त्योहारी सीजन के आगमन के साथ ही देश की आर्थिक राजधानी में आतिशबाजी से जुड़ी गतिविधियों पर प्रशासनिक शिकंजा कस गया है। सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से महानगर के अधिकार क्षेत्र में बिना मंजूरी वाले बारूदी सामान की आवाजाही तथा व्यवसाय पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
प्रतिबंध का दायरा और समय सीमा
यह नियामक व्यवस्था 3 नवंबर से प्रभावी होकर 2 दिसंबर तक लागू रहेगी। इस पूरी अवधि के दौरान बृहन्मुंबई के किसी भी खुले या साझा स्थान पर पटाखों का अनधिकृत डिस्प्ले करना, उन्हें बेचना, उनका स्टॉक जमा करना अथवा व्यवसायिक मकसद से माल की ढुलाई करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल अधिकृत अनुमति पत्र धारक ही निर्धारित नियमों के तहत संचालन कर सकेंगे।
कानूनी प्रावधान और प्रशासनिक आदेश
इस कड़े निर्देश को पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशंस) तथा कार्यकारी मजिस्ट्रेट अकबर पठान द्वारा औपचारिक रूप से जारी किया गया है। उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का सहारा लेते हुए यह कदम उठाया। इसके लिए अधिनियम की धारा 33 (1) (एच) और धारा 10 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किया गया है, ताकि त्योहारों के दौरान किसी भी किस्म की अव्यवस्था या जनहानि से बचा जा सके।



















