आज के बदलते दौर में युवाओं का दृष्टिकोण तेजी से बदल रहा है, जहां वे पारंपरिक करियर विकल्पों को छोड़कर खेलों की दुनिया में अपना भविष्य संवार रहे हैं। अक्सर खेल में करियर बनाने का मतलब केवल क्रिकेट या फुटबॉल समझा जाता था, लेकिन अब स्केटिंग भी युवाओं के लिए एक शानदार और सफल भविष्य का नया मार्ग बनकर उभरा है। यदि किसी खिलाड़ी में इस अनोखे खेल के प्रति सच्ची लगन और अटूट समर्पण हो, तो वह जिला और राज्य स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने देश और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकता है। इससे माता-पिता का नजरिया भी बदल रहा है और वे अपने बच्चों को बचपन से ही खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि खेलों में कड़ी मेहनत से न केवल शारीरिक विकास होता है बल्कि भविष्य में नौकरी और सम्मान के नए अवसर भी खुलते हैं।
पलामू के 12 खिलाड़ी मुंबई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दिखाएंगे हुनर
पलामू के स्थानीय युवाओं के बीच स्केटिंग अब एक बेहद लोकप्रिय और आकर्षक खेल के रूप में अपनी जगह बना चुका है। खिलाड़ियों द्वारा किए जा रहे कड़े अभ्यास और लगातार शानदार प्रदर्शन की बदौलत इस क्षेत्र ने पहले भी कई प्रतियोगिताओं में पदक अपने नाम किए हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए पलामू के 12 होनहार खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्केटिंग चैंपियनशिप के लिए किया गया है। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन मुंबई में होने जा रहा है, जहां पलामू के ये चयनित खिलाड़ी अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा और गति का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। चयन प्रक्रिया बेहद कड़ी थी जिसमें खिलाड़ियों के संतुलन, नियंत्रण और रफ्तार की परीक्षा ली गई। मुंबई जाने वाले ये 12 खिलाड़ी वहां विभिन्न राज्यों से आने वाले सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के साथ मुकाबला करेंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने की प्रेरणा मिलेगी।
कोच चंदन कुमार का एक दशक लंबा योगदान
पलामू जिले में स्केटिंग खेल को इस मुकाम तक पहुंचाने और इसे लोकप्रिय बनाने में स्थानीय कोच चंदन कुमार का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है। चंदन कुमार ने बताया कि वे साल 2012 से ही बच्चों और युवाओं को स्केटिंग की बारीकियां सिखा रहे हैं। पिछले कई सालों में उन्होंने न केवल पलामू में इस खेल को एक नई पहचान दी है, बल्कि कई बेहतरीन खिलाड़ियों की खेप भी तैयार की है। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित कई खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल मंचों पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेडल जीते हैं। वर्तमान समय में करीब 50 खिलाड़ी उनके संरक्षण में नियमित रूप से स्केटिंग का कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। चंदन कुमार ने उस समय पलामू में स्केटिंग की शुरुआत की थी जब लोग इस खेल के बारे में जानते तक नहीं थे। उन्होंने शून्य से शुरुआत करते हुए परिवारों को स्केटिंग के फायदों और इसकी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। पिछले 12 वर्षों के उनके अथक प्रयासों का ही नतीजा है कि आज माता-पिता खुद आगे बढ़कर अपने बच्चों का दाखिला उनके पास करा रहे हैं। उनकी दैनिक ट्रेनिंग में शारीरिक मजबूती के साथ-साथ रेस की रणनीतियों पर भी ध्यान दिया जाता है।
मेदिनीनगर के गांधी उद्यान में बना आधुनिक स्केटिंग ट्रैक
स्थानीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में बुनियादी ढांचे की उपलब्धता ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। मेदिनीनगर शहर के गांधी उद्यान में नगर निगम द्वारा एक विशेष स्केटिंग ट्रैक का निर्माण कराया गया है। यह आधुनिक ट्रैक स्थानीय स्केटिंग खिलाड़ियों के लिए किसी बड़े उपहार से कम नहीं है। खिलाड़ी यहां रोजाना बिना किसी बाधा के सुरक्षित माहौल में अभ्यास करते हैं। प्रतिदिन शाम को करीब 5 बजे से खिलाड़ियों का प्रशिक्षण सत्र शुरू होता है। इस अभ्यास सत्र में छोटे बच्चों से लेकर युवाओं तक का उत्साह देखने लायक होता है, जो अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए रोजाना पसीना बहाते हैं। इस ट्रैक के बनने से पहले खिलाड़ियों को पथरीली सड़कों या खाली पार्किंग स्थलों पर अभ्यास करना पड़ता था, जिससे चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता था। नगर निगम द्वारा गांधी उद्यान में बनाए गए इस सुगम और सुरक्षित ट्रैक ने खिलाड़ियों को बिना किसी डर के तीखे मोड़ों पर मुड़ने और तेज रफ्तार से ग्लाइड करने की सुविधा दी है।
करियर की अपार संभावनाएं और रविवार को मुफ्त प्रशिक्षण
खेल के जानकारों का मानना है कि स्केटिंग एक ऐसा खेल है जिसमें दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कोई भी खिलाड़ी जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की सीढ़ियां चढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक का सफर तय कर सकता है। आज के समय में खेल के क्षेत्र में रोजगार और करियर की संभावनाएं काफी बढ़ चुकी हैं, बस जरूरत इस बात की है कि बच्चों के जुनून को सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास का साथ मिले। नियमित स्केटिंग ट्रेनिंग के लिए खिलाड़ियों से 1,000 रुपये प्रति माह की फीस ली जाती है। हालांकि, इस खेल को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए एक विशेष सुविधा भी शुरू की गई है। स्केटिंग सीखने की इच्छा रखने वाले नए बच्चे और खिलाड़ी हर रविवार को गांधी उद्यान पहुंचकर पूरी तरह से निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। रविवार की इस विशेष क्लास के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, जो जरूरतमंद और उत्साही बच्चों के लिए अपने सपनों को उड़ान देने का एक सुनहरा मौका है।



















