जंतर-मंतर पर उपजे विरोध प्रदर्शनों और NEET पेपर लीक मामले में बढ़ते जन-आक्रोश के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना पद छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद, जेन-जी युवाओं की नुमाइंदगी करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का कहना है कि उनका यह आंदोलन यहीं समाप्त नहीं हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महीने भर से अधिक समय तक चले कठिन प्रदर्शन को फिलहाल रोककर संगठन ने अपनी भावी मुहिम की तैयारी शुरू कर दी है। आगे की रणनीति तय करने के मकसद से CJP प्रमुख अभिजीत दीपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर पर 5 अगस्त को कोर कमेटी की एक अहम बैठक रखी गई है।
छात्रों के विचारों के आधार पर तैयार होगी आगे की रणनीति
जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक कड़ी धूप और बारिश की परवाह किए बिना डटे रहने वाले कार्यकर्ताओं को अभी कुछ दिनों के लिए अपने घर जाकर परिजनों के साथ समय बिताने को कहा गया है। वहीं, CJP के कोर सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करें। इन वार्ताओं के जरिए युवाओं के सुझावों का एक संपूर्ण ड्राफ्ट तैयार कर बैठक में पेश किया जाएगा। संभाजीनगर में होने वाले इस मंथन के बाद 5 अगस्त को ही CJP एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी आगामी रणनीतियों की आधिकारिक घोषणा करेगी।
आत्मीय मुलाकात और फ्रेंडशिप डे के बीच सख्त राजनीतिक तेवर
संगठनात्मक बैठकों की हलचल के बीच छत्रपति संभाजीनगर में अभिजीत दीपके का एक आत्मीय रूप भी नजर आया। उन्होंने अपने निवास पर आसपास के जिलों से आए नागरिकों, छात्रों और समर्थकों से भेंट की और बच्चों के साथ फ्रेंडशिप डे भी मनाया। हालांकि, प्रशासनिक और राजनीतिक मसलों पर उनके तेवर पहले की तरह ही तल्ख बने हुए हैं।
20 जुलाई के संसद मार्च पर माफी और पूर्ण न्याय की मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने मांग की कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों को भटका हुआ बताने के बजाय अपनी कमियों को स्वीकार करना चाहिए। CJP के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा महज पहली कामयाबी है और जब तक अभ्यर्थियों को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा।



















