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मुंबई के आलीशान पांच सितारा होटल में डाइनिंग टेबल पर रेंगता मिला कॉकरोच, डॉक्टर ने खाना छोड़ एफडीए को लगाई गुहारमहाराष्ट्र
21 सित॰ 2026, 3:06 pm (36 दिन पहले)· 2

मुंबई के आलीशान पांच सितारा होटल में डाइनिंग टेबल पर रेंगता मिला कॉकरोच, डॉक्टर ने खाना छोड़ एफडीए को लगाई गुहार

मुंबई के एक प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटल में डिनर के दौरान टेबल पर कीड़ा नजर आने के बाद जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ ने भोजन छोड़ दिया और महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की.

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के एक प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल में स्वच्छता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है. होटल के रेस्तरां में रात का भोजन करने पहुंचे जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ और फोर्टिस हेल्थकेयर के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ की टेबल पर अचानक एक कॉकरोच रेंगता हुआ दिखाई दिया. खाने के बर्तनों के बिल्कुल करीब इस कीड़े को देखकर डॉक्टर ने तुरंत भोजन बीच में ही छोड़ दिया और पूरे वाकये का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे का ध्यान इस ओर खींचा.

डिनर की टेबल पर बर्तनों के पास दिखा कीड़ा

यह अप्रिय वाकया शनिवार की रात सहार स्थित जेडब्ल्यू मैरियट के रोमानो रेस्तरां में घटा. डॉ. अशोक सेठ वहां कुछ मेहमानों के साथ भोजन कर रहे थे. उसी दौरान उनकी डाइनिंग टेबल पर परोसे गए बर्तनों के पास एक नन्हा कॉकरोच घूमता दिखाई दिया. खाने की जगह पर इस तरह की गंदगी देखकर उन्होंने आगे खाना खाने से मना कर दिया और अपनी थाली वहीं छोड़ दी.

अगले दिन यानी रविवार की शाम डॉ. सेठ ने इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की. अपनी व्यंग्यात्मक टिप्पणी में उन्होंने लिखा कि देखिए डिनर पर बिन बुलाया मेहमान कौन आ गया है. उन्होंने कहा कि हमारी लाख कोशिशों के बावजूद वह टेबल से हटने को तैयार नहीं था, शायद उसे पास्ता नहीं बल्कि पिज्जा पसंद था. डॉक्टर ने अपनी पोस्ट में महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे को सीधे तौर पर टैग करते हुए उम्मीद जताई कि नियामक अधिकारी इस घोर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेंगे.

रसोईघर की साफ-सफाई पर उठाए तीखे सवाल

सोमवार को इस घटना पर खुलकर बात करते हुए डॉ. अशोक सेठ ने कहा कि यह केवल एक टेबल का मामला नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी बेहद गंभीर समस्या है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मेहमानों की डाइनिंग टेबल पर एक कॉकरोच खुलेआम घूम रहा है, तो पूरे विश्वास के साथ समझा जा सकता है कि अंदर रसोईघर में और भी कई कीड़े मौजूद होंगे. यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि इतना महंगा संस्थान स्वच्छता मानकों को लेकर कितना बेपरवाह है.

डॉ. सेठ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके साथ कुछ विदेशी मेहमान भी डिनर में शामिल थे. ऐसे में किसी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लक्जरी होटल में इस तरह का दृश्य दिखना पूरे देश की छवि के लिए शर्मनाक साबित होता है. उनका कहना था कि जब कोई पांच सितारा होटल भोजन और सेवाओं के लिए भारी भरकम बिल वसूलता है, तो उसे हाइजीन और खाद्य सुरक्षा के उच्च मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना चाहिए.

प्रशासन और होटल प्रबंधन के जवाब का इंतजार

इस पूरे घटनाक्रम के सार्वजनिक होने के बाद अब तक संबंधित होटल प्रबंधन अथवा महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के बाद बड़े होटलों में खानपान की गुणवत्ता, किचन की नियमित जांच और कीट नियंत्रण के दावों को लेकर बहस छिड़ गई है.

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सवाल-जवाब

पांच सितारा होटल में कॉकरोच दिखने की यह घटना कब और कहां हुई?
यह वाकया शनिवार की रात मुंबई के सहार स्थित जेडब्ल्यू मैरियट होटल के रोमानो रेस्तरां में हुआ.
शिकायत करने वाले व्यक्ति कौन हैं?
शिकायत करने वाले डॉ. अशोक सेठ हैं, जो जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट और फोर्टिस हेल्थकेयर के चेयरमैन हैं.
डॉक्टर ने घटना के बाद क्या कदम उठाया?
उन्होंने खाना बीच में ही छोड़ दिया, कॉकरोच का वीडियो बनाया और महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे को टैग कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया.
डॉ. अशोक सेठ ने रसोईघर की स्वच्छता को लेकर क्या आशंका जताई?
उन्होंने कहा कि अगर डाइनिंग टेबल पर एक कॉकरोच मौजूद था, तो पूरी संभावना है कि होटल के किचन में ऐसे और भी कई कीड़े होंगे.
क्या होटल प्रबंधन या एफडीए की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है?
नहीं, अभी तक इस मामले पर होटल प्रबंधन या महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त की तरफ से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·35 दिन पहले

मुंबई के एक प्रतिष्ठित होटल में स्वच्छता की यह गंभीर चूक केवल स्थानीय स्वास्थ्य मुद्दा नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के सेवा क्षेत्र की ब्रांड वैल्यू को नुकसान पहुँचाती है। यूरोप के कड़े खाद्य सुरक्षा नियमों की तरह, भारत में भी लक्जरी संस्थानों के लिए सख्त ऑडिट और भारी दंड के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करना अनिवार्य हो गया है, ताकि वैश्विक पर्यटकों के बीच देश की प्रतिष्ठा पर कोई आंच न आए।

Ravikash Gupta@ravikash·35 दिन पहले

यह घटना सिर्फ़ एक होटल की चूक नहीं, बल्कि प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में ब्रांड वैल्यू और कॉर्पोरेट रेपुटेशन पर एक बड़ा आघात है। जब लक्जरी संस्थान सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को अनदेखा करते हैं, तो उनका स्टॉक वैल्यूएशन, निवेशक विश्वास और उच्च-स्तरीय कॉर्पोरेट क्लाइंट्स का भरोसा सीधे तौर पर जोखिम में आ जाता है। यदि नियामक और एफडीए इस पर कड़ा आर्थिक जुर्माना लगाते हैं, तो यह बाजार के अन्य खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट संदेश होगा कि सेवा की लागत के साथ हाइजीन और ब्रांड कम्प्लायंस से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·35 दिन पहले

यह मामला केवल एक प्रतिष्ठान की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के आतिथ्य सत्कार उद्योग की व्यावसायिक छवि को भी धक्का पहुंचता है। जब प्रतिष्ठित हस्तियां इस तरह की व्यवस्था के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आवाज उठाती हैं, तो वैश्विक निवेशकों और विदेशी पर्यटकों के बीच नकारात्मक संदेश जाता है। यदि खाद्य सुरक्षा नियामक इस पर त्वरित और कड़े दंडात्मक कदम नहीं उठाते हैं, तो महंगे होटलों में गुणवत्ता नियंत्रण के प्रति जवाबदेही और ढीली हो जाएगी, जिससे प्रीमियम बाजार की दीर्घकालिक साख खतरे में पड़ सकती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 दिन पहले

यह मामला खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गंभीर निरीक्षण और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग करता है। यदि राज्य का खाद्य एवं औषधि प्रशासन इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए होटल के लाइसेंस और किचन की गहन जांच करता है, तो ऐसे प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

Rohan Verma@rohan-verma·35 दिन पहले

यह घटना महज एक पांच सितारा होटल की लापरवाही नहीं, बल्कि महानगरों के आतिथ्य सत्कार क्षेत्र में नियमित निरीक्षण प्रणाली की पोल खोलती है। जब तक खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों पर भारी मौद्रिक दंड और लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई नहीं करता, तब तक वाणिज्यिक रसोइयों और डाइनिंग एरिया में कीट नियंत्रण के प्रति गंभीर सुधार की उम्मीद करना बेमानी है।

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