ओडिशा के मयूरभंज जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने रेल यातायात को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। सोमवार को बारिपदा स्टेशन मार्केट के पास सुंगाडिया इलाके में रेल की पटरी के नीचे से जमीन खिसक गई, जिससे लगभग 50 मीटर लंबा रेलवे ट्रैक धंस गया। ट्रैक का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण इस रूट पर रेलगाड़ियों का परिचालन तत्काल प्रभाव से रोकना पड़ा। इस हादसे के चलते बारिपदा से शुरू होने वाली कई प्रमुख यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मिट्टी बहने से धंसी 50 मीटर लंबी रेल पटरी
घटना के संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से मयूरभंज और आसपास के क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है। बारिश के पानी के तेज बहाव के कारण रेलवे ट्रैक को सहारा देने वाली नीचे की मिट्टी कमजोर होकर पूरी तरह बह गई। आधार खिसकने की वजह से सुंगाडिया क्षेत्र में करीब 50 मीटर का ट्रैक का हिस्सा हवा में लटक गया और पटरी धंस गई। जैसे ही रेलवे प्रशासन को पटरी क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस लाइन पर गाड़ियों की आवाजाही तुरंत बंद कर दी गई।
रद्द की गई ट्रेनें और यात्रियों की परेशानियां
रेल मार्ग धंसने की वजह से इस क्षेत्र की मुख्य रेल सेवाएं बाधित हुई हैं। निरस्त की गई मुख्य रेलगाड़ियों में बांगरीपोसी से भुवनेश्वर जाने वाली बांगरीपोसी-भुवनेश्वर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और भंजपुर से रूपसा के बीच चलने वाली भंजपुर-रूपसा मेमू (MEMU) ट्रेन शामिल हैं। इन ट्रेनों के रद्द हो जाने से बारिपदा, भंजपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों की आवाजाही थम गई है। मूसलाधार बारिश के बीच सार्वजनिक परिवहन के वैकल्पिक साधन सीमित होने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में भारी कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है।
युद्धस्तर पर जारी है ट्रैक मरम्मत का कार्य
हादसे की खबर मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम ने प्रभावित स्थल का दौरा कर स्थिति का मुआयना किया। इसके तुरंत बाद लगभग 50 मीटर लंबे क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया। पटरियों के नीचे नई मिट्टी और गिट्टी (बैलास्ट) डालकर ट्रैक को मजबूत बनाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिक चिंता ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पटरियों की सुरक्षा जांच और भार परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद ही इस मार्ग पर रेल परिचालन फिर से शुरू होगा।
ओडिशा में बारिश का कहर और बालासोर में बाढ़ के हालात
यह घटना ओडिशा में जारी व्यापक मानसूनी बारिश का परिणाम है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कई दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। मयूरभंज के पड़ोसी जिले बालासोर में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है, जहाँ मूसलाधार वर्षा के कारण नदियां उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर जलभराव के कारण गांवों का संपर्क कट गया है और आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलवे तंत्र भी इस प्राकृतिक आपदा की स्थिति में पटरियों और पुलों की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी तरह के बड़े हादसे से बचा जा सके।



















