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मध्य प्रदेश के सागर में ऑटो ड्राइवर के पास मिली 3 करोड़ नकदी मामले में लोकायुक्त सख्त, 5 सदस्यीय SIT गठितमध्य प्रदेश
21 अग॰ 2026, 11:52 am (22 दिन पहले)· 1

मध्य प्रदेश के सागर में ऑटो ड्राइवर के पास मिली 3 करोड़ नकदी मामले में लोकायुक्त सख्त, 5 सदस्यीय SIT गठित

मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ऑटो चालक के ठिकाने से 3.02 करोड़ रुपये की बेनामी नकदी बरामद होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया है। इस मामले में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर रमेश अहिरवार की भूमिका और संपत्ति की गहन जांच की जा रही है।

मध्य प्रदेश के सागर जिले से सामने आए बहुचर्चित नकद बरामदगी मामले में लोकायुक्त ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गोपालगंज थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक के घर से करोड़ों रुपये की भारी भरकम नकदी मिलने के बाद अब इस पूरे प्रकरण की जांच लोकायुक्त पुलिस ने औपचारिक रूप से अपने हाथों में ले ली है। मामले की संवेदनशीलता और विशाल राशि को देखते हुए प्रशासन ने 5 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो इस वित्तीय अनियमितता से जुड़े प्रत्येक पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहा है।

लोकायुक्त की 5 सदस्यीय SIT की पड़ताल

लोकायुक्त पुलिस की टीम इस बात की तहकीकात कर रही है कि एक साधारण ऑटो चालक के घर में इतनी बड़ी मात्रा में नकद राशि कहां से आई और इसके पीछे किन प्रभावशाली लोगों का हाथ है। विशेष जांच टीम (SIT) बरामद नकदी के वास्तविक स्रोत, धन के असली मालिक और इस नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका को उजागर करने में जुटी है। लोकायुक्त पुलिस की इस सीधी भागीदारी के बाद अब इस मामले में कई बड़े और असरदार चेहरों के बेनकाब होने की संभावना जताई जा रही है।

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पीडब्ल्यूडी इंजीनियर रमेश अहिरवार की भूमिका पर जांच

मामले में जानकारी देते हुए लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (SP) दुर्गेश राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच प्रक्रिया के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियर रमेश अहिरवार का नाम प्रमुखता से सामने आया है। इसके बाद जांच एजेंसी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए इंजीनियर रमेश अहिरवार की चल और अचल संपत्तियों के साथ-साथ उनके अन्य वित्तीय संपर्कों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। लोकायुक्त टीम बहुत जल्द गोपालगंज थाना पुलिस द्वारा जब्त की गई 3 करोड़ रुपये से अधिक की नकद राशि को भी अपनी आधिकारिक हिरासत में लेने जा रही है।

16 अगस्त की छापेमारी और उठे सवाल

गौरतलब है कि बीते 16 अगस्त को सागर के गोपालगंज थाना पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ऑटो चालक सौरभ अहिरवार के आवास पर दबिश दी थी। इस छापेमारी के दौरान पुलिस अधिकारियों को मौके से 3 करोड़ 2 लाख रुपये से अधिक की बेहिसाब नकद रकम बरामद हुई थी। इतनी विशाल धनराशि की जब्ती के बाद से ही इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं और शुरुआती दौर में जांच एजेंसियों की कार्रवाई में हुई देरी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे थे। लोकायुक्त द्वारा केस अपने हाथ में लेने के बाद अब मामले की त्वरित जांच की उम्मीद जग गई है।

सवाल-जवाब

सागर के ऑटो चालक के घर से कितनी नकद राशि बरामद हुई थी?
16 अगस्त को सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के दौरान 3 करोड़ 2 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि बरामद की गई थी।
इस मामले की जांच अब कौन सी एजेंसी कर रही है?
इस मामले की विस्तृत और गहन जांच अब लोकायुक्त पुलिस द्वारा गठित 5 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है।
जांच में किस सरकारी अधिकारी का नाम सामने आया है?
लोकायुक्त जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के इंजीनियर रमेश अहिरवार का नाम सामने आया है, जिनकी संपत्ति की जांच की जा रही है।
लोकायुक्त एसपी ने क्या जानकारी दी है?
लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर ने बताया कि SIT नकदी के स्रोत, इसके असली मालिक और जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है तथा जब्त कैश को जल्द कब्जे में लिया जाएगा।
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