अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे ब्रिटिश पाउंड दबाव में, 1.3200 के स्तर पर टिकापीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालएम्स जोधपुर में जूनियर डॉक्टर की मौत के बाद हड़ताल, बंद रही ओपीडी और टलीं 80 सर्जरीसरगुजा में स्ट्रॉबेरी की बागवानी से तगड़े मुनाफे की उम्मीद, समझिए रोपाई से लेकर आमदनी का पूरा गणितचंबा की ठाकरी मट्टी पंचायत में दोबारा मतगणना से पलटा नतीजा, भारती ठाकुर 44 मतों से बनीं प्रधाननीले आसमान और चमकीली धूप से महका दिल्ली-एनसीआर, बिना बारिश छंट गया प्रदूषणसरगुजा के गांव में मिट्टी के चूल्हे पर पकती है लेमनग्रास की लाल चाय, रामअवतार यादव ने सहेजी पुरखों की परंपरामुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा सीजेपी, 48 घंटे की मोहलत खत्म होते ही आंदोलन की तैयारीवित्त राशिफल 25 सितंबर: 12 राशियों के लिए धन, निवेश और बजट की पूरी स्थितिसंयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू के आरोपों पर जोहरान ममदानी का कड़ा पलटवार, याद दिलाया आईसीसी का वारंट
महाराष्ट्र के बीड में दो सदियों के इंतजार के बाद जन्मी बच्ची, दहिफळे परिवार ने फूलों के रथ पर निकाली जश्न यात्राभारत
3 सित॰ 2026, 3:29 pm (22 दिन पहले)· 0

महाराष्ट्र के बीड में दो सदियों के इंतजार के बाद जन्मी बच्ची, दहिफळे परिवार ने फूलों के रथ पर निकाली जश्न यात्रा

महाराष्ट्र के बीड जिले के परली शहर में दहिफळे परिवार में 5 पीढ़ियों यानी 200 साल बाद बेटी का जन्म हुआ है। इस खास अवसर पर परिवार ने ढोल-ताशों की गूंज और फूलों से सजे रथ में मां और नवजात बच्ची की भव्य शोभायात्रा निकालकर अनोखा जश्न मनाया।

महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थित परली शहर से एक अत्यंत हर्षोल्लास भरी खबर सामने आई है, जहां एक परिवार ने अपने घर में बेटी के आगमन पर ऐसा भव्य आयोजन किया जिसकी चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। दहिफळे परिवार में कई पीढ़ियों के लंबे इंतजार के बाद नवजात बच्ची का जन्म हुआ, जिसके बाद पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस खास अवसर को ऐतिहासिक बनाने के लिए परिजनों ने ढोल-ताशों की धुन और फूलों की वर्षा के बीच शहर की सड़कों पर एक विशाल शोभायात्रा निकाली, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में स्थानीय नागरिक जुट गए।

दो सदियों और पांच पीढ़ियों का लंबा इंतजार हुआ समाप्त

परली के रहने वाले दहिफळे परिवार के लिए यह जन्म साधारण खुशी से कहीं बढ़कर है। परिवार के इतिहास के अनुसार, पिछले 200 वर्षों और लगातार पांच पीढ़ियों से इस खानदान में केवल बेटों का ही जन्म हुआ था। इतने लंबे समय तक परिवार में किसी बेटी का जन्म न होने के कारण परिजन लंबे समय से एक नन्ही परी के आगमन की आस लगाए बैठे थे। हाल ही में जब कल्पना ऋषिकेश दहिफळे ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया, तो पूरे खानदान में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने नवजात बच्ची को घर की लक्ष्मी मानकर उसका स्वागत बेहद खास अंदाज में करने का निर्णय लिया।

ये भी पढ़ें

फूलों से सजे रथ और ढोल-ताशों के साथ निकाली गई शोभायात्रा

बेटी के जन्म का जश्न मनाने के लिए दहिफळे परिवार ने एक विशेष रथ को सुंदर ताजे फूलों से सजवाया। अस्पताल से घर लौटते समय नवजात बच्ची और उसकी मां कल्पना ऋषिकेश दहिफळे को इस सुसज्जित रथ पर बिठाया गया। इसके बाद पारंपरिक ढोल-ताशों की गूंज के साथ पूरे शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रास्ते भर परिजनों और शुभचिंतकों ने रथ पर सवार मां और बच्ची पर फूलों की बारिश की। ढोल की थाप पर परिजनों ने जमकर नृत्य किया और अपनी प्रसन्नता प्रकट की। इस अनूठे दृश्य ने रास्ते में मौजूद हर शहरवासी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

समाज को दिया बेटियों के सम्मान का सशक्त संदेश

दहिफळे परिवार द्वारा आयोजित इस अनूठे समारोह की सराहना अब दूर-दूर तक हो रही है। जश्न मनाने के साथ-साथ परिवार ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक संदेश भी प्रस्तुत किया है। आज के समय में भी कई स्थानों पर बेटियों के जन्म को लेकर संकुचित मानसिकता देखने को मिलती है, ऐसे में दहिफळे परिवार ने बेटी के आगमन को बेटों से भी बढ़कर उत्सव की तरह मनाकर लैंगिक समानता का उदाहरण पेश किया है। परली शहर के नागरिकों ने भी जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया और परिवार की इस सोच की दिल खोलकर तारीफ की।

सवाल-जवाब

यह घटना किस स्थान की है?
यह घटना महाराष्ट्र के बीड जिले के परली शहर की है।
बच्ची का जन्म किस परिवार में हुआ है?
बच्ची का जन्म परली के दहिफळे परिवार में हुआ है, जिनकी माता का नाम कल्पना ऋषिकेश दहिफळे है।
कितने समय के इंतजार के बाद परिवार में बेटी का जन्म हुआ?
दहिफळे परिवार में 5 पीढ़ियों यानी 200 साल के लंबे इंतजार के बाद बेटी का जन्म हुआ है।
परिवार ने बच्ची और मां के स्वागत के लिए क्या इंतजाम किए?
परिवार ने फूलों से सजा रथ तैयार करवाया और ढोल-ताशों की धुन व फूलों की बारिश के साथ शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp