पंजाब के संगरूर में आयोजित इंसाफ रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनावी बिगुल फूंकते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने का आह्वान किया। राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने 4 नवंबर को साफ कहा कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में मिलने वाली कामयाबी पूरे देश में कांग्रेस के लिए नए रास्ते खोलेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरते हुए जोर देकर कहा कि बदलाव की शुरुआत इसी राज्य की धरती से होनी चाहिए, जिसके लिए संगठन के प्रत्येक व्यक्ति को मिलकर जमीन पर पसीना बहाना होगा।
आप और भाजपा की सांठगांठ पर तीखा प्रहार
मंच से राज्य की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने उसे भारतीय जनता पार्टी की बी टीम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल का दल गुजरात, गोवा और अन्य राज्यों में केवल इसलिए चुनाव लड़ता है ताकि विपक्षी वोटों को बांटकर सीधे तौर पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया जा सके। खरगे ने आरोप लगाया कि पंजाब को एक प्रगतिशील और खुशहाल राज्य बनाने का सपना दिखाकर सत्ता में आई सरकार आज पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है।
भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून-व्यवस्था और प्रशासन को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में नशा और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। खरगे ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और उनके करीबी लोग पंजाब में हफ्ता वसूली का तंत्र चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस दल ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को बदहाली की ओर धकेला, वही अब पंजाब के भविष्य को भी बर्बाद करने पर आमादा है।
पंजाब से पूरे देश में जीत का दावा
मल्लिकार्जुन खरगे ने रैली में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस पंजाब जीतती है तो वह सारा भारत जीतेगी। उन्होंने कहा, “अगर हम पंजाब जीतेंगे तो सारा भारत जीतेंगे, यह मेरा दावा है।” इस लक्ष्य को पाने के लिए पार्टी नेताओं को आंतरिक अनुशासन और एकजुटता बनाए रखनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी सफलता के लिए आपसी तालमेल ही सबसे बड़ी ताकत साबित होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विशाल रैली का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र और कई राज्यों में काबिज सत्ता वोट चोरी के बूते चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मिलकर देश के उन प्रमुख संस्थानों को कमजोर और नष्ट करने का काम कर रहे हैं, जो संविधान की रक्षा के लिए बनाए गए थे।
किसानों से वादाखिलाफी और लोकतांत्रिक अधिकारों का इतिहास
किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और उनकी आमदनी को दोगुना करने का बड़ा वादा किया था। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन वादों में से कोई भी पूरा नहीं हुआ, जिससे अन्नदाता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि भाजपा के इन कदमों को परोक्ष रूप से उसकी बी टीम कही जाने वाली आम आदमी पार्टी से मदद मिल रही है।
भारतीय लोकतंत्र की ऐतिहासिक बुनियाद को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को वोट देने का बुनियादी अधिकार पंडित जवाहरलाल नेहरू और बाबा साहेब आंबेडकर ने दिलाया था। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संविधान संशोधन के जरिए 18 वर्ष के युवाओं को मतदान का अधिकार देकर लोकतंत्र को और मजबूत किया। खरगे ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास जन अधिकारों को बढ़ाने का रहा है, जबकि मौजूदा शासन इन अधिकारों पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रहा है।
मनमोहन सिंह का विजन और सत्ता की दावेदारी
पंजाब के विकास मॉडल पर बोलते हुए खरगे ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विजन को लागू किया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि सोनिया गांधी ने खुद प्रधानमंत्री पद का त्याग करते हुए इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को मनमोहन सिंह के हाथों में सौंपा था, जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी।
इंसाफ रैली में मौजूद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब की जनता बदलाव का बेसब्री से इंतजार कर रही है ताकि आने वाले चुनावों में कांग्रेस को भारी मतों से जिताया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि संगरूर की यह रैली पूरे राज्य में एक सकारात्मक संदेश देगी और प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनेगी।

















