राम नगरी अयोध्या अपने दसवें भव्य दीपोत्सव के स्वागत के लिए पूरी तरह सजकर तैयार हो चुकी है। इस बार सरयू नदी के पावन तटों पर रोशनी का एक नया कीर्तिमान स्थापित करने का व्यापक खाका तैयार किया गया है। उत्सव की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी के 56 अलग-अलग घाटों पर मिट्टी के दीयों को करीने से सजाने के लिए 35 हजार स्वयंसेवकों की विशाल टीम मैदान में उतारी गई है। इन घाटों पर 30 लाख से लेकर 33 लाख तक दीये प्रज्वलित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड दर्ज करेगा। मुख्य आयोजन से पहले शुक्रवार को राम की पैड़ी सहित तमाम चिन्हित घाटों पर अंतिम रिहर्सल पूरी की जा रही है, जिसके अगले दिन दीप प्रज्वलन का मुख्य समारोह आयोजित होगा।
सरयू के घाटों पर रिकॉर्ड बनाने की व्यापक तैयारी
अयोध्या में आयोजित होने वाला यह दीपोत्सव इस मायने में भी खास है क्योंकि उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह इस कार्यकाल की अंतिम दिवाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश की जनता के नाम एक विशेष पत्र जारी किया था, जिसमें उन्होंने दीपोत्सव की मूल भावना को रेखांकित करते हुए लोगों को इस पावन पर्व से जुड़ने का संदेश दिया था। इस बार नदी किनारे बने 56 घाटों को विशेष ज्यामितीय आकारों में दीपों से सजाया गया है। राम की पैड़ी से लेकर दूर-दराज के घाटों तक फैले इस आयोजन में लाखों दीपों की रोशनी एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत करेगी। स्वयंसेवकों ने तेल डालने, बाती लगाने और दीयों की सटीक गणना के लिए हफ्तों पहले से योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया था।
बीते वर्षों में लगातार बढ़ता दीपों का कारवां
साल दर साल अयोध्या के दीपोत्सव का दायरा तेजी से बढ़ा है और हर वर्ष पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा गया है। यदि आंकड़ों पर नजर डालें, तो साल 2021 के आयोजन में 9.41 लाख दीपक प्रज्वलित किए गए थे। इसके बाद साल 2022 में यह संख्या बढ़कर 15.76 लाख तक पहुंच गई। निरंतर जारी इस सिलसिले में साल 2023 के दौरान 22.23 लाख दीये जलाए गए, जबकि साल 2024 में 25.12 लाख दीपों का नया आंकड़ा हासिल किया गया। पिछले साल यानी 2025 में 26.17 लाख दीपों से पूरी अयोध्या नगरी जगमगा उठी थी। अब 2026 के इस दसवें दीपोत्सव में 30 से 33 लाख दीपकों को एक साथ प्रज्वलित करके विश्व पटल पर एक नया इतिहास लिखने की मुकम्मल तैयारी है।
आकाश में 2100 ड्रोन रचेंगे रामायण के प्रसंग
इस बार जमीन पर दीयों की रोशनी के साथ-साथ आसमान में भी एक अनूठा दृश्य देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी के ऊपर 2,100 अत्याधुनिक ड्रोन के जरिए एक विशेष लेजर और ड्रोन शो का आयोजन किया जा रहा है। इस शो के माध्यम से रामायण काल के प्रमुख प्रसंगों, भगवान राम के जीवन चरित्र और अयोध्या वापसी के गौरवशाली क्षणों को आकाश में जीवंत आकृतियों के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह आधुनिक तकनीकी प्रदर्शन दीपोत्सव में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ जुटने की संभावना है।
सुरक्षा का कड़ा चक्रव्यूह और पुख्ता बंदोबस्त
लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और गणमान्य अतिथियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाया गया है। समूचे अयोध्या शहर और मेला क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 20 जोन और 53 सेक्टर में विभाजित किया गया है। चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखने के लिए जिला पुलिस बल के अलावा पीएसी और सीआरपीएफ की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन दल की गाड़ियां निरंतर अलर्ट मोड पर रखी गई हैं। घाटों के आसपास और संवेदनशील स्थानों पर विशेष बैरिकेडिंग और सीसीटीवी निगरानी भी सुनिश्चित की गई है।



















