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फरीदाबाद में पति पर जानलेवा हमले के बाद जब बची जान, तो पत्नी ने प्रेमी के संग मिलकर रेता गलाहरियाणा
24 अक्तू॰ 2026, 12:13 pm (13 दिन पहले)· 2

फरीदाबाद में पति पर जानलेवा हमले के बाद जब बची जान, तो पत्नी ने प्रेमी के संग मिलकर रेता गला

हरियाणा के फरीदाबाद में 37 वर्षीय गोपाल को पहले मरा समझकर खेतों में फेंका गया, फिर होश में आकर पत्नी से मदद मांगने पर उसे बंधक बनाकर चाकू से गोद डाला गया।

हरियाणा के फरीदाबाद औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले 37 वर्षीय कपड़ा फैक्ट्री कर्मी गोपाल की हत्या की परतें जब खुलीं, तो पारिवारिक विश्वास और रिश्तों की भयानक हकीकत सामने आ गई। जिस जीवनसंगिनी पर भरोसा करके जख्मी हालत में गोपाल ने फोन मिलाया था, उसी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी जान ले ली। इस खौफनाक वारदात के तार उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से लेकर फरीदाबाद की गलियों तक फैले हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पत्नी काजल और उसके प्रेमी योगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।

दो दशक की मेहनत और शादीशुदा जिंदगी में दरार

उत्तर प्रदेश के हाथरस अंतर्गत आने वाले गांव कुंवरपुर के मूल निवासी गोपाल पिछले लगभग 20 वर्षों से फरीदाबाद में एक कपड़ा निर्माण फैक्ट्री में बतौर मशीन ऑपरेटर काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। करीब 16 वर्ष पहले गोपाल और काजल का प्रेम विवाह कानूनी प्रक्रिया यानी कोर्ट मैरिज के जरिए संपन्न हुआ था। दांपत्य जीवन सामान्य गति से चल रहा था, लेकिन पिछले तीन सालों के दौरान काजल की नजदीकियां गोपाल के ही दोस्त योगेंद्र के साथ बढ़ने लगीं। धीरे-धीरे दोनों के बीच अवैध संबंध स्थापित हो गए, जिसकी भनक गांव और समाज तक पहुंच गई।

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तकरीबन एक साल पहले गांव के स्थानीय वॉट्सऐप ग्रुपों में काजल और योगेंद्र की बेहद आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल हो गई थीं। उस वक्त काजल ने बड़ी ही चालाकी से गोपाल को यह कहकर बरगला दिया कि यह तस्वीरें फर्जी हैं और किसी ने AI तकनीक का इस्तेमाल करके उन्हें बदनाम करने की साजिश रची है। गोपाल ने उस समय पत्नी की बातों पर यकीन कर लिया, मगर बीते कुछ महीनों से उसे दोनों के चाल-चलन पर गहरा शक होने लगा था। फोन पर पति-पत्नी के बीच अक्सर इस मुद्दे को लेकर तीखी तकरार होने लगी थी। विवाद इतना बढ़ गया कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी काजल और योगेंद्र के रिश्ते के बारे में स्पष्ट पता चल गया था। अपने रिश्ते के राजफाश और रोज के झगड़ों से छुटकारा पाने के लिए दोनों आरोपियों ने गोपाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

धार्मिक यात्रा का झांसा देकर चलती कार में हमला

गोपाल के भाई भूरे द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और बयानों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को योगेंद्र फरीदाबाद पहुंचा। उसने गोपाल को प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम दर्शन के लिए चलने का झांसा दिया। गोपाल अपने दोस्त की मंशा से अनजान होकर उसके साथ गाड़ी में बैठ गया। सफर के दौरान सुनसान रास्ते पर योगेंद्र ने गोपाल पर हमला कर दिया। कार के भीतर मारपीट करते हुए गोपाल के गले में गमछे का फंदा कस दिया गया, जिससे वह अचेत हो गया। योगेंद्र उसे मृत मान बैठा और शव को ठिकाने लगाने के इरादे से फरीदाबाद के वीरान खेतों में फेंककर मौके से फरार हो गया।

मदद की गुहार बनी मौत का बुलावा

हमले के बावजूद गोपाल की सांसें थमी नहीं थीं। कुछ घंटों बाद जब उसे होश आया, तो उसने आसपास मौजूद स्थानीय ग्रामीणों की मदद ली और सीधे अपनी पत्नी काजल को फोन करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उसने पत्नी से फौरन मदद भेजने की गुहार लगाई, लेकिन यह कॉल उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुई। खबर मिलते ही गोपाल की बेटी शालिनी मौके पर पहुंची और उसे वहां से लेकर पल्ला इलाके के एक सुरक्षित ठिकाने पर ले जाया गया। आरोप है कि वहां गोपाल को होश में आने से रोकने के लिए लगातार नशीले इंजेक्शन दिए गए, ताकि वह किसी बाहरी व्यक्ति या पुलिस से संपर्क न साध सके।

चाकू से ताबड़तोड़ वार कर ली जान

वारदात की योजना को अंतिम रूप देने के लिए 13 अक्टूबर को काजल हाथरस से फरीदाबाद पहुंची। इसके ठीक अगले दिन 14 अक्टूबर को योगेंद्र को भी पल्ला स्थित उसी ठिकाने पर बुला लिया गया। आरोप है कि 14 अक्टूबर की देर रात जब गोपाल बेसुध पड़ा था, तब काजल और योगेंद्र ने उस पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। गोपाल की गर्दन पर चाकू से कई गहरे वार किए गए, जिससे मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।

बदमाशों के हमले की झूठी कहानी और गिरफ्तारी

हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी काजल ने खुद को बेकसूर दिखाने के लिए अपने ससुराल वालों और पड़ोसियों के सामने मनगढ़ंत कहानी गढ़ी। उसने दावा किया कि रात के अंधेरे में कुछ अज्ञात हथियारबंद बदमाश घर में घुस आए थे और उन्होंने गोपाल के साथ मारपीट कर उसे मार डाला। हालांकि जब पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और काजल से कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो उसकी झूठी कहानी टिक नहीं सकी। पुलिस पूछताछ के दौरान उसने प्रेमी योगेंद्र के साथ मिलकर पति की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी दी कि मामले की त्वरित तफ्तीश करते हुए पुलिस ने काजल और योगेंद्र दोनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। जहां तक परिवार की ओर से गोपाल की बेटी शालिनी पर लगाए जा रहे आरोपों का सवाल है, पुलिस प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि अब तक की विस्तृत जांच में शालिनी की किसी भी तरह की आपराधिक भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस इस मामले में इस्तेमाल किए गए चाकू, वाहन और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है।

सवाल-जवाब

गोपाल हत्याकांड में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मृतक की 16 साल पुरानी पत्नी काजल और उसके प्रेमी योगेंद्र को गिरफ्तार किया है।
गोपाल फरीदाबाद में क्या काम करते थे?
गोपाल पिछले करीब 20 वर्षों से फरीदाबाद की एक कपड़ा फैक्ट्री में मशीन ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे।
आरोपियों ने पहली बार गोपाल पर हमला कैसे किया था?
योगेंद्र ने खाटूश्याम ले जाने के बहाने कार में बैठाया और गमछे से गला घोंटकर मरा समझकर फरीदाबाद के खेतों में फेंक दिया था।
गोपाल की जान अंततः कैसे ली गई?
जब गोपाल बच गया, तो उसे पल्ला इलाके में नशीले इंजेक्शन देकर रखा गया और 14 अक्टूबर की रात चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी गई।
क्या इस मामले में गोपाल की बेटी भी शामिल थी?
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, अब तक की जांच में गोपाल की बेटी शालिनी की कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
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टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·12 दिन पहले

इंसान अपनी जान बचाकर जिस पत्नी के पास मदद मांगने भागा, उसी ने उसे मौत के मुंह में धकेल दिया, यह बात गले उतरती नहीं। थोड़ा अजीब लगता है कि कोई इतने धोखे के बाद भी सीधे हत्यारे के पास ही कैसे पहुंच गया।

Ravikash Gupta@ravikash·13 दिन पहले

AI तस्वीरों वाली सफाई पर भरोसा करके आदमी ने अपनी ही जान का जोखिम मोल ले लिया।

Arjun Mehta@arjun-mehta·13 दिन पहले

रविकेश जी, बात तो सही है, लेकिन जब कोई अपने ही घर में हो तो किस-किस पर शक करे आदमी?

Rohan Verma@rohan-verma·13 दिन पहले

इंसानियत और भरोसे का कत्ल कर दिया गया है। जब जानलेवा हमले के बाद पति ने मदद के लिए पत्नी को ही फोन किया होगा, तो उसके दिल पर क्या बीती होगी? ऐसे दरिदों को सख्त से सख्त सजा कब मिलेगी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·13 दिन पहले

रोहन भाई, खाटूश्याम जाने के नाम पर ऐसा धोखा देगा दोस्त, ये तो कोई सपने में भी नहीं सोच सकता।

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