना है। विदर्भ के क्षेत्रों में 23 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी, वहीं छत्तीसगढ़ में 22 से 27 अगस्त तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा, 22 से 25 अगस्त के दौरान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के दोनों हिस्सों में मेघ गर्जन और वज्रपात की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।

पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 22 से 27 अगस्त तक तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा। मध्य महाराष्ट्र में 26 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है, जबकि 22 से 25 अगस्त और 27 अगस्त को छिटपुट बारिश होगी। गुजरात राज्य के मैदानी इलाकों, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ के क्षेत्रों में 22 से 27 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश के भीतर 26 और 27 अगस्त को व्यापक बारिश होगी, जबकि 23 से 27 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22-23 अगस्त तथा 25-27 अगस्त के दौरान अधिकांश इलाकों में तेज बारिश होगी। असम और मेघालय में 22 से 27 अगस्त तक और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम तथा त्रिपुरा में 22 से 24 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

दक्षिण भारत में तटीय बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 22 से 27 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना, उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 से 27 अगस्त के बीच छिटपुट बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 22 और 23 अगस्त को आंधी-तूफान व बिजली गिरने की संभावना है, जबकि 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 23 से 25 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और 23 व 24 अगस्त को भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, 22 से 25 अगस्त के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है, जबकि उत्तर आंतरिक कर्नाटक में ऐसी हवाएं 22 से 24 अगस्त तक चलेंगी।

सवाल-जवाब

दिल्ली NCR के लिए रेड अलर्ट किस तारीख को जारी किया गया है?
मौसम विभाग (IMD) ने 22 अगस्त शनिवार के दिन दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया है।
मानसून का यह दौर कितने दिनों तक जारी रहने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार यह मानसूनी स्पेल 22 अगस्त से शुरू होकर अगले 6 दिनों यानी 27 अगस्त तक जारी रहेगा।
मानसून के अचानक इतने सक्रिय होने का क्या मुख्य कारण है?
उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और अमृतसर, मुजफ्फरनगर से होकर बंगाल की खाड़ी तक जाने वाली मानसूनी ट्रफ रेखा इसका मुख्य कारण है।
किन राज्यों में गर्जन के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है?
छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में बारिश के साथ बिजली कड़कने और गर्जन की चेतावनी जारी की गई है।
ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का क्या हाल रहेगा?
ओडिशा में 24 से 27 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में 27 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी बारिश जारी रहेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

मौसम विभाग के इस रेड अलर्ट और मूसलाधार बारिश के अनुमान का असर उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मैदानी जिलों पर भी सीधे तौर पर पड़ेगा, क्योंकि मानसूनी ट्रफ कानपुर और मुजफ्फरनगर से गुजर रही है। पिछले कुछ दिनों से सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य के इन हिस्सों में जलभराव, कृषि भूमि पर पानी भरने और यातायात बाधित होने की पूरी आशंका है। प्रशासन को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने होंगे ताकि जनजीवन और फसलों को कम से कम नुकसान हो।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

चूंकि मैं अपराध और कानून-व्यवस्था मामलों को देखता हूँ, इसलिए ऐसे मौसम में सार्वजनिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की भूमिका बेहदहम हो जाती है। भारी बारिश और जलभराव के दौरान राजधानी और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था चरमराने, सड़कों पर जाम लगने और आपराधिक तत्वों द्वारा अंधेरे या जलभराव का फायदा उठाने की आशंका बढ़ जाती है। पुलिस और प्रशासनिक अमले को ऐसे हालातों से निपटने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के कड़े निर्देश जारी करने होंगे ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर असर न पड़े।

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