हरियाणा के पानीपत जिले में जींद-पानीपत मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के बीच ग्रामीणों के भारी विरोध का मामला सामने आया है। अपने विधानसभा क्षेत्र से पानीपत की ओर जा रहे कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार के काफिले को सौदापुर गांव के पास स्थानीय लोगों ने रोक लिया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा दुकानों और मकानों पर लगाए गए लाल निशानों तथा संभावित तोड़फोड़ को लेकर मंत्री के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। मौके की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को डिमोलिशन की कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए।
फोरलेन परियोजना और लाल निशानों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
सौदापुर गांव पानीपत-जींद मार्ग पर स्थित है, जहां यातायात के भारी दबाव को देखते हुए फोरलेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इस मार्ग को चौड़ा करने की प्रक्रिया के तहत लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने गांव की कई दुकानों और मकानों पर निशानदेही की थी। विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर ढांचों को गिराने की तैयारी कर रही थी, जिससे ग्रामीणों और व्यापारियों में अपनी आजीविका को लेकर भारी चिंता फैल गई थी। जैसे ही मंत्री का काफिला वहां पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर आ गए और वाहन रोककर अपनी परेशानी साझा की।
184 करोड़ रुपये की लागत और नाले के ऊपर सड़क बनाने का भरोसा
ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पवार ने मौके पर ही लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश जारी किए कि फिलहाल किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ न की जाए। मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जींद से पानीपत के बीच यातायात का दबाव बेहद ज्यादा रहता है, जिसके चलते सरकार ने इस परियोजना के लिए 184 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी है। सौदापुर क्षेत्र के लिए भी हाईवे तैयार किया जाएगा, लेकिन सड़क निर्माण के दौरान स्थानीय व्यापारियों की किसी भी दुकान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।
मंत्री ने निर्माण कार्य की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि सड़क को नाले के ऊपर से निकाला जाएगा ताकि किसी भी व्यावसायिक ढांचे को क्षति न पहुंचे। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुकानों की एक भी ईंट नहीं टूटने दी जाएगी और सड़क निर्माण का कार्य भी बिना किसी रुकावट के पूरा किया जाएगा।
व्यापारियों ने बयां किया आजीविका का संकट
मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी राजू ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने दुकानों के आगे लगभग 1 से 3 फीट तक के हिस्से को तोड़ने के लिए निशानदेही की थी। यदि यह तोड़फोड़ होती, तो कई परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता। ग्रामीण ने बताया कि मंत्री ने तत्काल अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को फोन लगाकर कार्रवाई रोकने के आदेश दिए, जिससे स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिली है। अब ग्रामीण स्तर पर इस बात का इंतजार है कि विभागीय स्तर पर संशोधित योजना को किस प्रकार लागू किया जाता है।
























