कोटा शहर में एक कथित व्हाट्सएप ग्रुप को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस ने विजयनगर निवासी मनीष शर्मा उर्फ मोइन खान को गिरफ्तार कर लिया है. शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस ग्रुप में हिंदू लड़कियों और महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाने, उनका धार्मिक और मानसिक शोषण करने और आपत्तिजनक सामग्री तैयार कर ब्लैकमेल करने जैसी बातें खुलेआम की जाती थीं. मामले में मनीष शर्मा को मुख्य आरोपी बताया गया है.
शिकायत के मुताबिक, ग्रुप में कथित तौर पर ऐसे संदेश साझा किए जाते थे जिनमें हिंदू युवतियों को प्रेम संबंधों के जरिए फंसाने, उन्हें गर्भवती करने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने की बातें लिखी होती थीं. इतना ही नहीं, नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेल करने से जुड़ी चर्चाओं का भी दावा किया गया है.
विदेशी संपर्कों और साजिश के आरोप
शिकायतकर्ता योगेश रेनवाल, जिन्हें बजरंग दल से जुड़ा बताया जा रहा है, उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से टेलीग्राम, स्नैपचैट और डिस्कॉर्ड जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान से जुड़े कुछ लोगों या संगठनों के संपर्क में था. शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने कथित तौर पर अपना नाम बदलकर मोइन खान रख लिया था और धर्म परिवर्तन कर लिया था. आरोप है कि इन विदेशी संपर्कों के जरिए हिंदू लड़कियों और महिलाओं को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी.
एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, आरोपी महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर धार्मिक अपमान करवाने, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और आपत्तिजनक सामग्री तैयार करने में शामिल था. शिकायतकर्ताओं का दावा है कि ऐसी सामग्री को आगे फैलाने की भी योजना बनाई जा रही थी.
ऑडियो क्लिप और डिजिटल सबूतों की जांच
मामले से जुड़ी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में शादीशुदा हिंदू महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के वीडियो बनाने और उनमें धार्मिक प्रतीकों को प्रमुखता से दिखाने की बात होने का दावा किया गया है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री बरामद हुई है. पुलिस इन सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है.
कब और किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
विजयनगर पुलिस थाने में यह मामला 15 जून 2026 को दर्ज किया गया. आरोपी मनीष शर्मा उर्फ मोइन खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1)(a), 196(1)(b), 299, 352 और आईटी एक्ट की धारा 66, 67 और 67A के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है. अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान अगर अन्य संदिग्धों की भूमिका सामने आती है तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.













