बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में सड़क पर अवैध पार्किंग की वजह से लगे यातायात जाम को खुलवाने की कोशिश के दौरान गंभीर घटना सामने आई है। पासवान चौक सब्जी मंडी के निकट ड्यूटी पर मौजूद एक महिला सब-इंस्पेक्टर और एक महिला कांस्टेबल के साथ हाथापाई, गाली-गलौज और मारपीट का मामला दर्ज हुआ है। इस प्रकरण में कार चालक, उसकी पत्नी और एक स्थानीय एडवोकेट पर महिला पुलिस अधिकारियों से बदसलूकी करने, उनकी वर्दी से छेड़छाड़ करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है। गश्ती दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिसके बाद पुलिस स्टेशन परिसर में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पासवान चौक पर जाम हटाने के दौरान भड़की बहस
औद्योगिक थाने में तैनात महिला दरोगा नेहा कुमारी न्यायालय संबंधी कार्य निपटाकर अपने थाने वापस लौट रही थीं। जैसे ही वह पासवान चौक सब्जी मंडी के पास पहुंचीं, वहां रास्ते के बीचों-बीच खड़ी एक कार के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लगा हुआ था। आम जनता और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए महिला अधिकारी ने अपने कर्तव्य का पालन किया और कार चालक को वाहन आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। आरोप है कि कार में सवार ड्राइवर मनीष कुमार और उसकी पत्नी निर्देशों का पालन करने के बजाय महिला दरोगा से उलझ गए। दोनों ने अधिकारी के साथ तीखी बहस की, गाली-गलौज की, हाथापाई की और उनकी वर्दी के साथ दुर्व्यवहार किया।
बीच-बचाव में पहुंची महिला सिपाही पर हमला और मोबाइल छीनने का प्रयास
घटना के दौरान एक स्थानीय वकील भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि विवाद सुलझाने के स्थान पर वकील ने भी चालक दंपत्ति का साथ दिया और महिला दरोगा के साथ अभद्रता की। इसी बीच पास के नगर थाने में तैनात एक महिला सिपाही ने जब अपनी सहयोगी अधिकारी को बचाते हुए हस्तक्षेप करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। जब महिला दरोगा नेहा कुमारी ने अपने मोबाइल फोन से औद्योगिक थाने को सूचना देने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनका फोन छीन लिया। इसके बावजूद दरोगा ने अन्य फोन की व्यवस्था कर पुलिस गश्ती टीम को सूचित किया, जिसके बाद गश्ती दल ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
थाने में वकीलों का हंगामा और आमने-सामने के दावे
तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर औद्योगिक थाने लाए जाने के बाद वकीलों का एक समूह थाने पहुंच गया और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की। वकीलों का कहना है कि उनके साथी एडवोकेट को गलत तरीके से मामले में घसीटा जा रहा है और उन्होंने पुलिस से कानूनी आधार की मांग की। दूसरी ओर, पीड़ित महिला दरोगा नेहा कुमारी ने अपने साथ हुए पूरे घटनाक्रम का विवरण देते हुए थाने में लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें मारपीट, वर्दी फाड़ने का प्रयास और मोबाइल फोन छीनने की एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। आरोपी मनीष कुमार ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके बच्चों और पत्नी के साथ मारपीट की है, जबकि वकीलों ने दावा किया है कि एडवोकेट को झूठे मामले में फंसाया गया है।



















