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नाहन सांप्रदायिक टकराव में 12 गिरफ्तारियां, इलाके में निषेधाज्ञा और सीमाओं पर सख्त पहराहिमाचल प्रदेश
28 अक्तू॰ 2026, 12:35 pm (9 दिन पहले)· 1

नाहन सांप्रदायिक टकराव में 12 गिरफ्तारियां, इलाके में निषेधाज्ञा और सीमाओं पर सख्त पहरा

सिरमौर के नाहन में वाल्मीकि गेट मरम्मत विवाद को लेकर भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने 12 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि शांति बहाली के लिए धारा 163 लागू की गई है।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय में उपजे तनाव के सिलसिले में सुरक्षाबलों ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों के एक दर्जन लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। नाहन कस्बे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के इरादे से प्रशासन ने निषेधाज्ञा लगा रखी है, जिसके तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के प्रतिबंध 26 अक्टूबर की संध्या से प्रभावी होकर 29 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। इस बीच पंजाब से पहुंचे सामाजिक व धार्मिक प्रतिनिधियों ने दोनों गुटों के बीच सुलह कराने और आपसी तालमेल बहाल करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।

गिरफ्तारियों का सिलसिला और पुलिस की पूछताछ

सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने पुष्टि की है कि उपद्रव भड़काने के आरोप में दोनों पक्षों से जुड़े 12 लोगों को देर रात गिरफ्तार किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटनाक्रम की गहन छानबीन जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। इससे पहले सदर थाना नाहन की टीम ने 27 अक्टूबर की शाम दोनों पक्षों के 10 से 12 संदिग्धों को थाने तलब किया था, जहां उनसे घंटों पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल पूरी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

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गेट मरम्मत से शुरू हुआ था टकराव

स्थानीय स्तर पर उपजे इस विवाद की जड़ वाल्मीकि गेट के जीर्णोद्धार का काम था। इस निर्माण कार्य को लेकर दो अलग-अलग मोहल्लों के निवासियों के बीच असहमति पैदा हो गई थी। देखते ही देखते यह तनातनी 23 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती से ठीक दो दिन पहले भीषण हिंसक रूप ले बैठी। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर फेंके गए, जिससे सड़क पर भगदड़ मच गई।

उपद्रवियों ने न केवल एक कबाड़ के गोदाम में आग लगा दी, बल्कि मौके पर पहुंचे तहसीलदार के सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव और झड़प के दौरान इलाके के थाना प्रभारी (एसएचओ) सहित करीब 14 नागरिक और पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। हालांकि, व्यापक पुलिस बंदोबस्त के बीच 26 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती की शोभायात्रा बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करा ली गई थी।

पंजाब से पहुंचे प्रतिनिधियों ने की भाईचारे की अपील

पड़ोसी राज्य पंजाब से कुछ संगठनों के नाहन पहुंचने के आह्वान के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर धारा 163 लागू की थी, ताकि कोई बाहरी तत्व माहौल न बिगाड़ सके। मंगलवार को पंजाब बुड्ढा दल के जत्थेदार अवतार सिंह तथा वाल्मीकि तीर्थ अमृतसर के महासचिव बिल्लू वाल्मीकि नाहन पहुंचे और प्रेस वार्ता की।

"दोनों पक्षों को शांतिपूर्वक बैठकर मसले का हल निकालना चाहिए ताकि आपसी सौहार्द न बिगड़े।"

दोनों प्रतिनिधियों ने आम जनता से उकसावे में न आने और शांति बनाए रखने का आग्रह किया। इधर नगर की सीमाओं पर पुलिस का पहरा सख्त कर दिया गया है। मंगलवार सुबह से नाहन में प्रवेश करने वाली प्रत्येक गाड़ी की सघन तलाशी ली जा रही है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।

सवाल-जवाब

नाहन हिंसा मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
सिरमौर पुलिस ने दोनों पक्षों से जुड़े 12 लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले में अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
नाहन में धारा 163 कब तक लागू रहेगी?
प्रशासन ने यह निषेधाज्ञा 26 अक्टूबर की शाम से 29 अक्टूबर तक के लिए लागू की है।
इस झड़प में कितने लोग घायल हुए थे?
घटना के दौरान सदर थाना प्रभारी (एसएचओ) समेत लगभग 14 लोग घायल हुए थे।
दो पक्षों के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या थी?
यह पूरा विवाद नाहन में वाल्मीकि गेट के नवीनीकरण और मरम्मत कार्य को लेकर दो मोहल्लों के बीच शुरू हुआ था।
शांति बहाली के लिए पंजाब से कौन से प्रतिनिधि पहुंचे हैं?
पंजाब बुड्ढा दल के जत्थेदार अवतार सिंह और वाल्मीकि तीर्थ अमृतसर के महासचिव बिल्लू वाल्मीकि ने नाहन पहुंचकर दोनों पक्षों से शांति की अपील की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·8 दिन पहले

दो साल पहले जब हमारे यहाँ एक छोटे से गेट के रंग-रोगन पर बात बढ़ी थी, तो देखते ही देखते बात लाठियों तक पहुँच गई थी। एक छोटी सी बहस कैसे पूरा मोहल्ला जला देती है, यह मैंने अपनी आँखों से देखा है। प्रशासन कितनी भी धारा लगा ले, जब तक लोग खुद आगे आकर हाथ नहीं मिलाएंगे, डर हमेशा बना रहता है।

Ravikash Gupta@ravikash·9 दिन पहले

छोटी सी बात पर ऐसा पत्थरबाजी करना और गोदाम जला देना बिल्कुल पागलपन है। पुलिस ने सही किया जो दोनों तरफ के लोगों को उठाया, वरना माहौल और खराब हो जाता।

Arjun Mehta@arjun-mehta·9 दिन पहले

रविकेश जी, बात तो आपकी ठीक है, पर ये समझ नहीं आया कि गेट की मरम्मत को लेकर बात इतनी कैसे बढ़ गई कि सीधे गाड़ी जलाने तक नौबत आ गई?

Rohan Verma@rohan-verma·9 दिन पहले

छोटी सी बात पर गेट की मरम्मत का झगड़ा इतना बढ़ गया कि पुलिस बुलानी पड़ी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 दिन पहले

रोहन भाई, गेट की मरम्मत पर बात इतनी बढ़ी कि एसएचओ तक घायल हो गए और 14 लोग चोटिल हो गए। थाने में पूछताछ और धारा 163 से ही समझ आ रहा है कि मामला कितना गंभीर था।

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