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राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम को सरेंडर या मेरिट पर सुनवाई का विकल्प, सुप्रीम कोर्ट ने तय की 23 जुलाई की तारीखमध्य प्रदेश
21 जुल॰ 2026, 9:27 pm (99 दिन पहले)· 2

राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम को सरेंडर या मेरिट पर सुनवाई का विकल्प, सुप्रीम कोर्ट ने तय की 23 जुलाई की तारीख

राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, कोर्ट ने सोनम को सरेंडर या मेरिट पर फैसले का विकल्प दिया और अगली सुनवाई 23 जुलाई तय की.

राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को चुनौती देने वाली मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सोनम पर आरोप है कि हनीमून के दौरान उसने अपने पति की हत्या की साजिश रची. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सोनम के सामने दो रास्ते रखे, या तो वह सरेंडर कर गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद नए सिरे से जमानत के लिए अर्जी दे, या फिर कोर्ट खुद मामले के मेरिट पर फैसला सुनाएगा. इस मामले में अब अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी.

मेघालय सरकार की दलील

सुनवाई में मेघालय सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में दलीलें रखीं. उन्होंने बताया कि सोनम की गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में हत्या से जुड़ी धारा 103(1) की जगह गलती से 403(1) दर्ज कर दी गई थी, जबकि कानून में ऐसी कोई धारा है ही नहीं. सरकार ने इसे महज लिपिकीय भूल बताते हुए कहा कि इस गलती से आरोपी के किसी भी अधिकार को नुकसान नहीं पहुंचा. सरकार का पूरा जोर इसी बात पर रहा कि यह टाइपिंग की चूक थी, जानबूझकर की गई गड़बड़ी नहीं.

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कोर्ट अब क्या देखेगा

अब सुप्रीम कोर्ट गिरफ्तारी की पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ साथ गिरफ्तारी के आधार यानी ग्राउंड्स ऑफ अरेस्ट की भी बारीकी से समीक्षा करेगा. इसी समीक्षा के आधार पर तय होगा कि सोनम की जमानत बरकरार रहती है या उसे दोबारा जेल जाना पड़ता है. यानी मामला अब सिर्फ टाइपिंग की गलती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गिरफ्तारी के समय बताए गए कारणों की वैधता पर भी सुप्रीम कोर्ट अपनी राय देगा.

पहले क्या हुआ था

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट मेघालय सरकार की उस मांग को खारिज कर चुका है, जिसमें सरकार ने सोनम की जमानत पर अंतरिम रोक लगाने की गुजारिश की थी. कोर्ट ने उस समय तर्क दिया था कि सोनम पहले ही जमानत पर बाहर आ चुकी है. हालांकि कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि पहली नजर में ऐसा नहीं लगता कि गिरफ्तारी के कारण पूरी तरह से नहीं बताए गए थे. साथ ही कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया था कि अगर गिरफ्तारी में सच में इतनी बड़ी खामी थी, तो यह मुद्दा शुरुआती जमानत याचिकाओं में क्यों नहीं उठाया गया.

अगली सुनवाई पर निगाहें

फिलहाल सोनम को कोर्ट ने साफ कर दिया है कि उसे अगली सुनवाई से पहले तय करना होगा कि वह सरेंडर का रास्ता चुनती है या मेरिट पर फैसले का इंतजार करती है. 23 जुलाई को होने वाली सुनवाई में इसी पर आगे की स्थिति साफ होगी. तब तक सोनम की जमानत को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी और यह देखना अहम होगा कि क्या टाइपिंग की गलती वाली दलील अदालत में टिकती है या नहीं.

सवाल-जवाब

सोनम रघुवंशी पर क्या आरोप है?
सोनम पर आरोप है कि हनीमून के दौरान उसने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची.
सुप्रीम कोर्ट ने सोनम को क्या विकल्प दिए हैं?
कोर्ट ने कहा है कि सोनम या तो सरेंडर कर गवाहों के बयान के बाद दोबारा जमानत याचिका दाखिल करे, या फिर कोर्ट मामले के मेरिट पर फैसला देगा.
मेघालय सरकार ने कोर्ट में क्या दलील दी?
सरकार ने कहा कि गिरफ्तारी के दस्तावेजों में हत्या की धारा 103(1) की जगह गलती से 403(1) लिख दिया गया था, जिसे उसने सिर्फ टाइपिंग एरर बताया.
इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी.
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले क्या कहा था?
कोर्ट ने पहले मेघालय सरकार की अंतरिम रोक की मांग खारिज कर दी थी क्योंकि सोनम पहले ही जमानत पर बाहर आ चुकी थी, लेकिन कोर्ट ने गिरफ्तारी के कारणों को लेकर सवाल भी उठाए थे.
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