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पंजाब में आंतरिक कलह सुलझाने में जुटी कांग्रेस, आने वाले दिनों में हो सकते हैं बड़े सांगठनिक बदलावपंजाब
3 सित॰ 2026, 10:50 pm (18 दिन पहले)· 1

पंजाब में आंतरिक कलह सुलझाने में जुटी कांग्रेस, आने वाले दिनों में हो सकते हैं बड़े सांगठनिक बदलाव

कांग्रेस आलाकमान पंजाब में चुनावी तैयारियों से पहले आपसी खींचतान को समाप्त करने की रणनीति बना रहा है। हाल ही में हुई वरिष्ठ नेताओं की उच्चस्तरीय बैठक के बाद पार्टी जल्द ही कुछ कड़े और अहम फैसले ले सकती है।

पंजाब के राजनीतिक गलियारों में चल रही हलचल के बीच कांग्रेस पार्टी ने अपनी राज्य इकाई के भीतर गुटबाजी को समाप्त करने के लिए अपनी कोशिशों को काफी तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने हाल ही में गुरुवार के दिन एक अहम बैठक की है। इस महत्वपूर्ण सांगठनिक चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी की अनुपस्थिति ने राजनीतिक जानकारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अंदरखाने से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनावों के मैदान में उतरने से पहले पार्टी संगठन में एकजुटता कायम करने के मकसद से अगले कुछ दिनों के भीतर कुछ बड़े नीतिगत फैसले लिए जा सकते हैं।

राहुल गांधी के दौरे से पहले रणनीति को अंतिम रूप देने की तैयारी

पार्टी के भीतर से मिल रही जानकारियों के अनुसार, इसी महीने के अंत तक या फिर अगले महीने की शुरुआत में राहुल गांधी का पंजाब दौरा प्रस्तावित है, जिसके तहत एक बस यात्रा निकाले जाने की योजना पर विचार चल रहा है। इस यात्रा के शुरू होने से ठीक पहले पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की आंतरिक कलह या मनमुटाव बाकी न रहे। हालांकि अभी तक इस प्रस्तावित बस यात्रा का आधिकारिक रूट और पूरा कार्यक्रम तय नहीं किया गया है, लेकिन पार्टी हलकों में इस बात पर गंभीर मंथन जारी है कि इस यात्रा का आरंभ अमृतसर जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और धार्मिक शहर से किया जाए ताकि कार्यकर्ताओं में एक मजबूत संदेश प्रसारित हो सके।

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नेतृत्व को लेकर नाराजगी और सांगठनिक फेरबदल की अटकलें

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चरणजीत सिंह चन्नी पिछले कुछ महीनों से इस बात को लेकर असहज और नाराज चल रहे हैं कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। चर्चा यह भी गर्म है कि यदि पार्टी आलाकमान अंततः प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव करने का निर्णय लेता है, तो यह जिम्मेदारी प्रताप सिंह बाजवा को सौंपी जा सकती है। हालांकि, कुछ समय पहले भूपेश बघेल ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया था कि राज्य इकाई के अध्यक्ष पद पर फिलहाल किसी तरह का बदलाव विचाराधीन नहीं है और उन्होंने इसे बहुत ही साधारण प्रक्रिया न मानते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा था कि यह कोई बच्चों का खेल नहीं है। गौर करने वाली बात है कि पंजाब राज्य में अगले साल की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने की पूरी संभावना है।

हाईकमान की सक्रियता और दिल्ली में बैठकों का दौर

पंजाब की राजनीति में मचे घमासान को शांत करने और बिखरे हुए कुनबे को एक सूत्र में पिरोने के लिए कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ भूपेश बघेल की एक लंबी बैठक संपन्न हुई थी, जिसमें राज्य के हालात पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसके अलावा भूपेश बघेल ने पंजाब से जुड़े अपने आकलन और रिपोर्ट को शीर्ष नेतृत्व को सौंप दिया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पार्टी के भीतर यह मंथन भी लगातार जारी है कि कैसे उन तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाया जाए जो वर्तमान व्यवस्था से नाराज चल रहे हैं, ताकि आगामी चुनावी समर में पार्टी पूरी ताकत के साथ उतर सके।

सवाल-जवाब

पंजाब कांग्रेस की हालिया बैठक में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
इस बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने हिस्सा लिया।
बैठक में कौन सा वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुआ था?
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी इस बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
राहुल गांधी का पंजाब दौरा कब संभावित है?
राहुल गांधी इस महीने के अंत तक या अगले महीने पंजाब में बस यात्रा निकाल सकते हैं।
चरणजीत सिंह चन्नी के नाराज होने की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद पर कोई बदलाव नहीं होने के कारण चन्नी पिछले कुछ महीनों से नाराज बताए जा रहे हैं।
पंजाब में विधानसभा चुनाव कब संभावित हैं?
पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·18 दिन पहले

पंजाब में कांग्रेस की यह आंतरिक कलह सीधे तौर पर आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और पार्टी के चुनावी प्रबंधन को प्रभावित करेगी। चरणजीत सिंह चन्नी की बैठक से दूरी और नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलें यह दर्शाती हैं कि राज्य इकाई में विश्वास की कमी है। राहुल गांधी की संभावित बस यात्रा से पहले यदि आलाकमान ने सांगठनिक फेरबदल और मतभेदों को जल्द नहीं सुलझाया, तो इसका असर ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ सकता है, जिससे पार्टी की चुनावी रणनीति और आर्थिक-राजनीतिक स्थिरता दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·18 दिन पहले

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की बैठकों और चरणजीत सिंह चन्नी की गैर-मौजूदगी से पार्टी के भीतर असहज स्थिति साफ झलकती है। राहुल गांधी की प्रस्तावित बस यात्रा से ठीक पहले यदि अंसतोष और नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों पर विराम नहीं लगाया गया, तो इससे ज़मीनी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, जो पार्टी के चुनावी प्रबंधन को कमज़ोर कर सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

पंजाब कांग्रेस की यह अंदरूनी कलह और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राहुल गांधी की संभावित बस यात्रा राजनीतिक स्थिरता की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी की हालिया उच्चस्तरीय बैठकों से दूरी और सांगठनिक फेरबदल पर असमंजस पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। यदि आलाकमान ने समय रहते इस असंतोष को दूर कर स्पष्ट नेतृत्व और नीतिगत फैसले नहीं लिए, तो इसका सीधा असर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के मनोबल और चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भीतर मची खींचतान और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अनुपस्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सांगठनिक असंतोष अभी भी गहराई तक बना हुआ है। राहुल गांधी की संभावित बस यात्रा से पहले यदि शीर्ष नेतृत्व ने पंजाब इकाई के दिग्गजों के बीच चल रहे इस मनमुटाव को खत्म कर स्पष्ट सांगठनिक फैसले नहीं लिए, तो यह बिखराव चुनावी मैदान में पार्टी की जमीन को कमजोर कर सकता है।

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