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नीट-यूजी प्रदर्शन हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस, हलफनामे में किए कई बड़े खुलासेभारत
18 अग॰ 2026, 1:39 pm (2 घंटे पहले)· 2

नीट-यूजी प्रदर्शन हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस, हलफनामे में किए कई बड़े खुलासे

दिल्ली पुलिस ने नीट-यूजी पेपर लीक प्रदर्शन में हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है, जिसमें 30 हजार की भीड़ के हिंसक होने और 2,873 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है।

दिल्ली में नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक को लेकर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा पर दिल्ली पुलिस ने उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर किया है। शीर्ष अदालत को सौंपे गए दस्तावेज में पुलिस ने खुलासा किया है कि जंतर-मंतर पर जमा हुई 30 हजार लोगों की भीड़ अत्यंत उग्र हो गई थी, जिसके कारण शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

हलफनामे में पुलिस के बड़े खुलासे

दिल्ली पुलिस ने अपने हलफनामे में जानकारी दी है कि जंतर-मंतर पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में शामिल करीब 2,873 लोगों पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर बनाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ दिया और सुरक्षाकर्मियों पर सीधा हमला कर दिया। इस हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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बल प्रयोग और आरोपों पर सफाई

प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक या गैर-कानूनी बल प्रयोग करने के आरोपों को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए ही सीमित कदम उठाए गए थे। पुलिस ने सोशल मीडिया पर लगाए गए उन दावों को भी पूरी तरह नकार दिया जिनमें कील लगी लाठियों के इस्तेमाल की बात कही गई थी। शीर्ष अदालत को बताया गया कि जब हिंसा भड़क रही थी, तब मंच के पीछे मौजूद आयोजक मूकदर्शक बने रहे और उन्होंने भीड़ को शांत करने का कोई प्रयास नहीं किया।

सवाल-जवाब

दिल्ली पुलिस ने किस मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया?
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर हुए सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर हलफनामा दायर किया है।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन में कितनी भीड़ मौजूद थी?
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर लगभग 30 हजार लोगों की भीड़ जमा हो गई थी जो बाद में हिंसक हो गई।
प्रदर्शनकारियों के आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में पुलिस ने क्या बताया?
हलफनामे में कहा गया है कि प्रदर्शन में शामिल करीब 2,873 लोगों पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं।
क्या पुलिस ने कील वाली लाठी का इस्तेमाल करने के आरोपों को स्वीकार किया?
नहीं, दिल्ली पुलिस ने अदालत में कील लगी लाठियों के इस्तेमाल की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
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