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राजधानी में बड़ा हादसा, संजय झील में डूबने से तीन युवकों की दर्दनाक मौतदिल्ली
1 सित॰ 2026, 11:14 pm (13 दिन पहले)· 2

राजधानी में बड़ा हादसा, संजय झील में डूबने से तीन युवकों की दर्दनाक मौत

दिल्ली की संजय झील में नहाने गए 22 से 25 वर्ष की आयु के तीन युवकों की डूबकर मौत हो गई। इस बीच राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या भी उत्पन्न हो गई है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के संजय झील इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां पानी में डूबने से तीन युवकों की जान चली गई है। सभी मृतकों की उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी तुरंत हरकत में आए और राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनमें से एक युवक सबसे पहले झील के पानी में उतरा था, जिसके बाद उसे बचाने के लिए उसके दो अन्य साथी भी पानी में कूद पड़े और देखते ही देखते तीनों गहरे पानी में समा गए।

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि पांडव नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोटला गांव और टेम्पो मार्केट के पास स्थित संजय झील में कुछ लोग डूब गए हैं। पुलिस दल जब मौके पर पहुंचा, तब तक गोताखोरों की मदद से तीनों युवकों को पानी से बाहर निकाला जा चुका था। हालांकि, बाहर निकाले जाने तक वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे और उनकी हालत बेहद गंभीर थी। पुलिस ने तुरंत सभी को एलबीएस अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक सभी युवक कल्याणपुरी के रहने वाले बताए जा रहे हैं, और पुलिस उनके पूर्ण पते तथा अन्य व्यक्तिगत जानकारियों की पुष्टि करने में जुटी हुई है।

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बारिश और जलभराव से ठप हुई रफ्तार

दूसरी ओर, इस हादसे के समय शहर में मौसम का मिजाज भी बिगड़ा हुआ था और मंगलवार की शाम को राष्ट्रीय राजधानी में झमाझम बारिश दर्ज की गई। इस मानसूनी बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। पालम क्षेत्र में बारिश का प्रभाव सबसे अधिक नजर आया, जहां स्थानीय अंडरपास में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि लोग घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम में फंसे रहे और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाले मार्गों पर भी गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

इसी प्रकार महरौली अंडरपास में भी हालात काफी खराब रहे, जहां हवाई अड्डे की तरफ आने और जाने वाले दोनों रास्तों पर पानी जमा हो गया। इस भयंकर जलभराव के चलते ऑफिस से अपने घरों को लौट रहे लोग बीच रास्ते में ही फंस गए और घंटों तक यातायात सुचारू होने का इंतजार करते रहे। जल निकासी के लिए प्रशासन की ओर से दोनों तरफ एक-एक पंप भी लगाया गया था, लेकिन भारी मात्रा में पानी भरा होने के कारण ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए। महरौली अंडरपास के भीतर तीन फीट से अधिक पानी भरा हुआ था और घटना के तीन घंटे बीत जाने के बाद भी जलस्तर कम होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे थे, जिससे यह आशंका जताई जा रही थी कि यातायात को सामान्य होने में लंबा समय लग सकता है।

शहर में अन्य आपराधिक मामले

इसके अतिरिक्त, दिल्ली में हाल ही में सामने आए कुछ अन्य गंभीर मामलों ने भी शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले एक अन्य सनसनीखेज वारदात में एक खाली स्लीपर बस के भीतर एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा दिल्ली के धोबी घाट इलाके में भी आपसी विवाद के दौरान एक युवक की उसके ही दोस्त द्वारा चाकू से गोदकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया था, जिसमें आरोपी मित्र को पुलिस ने दबोच लिया था।

सवाल-जवाब

संजय झील में यह हादसा किस समय हुआ?
फायर विभाग और दिल्ली पुलिस को इस घटना की सूचना शाम को करीब साढ़े सात बजे मिली थी।
डूबने वाले युवकों की उम्र कितनी थी?
हादसे में जान गंवाने वाले तीनों युवकों की उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच थी।
मृतक युवक कहां के रहने वाले थे?
तीनों मृतक युवक दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके के स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं।
हादसे के वक्त बारिश का क्या असर रहा?
मंगलवार शाम को हुई बारिश के कारण पालम और महरौली अंडरपास में तीन फीट से अधिक पानी भर गया और भारी ट्रैफिक जाम लग गया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकलवाकर एलबीएस अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 दिन पहले

राजधानी में संजय झील की यह दुर्घटना और मानसून की पहली बारिश में अंडरपासों का जलभराव एक बार फिर नागरिक बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलता है। आपदा प्रबंधन और जल निकासी के दावों की धज्जियां उड़ने से नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिस पर नगर निकायों को त्वरित और सख्त नीतिगत कदम उठाने होंगे।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·12 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि कैसे खराब शहरी नियोजन और कमजोर बुनियादी ढांचा सीधे तौर पर मानव जीवन के लिए खतरा बन सकता है। जब आपातकालीन जल निकासी व्यवस्था विफल होती है, तो यातायात ठप होने के साथ-साथ बचाव कार्यों में भी देरी होती है, जिससे स्थिति और विकराल हो जाती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·13 दिन पहले

संजय झील में तीन युवकों की डूबने से हुई मौत ने सार्वजनिक सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक को बचाने में बाकी दो का गहरे पानी में उतरना यह दर्शाता है कि ऐसे जल स्रोतों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चेतावनी बोर्ड और गोताखोरों की तैनाती का अभाव है। इसके साथ ही, भारी बारिश के दौरान अंडरपास में तीन फीट तक पानी भरना और जल निकासी के पंपों का नाकाफी साबित होना यह बताता है कि आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचा अब भी कमजोर है। भविष्य में ऐसी त्रादियां न हों, इसके लिए प्रशासन को त्वरित प्रतिक्रिया बल और संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त निगरानी प्रणाली मजबूत करनी होगी।

Rohan Verma@rohan-verma·13 दिन पहले

संजय झील जैसी जगहों पर सुरक्षा उपायों की यह अनदेखी और भारी मानसूनी बारिश के बीच अंडरपास में जल निकासी के इंतजामों का फेल होना नगर निकायों की बड़ी नाकामी है। जब तक संवेदनशील जल स्रोतों पर बैरिकेडिंग और प्रमुख चौराहों पर प्रभावी ड्रेनेज मैनेजमेंट नहीं होगा, तब तक इस तरह की असमय मौतें और ट्रैफिक जाम आम नागरिकों की जिंदगी को यूं ही संकट में डालते रहेंगे।

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