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मौसम का नया दौर: 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश का अलर्टभारत
20 अग॰ 2026, 4:57 pm (1 घंटे पहले)· 3

मौसम का नया दौर: 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 21 अगस्त को मानसून ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में तूफानी हवाओं और भारी बारिश का नया दौर शुरू होने वाला है।

देशभर के मौसम मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है, क्योंकि मौसम विभाग की चेतावनियों के मुताबिक 21 अगस्त को मानसून ट्रफ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने सुस्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र यानी वेल मार्क लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से आंधी और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जोर पकड़ेगा। उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर के आसमान में घने बादलों का डेरा रहेगा और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। समुद्र तटीय क्षेत्रों में हालात को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और तूफानी माहौल बनने की आशंका है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बरसात के चलते भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ने और नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात पैदा होने का खतरा बना हुआ है, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।

प्रमुख शहरों और राज्यों में मौसम का हाल

राजधानी नई दिल्ली में आसमान पूरी तरह बादलों से ढका रहेगा और कई हिस्सों में मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे लगातार चल रही तेज हवाओं के बीच मौसम काफी सुहाना बना रहेगा। राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा में गरज के साथ बौछारें पड़ने और हवाएं चलने से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, हालांकि सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हो सकता है। गुरुग्राम में भी रुक-रुक कर बारिश होने से जलभराव की स्थिति बन सकती है और पूरे दिन हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि गाजियाबाद में बादलों का बसेरा रहेगा और हल्की से मध्यम वर्षा के साथ वातावरण में भारी ह्यूमिडिटी बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों पर नजर डालें तो लखनऊ में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं कानपुर में पूरे दिन बदरा छाए रहने के साथ वज्रपात और तेज हवाओं के बीच बारिश के पूरे आसार हैं और जलभराव की आशंका के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वाराणसी के गंगा तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम दर्जे की वर्षा होने का अनुमान है जहां मौसम सुहावना तो रहेगा लेकिन बिजली कड़कने की पूरी संभावना है, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सटे झांसी में भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है जहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है।

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मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का प्रकोप

मध्य प्रदेश के मौसम पर बात करें तो भोपाल में बादलों की मेहरबानी से मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है जिससे हवा में नमी और ठंडक बरकरार रहेगी, जबकि इंदौर में रुक-रुक कर रिमझिम और मध्यम बारिश का दौर लगातार जारी रहने की संभावना है जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या आ सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थित होने के कारण जबलपुर में अति भारी यानी हेवी टू वेरी हेवी रेन का रेड अलर्ट जारी किया गया है जिससे नर्मदा नदी के तटीय इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, और रीवा जिले में मूसलाधार बारिश के चलते फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का भारी जोखिम बना हुआ है जिसके कारण प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों पर रहने की सख्त हिदायत दी है। पहाड़ी राज्यों का हाल और भी अधिक चिंताजनक बना हुआ है जहां देहरादून में गर्जन के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है और तापमान सामान्य से कम दर्ज किया जाएगा, नैनीताल में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा काफी बढ़ गया है जिससे पर्यटकों को यात्रा के दौरान बेहद सतर्क रहने को कहा गया है। हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के साथ मैदानी भागों में तेज बारिश होगी और दिनभर बादल छाए रहेंगे, पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिले में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कों के बाधित होने का गंभीर खतरा है जहां बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। शिमला और उसके आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी के चलते पहाड़ी रास्तों पर दृश्यता घटने का अंदेशा है, कांगड़ा घाटी में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी करके लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और अपनी यात्रा टालने की सलाह दी गई है, मंडी में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश से पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का जोखिम सबसे अधिक रहेगा, और चंबा में भी भारी बारिश के साथ अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई गई है जिससे तापमान में भारी गिरावट से ठंड का अहसास काफी बढ़ जाएगा।

बिहार, ओडिशा और राजस्थान का हाल

बिहार की राजधानी पटना में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने से उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, गया में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश का अनुमान है जहां बिजली गिरने को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है, भागलपुर में छिटपुट बौछारों के साथ ठंडी हवाएं चलेंगी और गंगा किनारे के क्षेत्रों में नमी का स्तर काफी अधिक रहेगा, जबकि मुजफ्फरपुर में बादलों की आवाजाही बनी रहने के बाद दोपहर के समय हल्की बारिश होने के आसार हैं। ओडिशा के भुवनेश्वर में तटीय प्रभाव के कारण 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना है और समुद्र तटों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है, कटक में मूसलाधार बारिश और जलभराव का तगड़ा जोखिम रहेगा जहां हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, पुरी में समुद्र के भीतर ऊंची लहरें उठने और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी के बाद मछुआरों को पूरी तरह समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है, और संबलपुर में पश्चिमी ओडिशा के प्रभाव से बादल घने रहेंगे तथा भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर आ सकता है। राजस्थान के मौसम की बात करें तो पूर्वी राजस्थान के अंतर्गत आने वाले जयपुर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने से मौसम सुहाना हो जाएगा, कोटा में मध्य प्रदेश की सीमा से लगा होने के कारण मध्यम से तेज बारिश के साथ गर्जन और तेज हवाओं की पूरी संभावना है, उदयपुर में आसमान साफ से लेकर आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा हालांकि कुछेक स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा कोंकण तटीय क्षेत्र के प्रभाव से मुंबई में भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा जहां तटीय पट्टियों पर तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, और मध्य महाराष्ट्र के पुणे में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जाएगी जहां पहाड़ों की ओर धुंध छाई रहेगी।

सवाल-जवाब

मौसम विभाग के अनुसार नया मौसम दौर कब से शुरू होगा?
मौसम विभाग के मुताबिक तेज आंधी और बारिश का यह नया दौर 21 अगस्त से शुरू होने वाला है।
किन मौसमी प्रणालियों के कारण यह भारी बारिश हो रही है?
यह बारिश मानसून ट्रफ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र यानी वेल मार्क लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से हो रही है।
समुद्र और तटीय इलाकों में हवा की अधिकतम रफ्तार कितनी अनुमानित है?
समुद्र और तटीय इलाकों में हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जो बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों में किस प्रकार का मुख्य खतरा बताया गया है?
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड और नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति का जोखिम बना हुआ है।
मध्य प्रदेश के किस जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है?
पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थित होने के कारण जबलपुर जिले में अति भारी बारिश यानी हेवी टू वेरी हेवी रेन का अलर्ट जारी किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·35 मिनट पहले

यह मौसमी बदलाव उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद, लखनऊ, कानपुर और झांसी जैसे जिलों में जलभराव और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन को तुरंत ड्रेनेज सिस्टम और आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय करना होगा, ताकि किसानों की फसलों और शहरी नागरिकों को असुविधा से बचाया जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 मिनट पहले

यह मौसमी चेतावनी सिर्फ यातायात या जलभराव तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कानून-व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के सामने भी गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के बीच जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि आपदा प्रबंधन टीमें और पुलिस बल किसी भी अप्रिय स्थिति, जैसे कि सड़कों पर पेड़ों के गिरने या बिजली ठप होने से उत्पन्न होने वाले संकट से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहें।

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