राजस्थान में स्थानीय सरकार चुनने की प्रक्रिया के तहत 147 नगरीय निकायों में दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो गया है। शाम 6 बजे वोटिंग प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रदेश भर में औसतन 70.01 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शहरी लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्थानीय प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं।
मतदाताओं की भागीदारी और चुनाव आयोग के आंकड़े
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस दूसरे चरण में कुल 87 लाख 63 हजार से अधिक पंजीकृत मतदाता वोट डालने के लिए पात्र थे। इनमें से 61 लाख 35 हजार से अधिक लोगों ने अपने नागरिक अधिकार का उपयोग करते हुए अपने वोट दर्ज कराए। शाम 6 बजे तक के इन आंकड़ों से साफ है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के मतदाताओं में नगर निकायों के चुनाव को लेकर गहरा उत्साह देखा गया। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये प्राथमिक आंकड़े हैं तथा अंतिम समीक्षा के बाद इनमें मामूली संशोधन देखने को मिल सकता है।
शीर्ष और न्यूनतम वोटिंग वाले क्षेत्र
दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान मतदान प्रतिशत के मामले में बाड़मेर जिले का धोरीमन्ना क्षेत्र सबसे आगे रहा, जहां 91.59 प्रतिशत मतदाताओं ने पोलिंग बूथ पर पहुंचकर अपने वोट डाले। इसके विपरीत कोटा नगर निगम क्षेत्र में सबसे कम मतदान देखने को मिला, जहां कुल 57.02 प्रतिशत वोटरों ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। जिला स्तरीय विश्लेषण में खैरथल-तिजारा 88.32 प्रतिशत वोटिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि फलोदी में 86.80 प्रतिशत और कोटपूतली-बहरोड़ में 86.04 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा अलवर जिले में 85.22 प्रतिशत तथा बाड़मेर में 85.17 प्रतिशत वोट डाले गए।
अन्य जिलों में मतदान का ब्योरा
राज्य के मध्य और पूर्वी जिलों में भी भारी उत्साह देखा गया। भीलवाड़ा में 83.88 प्रतिशत, भरतपुर में 83.65 प्रतिशत, नागौर में 83.26 प्रतिशत, झालावाड़ में 83.19 प्रतिशत और बारां में 83.07 प्रतिशत वोट पड़े। वहीं डीग में 83.04 प्रतिशत, दौसा में 82.88 प्रतिशत, धौलपुर में 82.06 प्रतिशत, डीडवाना-कुचामन में 81.90 प्रतिशत और बूंदी में 81.48 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। उत्तरी सीमावर्ती जिले हनुमानगढ़ में 80.01 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि चित्तौड़गढ़ में 79.80 प्रतिशत वोट पड़े।
मध्यम और निचले मतदान वाले जिले
प्रदेश के कुछ प्रमुख शहरों और जिलों में मतदान का प्रतिशत 60 से 77 प्रतिशत के बीच दर्ज हुआ। ब्यावर में 77.69 प्रतिशत, बालोतरा में 75.18 प्रतिशत, श्रीगंगानगर में 75.10 प्रतिशत, बीकानेर में 75.09 प्रतिशत और चूरू में 74.74 प्रतिशत मतदान हुआ। इसी क्रम में डूंगरपुर में 71.98 प्रतिशत, बांसवाड़ा में 71.36 प्रतिशत, जोधपुर में 71.10 प्रतिशत, पाली में 70.70 प्रतिशत तथा उदयपुर में 70.07 प्रतिशत वोट पड़े। अजमेर में 69.77 प्रतिशत, सीकर में 67.81 प्रतिशत, सिरोही में 66.90 प्रतिशत और जयपुर जिले में 62.88 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट डाले। कुल मिलाकर अलवर जिला सर्वाधिक मतदान वाले प्रमुख जिलों में शामिल रहा, जबकि कोटा नगर निगम का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा।



















