केरल के कासरगोड जिले के वेल्लारीक्कुंडु में एक परिवार पिछले कुछ हफ्तों से बेटे की शादी की तैयारियों में डूबा हुआ था, लेकिन सोमवार शाम आई एक खबर ने घर की सारी रौनक पल भर में खत्म कर दी। यूक्रेन के ओडेसा शहर के तट के पास मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर हुए एक भीषण हमले में 26 साल के नाविक अखिल जोयन की जान चली गई। इसी हमले में तीन और भारतीय नाविकों की भी मौत हुई है। यह हमला रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के दौरान हुआ।
घर का इकलौता सहारा
वेल्लारीक्कुंडु के रहने वाले अखिल पिछले छह साल से समंदर की उफनती लहरों के बीच नाविक की नौकरी कर रहे थे। पिता जोयन एक छोटी इलेक्ट्रिकल दुकान चलाते हैं, जबकि मां सैली बीमा एजेंट के तौर पर काम करती हैं। अखिल इस दंपती की इकलौती संतान था और माता-पिता ने अपनी जिंदगी भर की खून-पसीने की कमाई उसी के सुनहरे भविष्य पर लगा दी थी। बलाला ग्राम पंचायत के वेल्लारीक्कुंडु वार्ड सदस्य शोबी जोसेफ ने बताया कि यह एक आम परिवार है, जिसका पूरा भविष्य काफी हद तक अखिल पर ही निर्भर था। परिवार ने हाल ही में अपना घर भी बनवाया था और अखिल को ही आने वाले वर्षों में इस घर और माता-पिता का सहारा बनना था।
दो महीने बाद बजनी थी घर में शहनाई
जोसेफ के मुताबिक अखिल करीब तीन महीने पहले अपनी सगाई की रस्म के लिए घर आए थे। उनकी शादी की तारीख अब महज दो महीने दूर रह गई थी और होने वाली दुल्हन अलाप्पुझा जिले की रहने वाली बताई जाती है। सगाई के बाद मिली छुट्टियां बिताकर अखिल करीब एक महीने पहले ही दोबारा काम पर लौट गए थे। इलाके में वे टग-ऑफ-वार यानी रस्साकशी के एक लोकप्रिय खिलाड़ी के तौर पर भी जाने जाते थे। जोसेफ ने अखिल को याद करते हुए कहा, "वह अच्छे व्यवहार और अनुशासन वाले युवा के तौर पर जाने जाते थे।" ऐसा भी बताया जा रहा है कि अखिल बेहतर भविष्य की तलाश में जल्द ही अपनी मौजूदा नौकरी छोड़कर कोई और काम करने की सोच रहे थे, ताकि वे हमेशा के लिए परिवार के पास लौट सकें।
ईमेल से मिली मौत की खबर
अखिल जिस शिपिंग कंपनी के लिए काम करते थे, उसी की ओर से आए एक ईमेल के जरिए सोमवार शाम परिवार को उनकी मौत का पता चला। जोसेफ ने बताया कि अखिल ने महज 19 साल की उम्र में मर्चेंट नेवी जॉइन कर ली थी और तभी से समंदर ही उनका कार्यक्षेत्र बन गया था। उन्होंने कहा कि परिवार और जानकारी जुटाने के साथ-साथ जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने की कोशिश में जुटा है। शव को वापस लाने और आगे की औपचारिकताओं में मदद के लिए परिवार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं के लगातार संपर्क में है, ताकि अखिल का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द वेल्लारीक्कुंडु लाया जा सके।
सरकार ने भी लिया मामले का संज्ञान
घटना के बाद केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर बताया कि नॉन-रेसिडेंट केरलाइट्स अफेयर्स यानी NORKA विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह रूसी वाणिज्य दूतावास और विदेश मंत्रालय के साथ तालमेल बिठाकर इस हमले से जुड़ी हर जानकारी जुटाए। यह निर्देश यूक्रेन के पास मर्चेंट जहाज पर हुए हमले में केरल के एक व्यक्ति की मौत के बाद दिया गया है। वेल्लारीक्कुंडु के इस परिवार और स्थानीय लोगों को अब सरकारी मदद से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है, ताकि अखिल की अंतिम विदाई में देरी न हो और परिवार को इस मुश्किल घड़ी में जरूरी सहयोग मिल सके।



















