ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक एयरपोर्ट पर उस समय अफरा तफरी का माहौल बन गया जब एक महिला यात्री एयरलाइन कर्मचारियों के सामने रोने चिल्लाने लगी। महिला को अपने बच्चों के इलाज के लिए तुरंत दूसरे शहर पहुंचना था, लेकिन इंडिगो की निर्धारित उड़ान अंतिम समय पर रद्द हो गई। अपनी यात्रा में अचानक आई इस रुकावट और बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता के कारण महिला अत्यधिक तनाव में आ गई और उन्होंने एयरपोर्ट टर्मिनल पर एयरलाइन कर्मियों से तुरंत वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की मांग शुरू कर दी।
कन्वेयर बेल्ट पर चढ़कर जाहिर किया विरोध
इस पूरी घटना का 2 मिनट 25 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में सफेद टीशर्ट और नीले रंग की जींस पहनी हुई महिला सामान ले जाने वाले कन्वेयर बेल्ट के ऊपर चढ़ी हुई दिखाई दे रही हैं। वे वहां से इंडिगो ऑफिस की स्टाफ डेस्क पर कागजात फेंकती हुई नजर आती हैं। महिला का कहना था कि वे किसी सामान्य काम या घूमने फिरने के उद्देश्य से यात्रा नहीं कर रही थीं, बल्कि अपने बच्चों के मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए जा रही थीं, जहां समय पर पहुंचना बेहद जरूरी था।
सुरक्षा बलों और एयरपोर्ट पुलिस का हस्तक्षेप
कन्वेयर बेल्ट पर महिला के चढ़ने के बाद एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने स्थिति को संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने महिला को समझा बुझाकर सुरक्षित तरीके से कन्वेयर बेल्ट से नीचे उतारा। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट पुलिस को सूचित किया गया। टर्मिनल पर पहुंची पुलिस टीम ने महिला को शांत कराया और उनकी बात सुनी। महिला ने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए पूछा कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद एयरलाइन उनके सही समय पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए क्या कदम उठा रही है।
अगली उड़ान से रवानगी और दर्ज हुई एफआईआर
एयरलाइन की दोपहर करीब 2 बजे की फ्लाइट में तकनीकी खराबी आने की वजह से उसे रद्द करना पड़ा था, जिसके बाद यात्रियों के लिए शाम 5 बजे की अगली फ्लाइट तय की गई। महिला यात्री आखिरकार शाम 5 बजे रीशेड्यूल की गई इसी वैकल्पिक उड़ान से अपने गंतव्य के लिए रवाना हुईं। हालांकि एयरपोर्ट परिसर में हुए इस पूरे घटनाक्रम और हंगामे को लेकर एयरपोर्ट अधिकारियों ने महिला के व्यवहार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
हवाई यात्रियों से जुड़े नियम और उड़ानों का विवाद
अचानक फ्लाइट कैंसिल होने की घटनाएं आम यात्रियों के लिए भारी परेशानी का सबब बनती हैं, लेकिन जब मामला किसी आपातकालीन मेडिकल ट्रीटमेंट से जुड़ा हो तो यात्रियों की मानसिक स्थिति और अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसी बीच हवाई यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से आई केंद्र सरकार की एक नई पहल को लेकर विमानन उद्योग में विवाद खड़ा हो गया है। सरकार ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि उड़ानों में कम से कम 60 प्रतिशत सीटों का चयन यात्रियों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाए। सरकार के इस फैसले का विरोध करने के लिए देश की प्रमुख विमानन कंपनियां एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट एक साथ लामबंद हो गई हैं।



















