देश के विशाल भूभाग पर बादलों की आवाजाही अब सुस्त पड़ने लगी है, जिससे कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश इलाकों में 30 सितंबर से ही शुष्क वातावरण बनने का अनुमान है, जबकि मध्य भारत के कई हिस्सों में 2 अक्टूबर, 2026 से बारिश का सिलसिला थम सकता है। इसके विपरीत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तमाम राज्यों में बादलों का पहरा अभी खत्म नहीं हुआ है, जहां आगामी दिनों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार पानी बरसने का अनुमान जताया गया है।
पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में तेज वर्षा का अनुमान
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक आगामी 4 से 5 दिनों में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के चुनिंदा इलाकों में तेज बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना बनी हुई है। वहीं पूर्वोत्तर क्षेत्र के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलावा असम तथा मेघालय में अगले दो दिनों के दौरान जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है।
पश्चिमी भारत की बात करें तो बुधवार को महाराष्ट्र के कई इलाकों में आसमान से आफत बरस सकती है। वहां आंधी-तूफान आने, आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अंदेशा है। कुछ स्थानों पर हवा की गति बढ़कर 50 किलोमीटर प्रति घंटा के स्तर को भी छू सकती है। इसके साथ ही 30 सितंबर से 4 अक्टूबर की अवधि में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, लक्षद्वीप, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के विभिन्न इलाकों में छिटपुट से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की जा सकती है।
तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं का खतरा
दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित केरल और माहे में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के मध्य आकाशीय बिजली गिरने और बादलों के गरजने के आसार हैं। इस दौरान इलाके में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की तूफानी गति से हवाएं चल सकती हैं।
समुद्री क्षेत्रों में भी हालात काफी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। अंडमान सागर, अंडमान द्वीप समूह के निकटवर्ती क्षेत्रों और म्यांमार तट के समीप हवाएं 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही हैं, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रहे हैं। 30 सितंबर की शाम तक पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे भागों और म्यांमार के समुद्री किनारों पर हालात खराब से बेहद गंभीर बने रहने की आशंका है, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में आसमान रहेगा साफ
राजधानी दिल्ली में मौसम का रुख बिल्कुल जुदा बना हुआ है, जहां नागरिकों को खिली धूप देखने को मिलेगी। दिन के वक्त यहां आसमान पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद है और लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं बह सकती हैं। दिल्ली का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 22 डिग्री सेल्सियस से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। शहर के अधिकांश भागों में रात का पारा सामान्य सीमा में रहेगा, जबकि दिन का तापमान कई इलाकों में सामान्य और कुछ स्थानों पर सामान्य से हल्का नीचे दर्ज हो सकता है।
गुरुवार के दिन भी दिल्ली के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा और आकाश मुख्यतः खुला रहेगा। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने की संभावना है।














