इंदौर के रहने वाले 50 साल के निशांत जोशी सोमवार रात से अचानक लापता हो गए थे, और तीन दिन की लगातार तलाश के बाद उनका शव खरगोन जिले के पास नर्मदा नदी से बरामद हुआ। निशांत एरिया सेल्स मैनेजर थे और उनकी सूनी पड़ी कार मंडलेश्वर के नर्मदा पुल पर लावारिस हालत में मिली थी। इसी कार से एक हाथ से लिखा नोट और मानसिक उपचार से जुड़े दस्तावेज भी मिले, जिसने पूरी कहानी का रुख तय कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती तौर पर आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
कार में रखा वह नोट जिसने सबको झकझोर दिया
मंडलेश्वर नर्मदा पुल पर जब पुलिस को निशांत की लावारिस कार मिली, तो वाहन की तलाशी में एक हस्तलिखित नोट हाथ लगा। इस नोट में निशांत ने अपने चचेरे भाई डॉ. विवेक जोशी और उनकी पत्नी से अपनी बेटी का ध्यान रखने की अपील की थी। कार से एक मानसिक रोग विशेषज्ञ के इलाज से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए। इन हालात को देखते हुए पुलिस को आशंका हुई कि निशांत ने नर्मदा नदी में छलांग लगा दी हो सकती है, और इसी आधार पर SDRF की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया गया।
बुधवार सुबह से चली नदी में सर्चिंग
मंडलेश्वर थाना क्षेत्र की टीम बुधवार की सुबह से ही नर्मदा नदी में सर्च अभियान में जुटी हुई थी। इसी दौरान गांधी नगर इलाके में नदी के भीतर एक शव दिखने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस और SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। शव को बाहर निकाला गया तो उसकी पहचान इंदौर के राजेंद्र नगर निवासी 50 वर्षीय निशांत जोशी के रूप में हुई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त की।
कौन थे निशांत जोशी
निशांत इंदौर की हेवीनोल पेट्रो केमिकल्स कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर काम कर रहे थे। वह सोमवार रात से लापता चल रहे थे। उनकी पत्नी मंदसौर में एसपी नारकोटिक्स के पद पर पदस्थ हैं।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
लगातार तलाश के बाद आज निशांत का शव नर्मदा नदी में मिल गया। टीआई पंकज तिवारी ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस मामले के हर बिंदु पर पड़ताल कर रही है।













