महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक सिंहगढ़ किले में सप्ताहांत मनाने पहुंचे पर्यटकों के साथ परिधान को लेकर बदसलूकी और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। रविवार की दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे के बीच किले के परिसर में घूमने आए कई सैलानियों को उनके पहनावे को लेकर निशाना बनाया गया। घटना की जानकारी सामने आने और सोशल मीडिया पर हाथापाई के वीडियो प्रसारित होने के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। मामले में तीन महिलाओं सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जो कथित तौर पर समस्त हिंदू बांधव आर्मी से जुड़े बताए जा रहे हैं।
तानाजी मालुसरे स्मारक के निकट विवाद की शुरुआत
इस पूरे मामले का खुलासा एक निजी कंपनी में कार्यरत 39 वर्षीय वरिष्ठ प्रबंधक की शिकायत के बाद हुआ। पीड़ित प्रबंधक ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वे रविवार को अपने परिवार और मित्रों के साथ सिंहगढ़ किले के भ्रमण पर गए थे। दोपहर के समय जब वे महान मराठा योद्धा तानाजी मालुसरे के स्मारक के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।
आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने पर्यटकों के शॉर्ट्स पहनने पर कड़ी आपत्ति जताई और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। देखते ही देखते जुबानी बहस मारपीट में बदल गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, तीन पुरुषों ने उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए थप्पड़ मारे, जबकि समूह में शामिल एक महिला ने उनकी पत्नी के साथ खींचतान और अभद्रता की। इस दौरान आरोपियों ने उन्हें हिंदू संस्कृति और परंपराओं का पालन करने की हिदायत भी दी।
अलग-अलग समूहों के चार पर्यटकों को बनाया गया निशाना
घटना से घबराया परिवार तुरंत किले की तलहटी में पहुंचा और वहां तैनात पुलिसकर्मियों को आपबीती सुनाई। जब पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की, तो पता चला कि यह केवल एक परिवार तक सीमित घटना नहीं थी। उसी समय अवधि के दौरान किले के अलग-अलग हिस्सों में अन्य पर्यटकों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि रविवार दोपहर दो से शाम पांच बजे के बीच चार अलग-अलग पर्यटक समूहों को निशाना बनाया गया था। पीड़ित सैलानियों में एक महिला समेत तीन अन्य पर्यटक शामिल हैं। सभी शिकायतों में एक ही बात समान पाई गई कि उपद्रवियों ने परिधान पर सवाल उठाकर लोगों को रोका, बहस की और हाथापाई की। कुछ पर्यटकों को थप्पड़ मारे गए, जबकि कुछ पर प्लास्टिक की छड़ों से हमला किया गया, जिससे किले में आए सैलानियों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल और पुलिस की कार्रवाई
घटना के समय वहां मौजूद अन्य लोगों द्वारा बनाए गए कई वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इन वीडियो में सिंहगढ़ किले के परिसर में पर्यटकों के साथ बदसलूकी, धक्का-मुक्की और हाथापाई साफ देखी जा सकती है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है।
पुणे ग्रामीण पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद समस्त हिंदू बांधव आर्मी के आठ सदस्यों की पहचान की है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने उपद्रव मचाने, मारपीट करने, गैरकानूनी जमावड़ा बनाने और आपराधिक धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
हवेली पुलिस थाने के निरीक्षक राजेश रामाघरे ने जानकारी दी कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को नामजद सभी आठ आरोपियों की तलाश में रवाना कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों और वायरल वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



















