बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुंबई के विभिन्न हिस्सों में आज से पानी की आपूर्ति में पंद्रह प्रतिशत की कटौती लागू कर दी गई है। इस बड़े रखरखाव कार्य के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में नागरिकों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से पानी का संचय करने और संयम बरतने की अपील की है ताकि इस असुविधा से निपटा जा सके।
जल कटौती का समय और अवधि
यह नियोजित जल कटौती मंगलवार, जुलाई 28 को सुबह 9:00 बजे से शुरू होकर बुधवार, जुलाई 29 को सुबह 5:00 बजे तक यानी कुल बीस घंटे तक प्रभावी रहेगी। पांजरपूर के मुंबई-3 अ उदंचन केंद्र पर चल रहे तकनीकी कार्यों के कारण यह कटौती की जा रही है, जिससे भांडुप जल शोधन संयंत्र तक होने वाली पानी की सप्लाई प्रभावित होगी।
मरम्मत कार्य का मुख्य कारण
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के जल अभियंता विभाग के माध्यम से पांजरपूर स्थित इस केंद्र पर छह दशमलव छह के.वी. उच्च दाब नियंत्रण पैनल को बदलने का महत्वपूर्ण काम हाथ में लिया गया है। इस परियोजना के पहले चरण में कुल दस में से चार पैनलों को बदला जाना है, जिसके लिए बिजली और पानी की आपूर्ति को अस्थायी रूप से रोकना जरूरी हो गया था। इस काम को सुरक्षित और सुचारू रूप से पूरा करने के लिए ही इस बीस घंटे के शटडाउन का निर्णय लिया गया है।
पहले से जारी कटौती का असर
यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि मुंबई शहर में गर्मियों की शुरुआत से ही पहले से ही दस प्रतिशत पानी की कटौती चल रही है। ऐसे में इस नई पंद्रह प्रतिशत की अतिरिक्त कटौती से शहर के कई हिस्सों में जल संकट और गहरा सकता है, जिससे दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ना तय है।
प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्र
इस जल कटौती की वजह से पश्चिमी उपनगरों और पूर्वी उपनगरों के कई बड़े रिहायशी इलाके सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। पश्चिमी उपनगरों में बांद्रा, खार, सांताक्रूज, विले पार्ले, अंधेरी, जोगेश्वरी, गोरेगाव, मालाड, कांदिवली, बोरीवली और दहिसर जैसे इलाके शामिल हैं। इसके अलावा पूर्वी उपनगरों के अंतर्गत कुर्ला, विद्याविहार, चेंबूर, घाटकोपर, विक्रोरोली, कांजूरमार्ग, भांडुप, मुलुंड और पवई में भी पानी की सप्लाई बाधित रहेगी।
प्रशासन की अपील
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शहर के सभी नागरिकों से इस परिस्थिति को समझने और आवश्यक सहयोग करने का आग्रह किया है ताकि किसी भी बड़ी परेशानी से बचा जा सके। प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि नागरिक इस बात का संज्ञान लें और नगर निगम प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करें।



















