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राम मंदिर VIP दर्शन पास जारी करने की कमान अब महंत दिनेंद्र दास के हाथों मेंउत्तर प्रदेश
10 जुल॰ 2026, 10:37 am (64 दिन पहले)· 2

राम मंदिर VIP दर्शन पास जारी करने की कमान अब महंत दिनेंद्र दास के हाथों में

अयोध्या के राम मंदिर में VIP दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब महंत दिनेंद्र दास को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की आईडी को सिस्टम से हटा दिया गया है।

अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए VIP और सुगम दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन पासों को जारी करने का आधिकारिक अधिकार महंत दिनेंद्र दास के पास आ गया है, जिनकी आईडी सिस्टम में सक्रिय कर दी गई है। इसके परिणामस्वरूप, अब महंत दिनेंद्र दास की सिफारिश के आधार पर ही मंदिर में सुगम और विशिष्ट दर्शन पास बनाए जा सकेंगे। इस प्रशासनिक परिवर्तन के तहत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की आईडी को सिस्टम से डी-एक्टिवेट कर दिया गया है।

ट्रस्टी की सिफारिश है अनिवार्य

राम मंदिर में विशिष्ट दर्शन की सुविधा प्राप्त करने के लिए ट्रस्टी की सिफारिश होना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। अब इसी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी महंत दिनेंद्र दास को सौंपी गई है। मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए दो प्रकार के पास की व्यवस्था है, जिन्हें सुगम दर्शन पास और विशिष्ट दर्शन यानी VIP पास कहा जाता है। इन पासों को तैयार करने के लिए सभी ट्रस्टियों के नाम पर अलग-अलग आईडी सिस्टम में बनाई गई हैं, जिनके माध्यम से वे श्रद्धालुओं के लिए ये पास जारी करते हैं।

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पास जारी करने में हेराफेरी के गंभीर आरोप

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पास जारी करने के सिस्टम में हेराफेरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोपों के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी टिन्नू यादव ने इसी सिस्टम का दुरुपयोग करते हुए सैंकड़ों की संख्या में पास जारी करवा लिए थे। साथ ही, यह भी आरोप है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के करीबी लोग भी इन VIP पासों को जारी करने में धांधली कर रहे थे, जिसके जरिए लाखों रुपयों की अवैध कमाई की गई है।

चढ़ावे की गणना और आउटसोर्स स्टाफ की स्थिति

मंदिर में चढ़ावे की गणना के काम को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। हालांकि आउटसोर्स स्टाफ के इस्तीफे की चर्चाएं हैं, लेकिन बैंक सूत्रों का कहना है कि 8 लोगों की गिरफ्तारी के बाद वहां कोई नई भर्ती नहीं हुई है। इसके बावजूद, मंदिर में भीड़ कम होने के कारण चढ़ावे की गणना का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। आउटसोर्स कर्मचारियों का मुख्य काम केवल नोटों को व्यवस्थित करना और उन्हें सीधा करना होता है, जबकि नोटों की वास्तविक गिनती पूरी तरह बैंक के अधिकारियों द्वारा की जाती है। कम वेतन होने के कारण आउटसोर्स स्टाफ अक्सर नौकरी छोड़ देते हैं। आगामी 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बैठक आयोजित होने वाली है, जिसमें इन सभी व्यवस्थाओं और भविष्य के संचालन पर विस्तार से चर्चा की जाएगी ताकि मंदिर का कामकाज निर्बाध रूप से जारी रह सके।

सवाल-जवाब

अब राम मंदिर के VIP पास जारी करने का अधिकार किसे है?
अब राम मंदिर के VIP और सुगम दर्शन पास जारी करने का आधिकारिक अधिकार महंत दिनेंद्र दास के पास है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा की आईडी का क्या हुआ?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से छुट्टी के बाद चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की आईडी को सिस्टम से डी-एक्टिवेट कर दिया गया है।
मंदिर में किस प्रकार के दर्शन पास उपलब्ध हैं?
मंदिर में सुगम दर्शन पास और विशिष्ट दर्शन (VIP) पास की व्यवस्था है, जो ट्रस्टी की सिफारिश पर जारी किए जाते हैं।
मंदिर के चढ़ावे की गिनती पर क्या असर पड़ा है?
आउटसोर्स स्टाफ की गिरफ्तारी के बावजूद, वर्तमान में कम भीड़ होने के कारण चढ़ावे की गणना का काम बैंक अधिकारियों द्वारा सामान्य रूप से किया जा रहा है।
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