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प्रगति की 52वीं बैठक में मोदी का सख्त संदेश, 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स में अब नहीं चलेगी ढिलाईभारत
25 जून 2026, 12:02 am (125 दिन पहले)· 2

प्रगति की 52वीं बैठक में मोदी का सख्त संदेश, 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स में अब नहीं चलेगी ढिलाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति की 52वीं बैठक में चार राज्यों के करीब 30 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की और देरी पर सख्ती दिखाई। बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान और साइबर क्राइम पर भी अहम निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को प्रगति मंच की 52वीं बैठक की अगुवाई करते हुए चार बड़ी परियोजनाओं की बारीकी से समीक्षा की। इन प्रोजेक्ट्स पर कुल मिलाकर करीब 30 हजार करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं और ये देश के चार अलग-अलग राज्यों में चल रहे हैं। बैठक में सड़क, बिजली, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मेट्रो रेल जैसे जरूरी सेक्टर्स पर बात हुई। पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट में देरी होने का सीधा मतलब है लागत का बढ़ना, और इसका खामियाजा आम जनता और इंडस्ट्री दोनों को उठाना पड़ता है क्योंकि उन्हें वक्त पर फायदा नहीं मिल पाता।

उन्होंने संबंधित मंत्रालयों से मिशन मोड में जुटने को कहा। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि ये प्रोजेक्ट्स जितनी जल्दी हो सके पूरे हो जाएं। पीएम ने पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया और कहा कि पोर्टल पर हर अपडेट समय पर दर्ज होना चाहिए, ताकि जमीनी हालात की असली तस्वीर सामने आए और काम में रफ्तार आए।

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गतिशक्ति प्लान कैसे बढ़ाएगा प्रोजेक्ट की रफ्तार

पीएम मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सटीक प्लानिंग को सबसे अहम बताया और इसके लिए पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान को बेहद जरूरी करार दिया। उनका कहना था कि हर प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल और हर मंजूरी पोर्टल पर अपडेट होनी चाहिए, और वहां हमेशा एकदम ताजा जानकारी मौजूद रहे।

इसका सीधा फायदा यह होगा कि किसी भी रुकावट का पता पहले ही चल जाएगा और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल भी मजबूत होगा। रीयल टाइम डेटा के आधार पर सही समय पर फैसले लिए जा सकेंगे, जिससे 30 हजार करोड़ के ये प्रोजेक्ट्स बिना किसी अड़चन के पूरे हो पाएंगे।

टीबी मुक्त भारत में AI और डिजिटल तकनीक

बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा हुई। पीएम मोदी ने इस मुहिम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर खास जोर दिया। नई डिजिटल तकनीकों की मदद से मरीजों का सही डेटा रखना आसान होगा। इसके साथ ही जागरूकता बढ़ाने और मरीजों के फॉलो-अप को लेकर भी अलग से निर्देश दिए गए।

पीएम ने एक सुझाव यह भी दिया कि एनसीसी कैडेट्स और ‘माय भारत’ वॉलंटियर्स की एक टीम बनाई जाए, जो कम्युनिटी लेवल पर लोगों को जागरूक करने का काम करे। इससे टीबी को जड़ से मिटाने का लक्ष्य और तेजी से हासिल किया जा सकेगा।

साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट पर सख्ती

आजकल साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़े हैं। पीएम मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के इस गलत इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मासूम नागरिकों को ठगने वाले ऐसे मामलों का जल्द से जल्द निपटारा होना चाहिए और सभी एजेंसियों को संवेदनशीलता दिखाते हुए तय समय में कार्रवाई करनी होगी।

उनका कहना था कि शिकायत दर्ज कराने के लिए आम आदमी को परेशान न होना पड़े और उसे एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर न काटने पड़ें। इसके लिए पुलिस, बैंक और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बीच बेहतर तालमेल बहुत जरूरी है।

ई-जीरो एफआईआर से साइबर ठगों पर लगाम

साइबर फ्रॉड के मामलों में लोगों के पैसे बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई जरूरी है। पीएम मोदी ने साफ कहा कि लोगों का भरोसा बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए प्रिवेंशन, रिपोर्टिंग और इन्वेस्टिगेशन की पूरी व्यवस्था को और मजबूत करना होगा।

उन्होंने राज्यों से ई-जीरो एफआईआर सिस्टम को लागू करने की अपील की। इस व्यवस्था से साइबर अपराध की शिकायत फौरन दर्ज हो सकेगी और पुलिस को तुरंत एक्शन लेने में आसानी होगी। सही समय पर शिकायत दर्ज होने से साइबर ठगों के नापाक मंसूबों को नाकाम किया जा सकेगा।

सवाल-जवाब

प्रगति की यह कौन सी बैठक थी?
यह प्रगति मंच की 52वीं बैठक थी, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को की।
बैठक में कितने प्रोजेक्ट्स की समीक्षा हुई और उनकी लागत कितनी है?
चार बड़े प्रोजेक्ट्स की समीक्षा हुई, जिनकी कुल लागत करीब 30 हजार करोड़ रुपए है।
ये प्रोजेक्ट्स किन सेक्टर्स से जुड़े हैं?
ये प्रोजेक्ट्स सड़क, बिजली, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मेट्रो रेल जैसे सेक्टर्स से जुड़े हैं और देश के चार राज्यों में चल रहे हैं।
पीएम गतिशक्ति प्लान का मकसद क्या है?
इसका मकसद प्रोजेक्ट्स की सटीक प्लानिंग करना है, ताकि रुकावटों का पहले पता चले, एजेंसियों में तालमेल बढ़े और रीयल टाइम डेटा पर फैसले लिए जा सकें।
टीबी मुक्त भारत अभियान में नया क्या है?
इसमें AI और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया, साथ ही एनसीसी कैडेट्स और ‘माय भारत’ वॉलंटियर्स की टीम बनाने का सुझाव दिया गया।
ई-जीरो एफआईआर सिस्टम से क्या फायदा होगा?
इस सिस्टम से साइबर क्राइम की शिकायत तुरंत दर्ज हो सकेगी और पुलिस को फौरन कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
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