रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंअमेरिकी ऊर्जा सेक्टर में दक्षिण कोरिया करेगा 200 अरब डॉलर का भारी निवेश, अलास्का एलएनजी और आठ परमाणु संयंत्रों को मिलेगा विस्तारपश्चिम एशिया से कच्चा तेल आपूर्ति सुधरने के बीच डब्ल्यूटीआई फिसलकर 89 डॉलर के करीब पहुंचाअमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की गिरावट से कनाडाई डॉलर दो महीने के निचले स्तर पर फिसलाआयात में 5.8 फीसदी की जोरदार छलांग से ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अधिशेष घटकर 49.5 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर सिमटा
सूर्यापेट हादसे में हैदराबाद से एलुरु जा रही बस के उड़े परखच्चे 6 की मौत और 20 गंभीरतेलंगाना
26 अग॰ 2026, 7:50 am (36 दिन पहले)· 2

सूर्यापेट हादसे में हैदराबाद से एलुरु जा रही बस के उड़े परखच्चे 6 की मौत और 20 गंभीर

तेलंगाना के सूर्यापेट ज़िले में एक प्राइवेट ट्रैवल बस सड़क पर खड़े कंटेनर से टकरा गई। इस भीषण दुर्घटना में 6 यात्रियों की मौत हो गई और 20 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

तेलंगाना के सूर्यापेट ज़िले में बुधवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। हैदराबाद से आंध्र प्रदेश के एलुरु जा रही एक प्राइवेट ट्रैवल बस मार्ग में खड़ी कंटेनर लॉरी से जा टकराई। इस भीषण दुर्घटना में बस सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के समय इस निजी बस में कुल 42 यात्री सफर कर रहे थे।

हादसे का विवरण और मौके पर राहत कार्य

यह दुर्घटना कोडाड मंडल के अंतर्गत आने वाले डोराकुंटा इलाके के बाहरी हिस्से में घटी। दुर्घटना का शिकार हुई बस की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का अगला भाग पूरी तरह चकनाचूर हो गया। जान गंवाने वाले 6 लोगों में 5 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। टक्कर के बाद बस के भीतर कई यात्री बुरी तरह फंस गए और चीख-पुकार मच गई।

ये भी पढ़ें

स्थानीय पुलिस को जैसे ही घटना की सूचना मिली, टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। लोहे की चादरों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और सभी 20 घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में औपचारिक केस दर्ज कर लिया है। हादसे के कारणों का सटीक पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश

सूर्यापेट सड़क हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जान गंवाने वाले यात्रियों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार ने घटना का तुरंत संज्ञान लिया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य की मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में भर्ती कराए गए सभी 20 घायल यात्रियों को हर संभव सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को घायलों के स्वास्थ्य और उनकी स्थिति पर लगातार बारीक नज़र रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

सवाल-जवाब

सूर्यापेट बस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई है?
इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें 5 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं।
यह सड़क दुर्घटना कहां पर हुई?
यह हादसा तेलंगाना के सूर्यापेट ज़िले में स्थित कोडाड मंडल के डोराकुंटा इलाके के पास हुआ।
बस कहां से कहां जा रही थी और उसमें कितने यात्री थे?
प्राइवेट ट्रैवल बस 42 यात्रियों को लेकर हैदराबाद से आंध्र प्रदेश के एलुरु जा रही थी।
घायलों की सहायता के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि सभी 20 घायल यात्रियों को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाए।
हादसा किस वजह से हुआ?
अनियंत्रित बस सड़क किनारे खड़ी कंटेनर लॉरी से जा टकराई। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 दिन पहले

यह दर्दनाक हादसा राजमार्गों पर अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों और नाइट-ट्रैवल बसों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन से जुड़े इस मामले में यह देखना अहम होगा कि पुलिस और परिवहन विभाग सड़क किनारे अवैध पार्किंग के खिलाफ क्या सख्त विधिक कार्रवाई करते हैं, ताकि भविष्य में ऐसे आपराधिक स्तर की लापरवाही रोकी जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·35 दिन पहले

यह हादसा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर नियमों के घोर उल्लंघन और लचर प्रवर्तन की पोल खोलता है। केवल प्रशासनिक मुआवजे या त्वरित इलाज के निर्देशों से बात नहीं बनेगी; जब तक परिवहन और पुलिस विभाग मिलकर रात के समय सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े होने वाले भारी वाहनों पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति नहीं अपनाते, तब तक ऐसे जानलेवा हादसे रुकना नामुमकिन है। नीतिगत स्तर पर जवाबदेही तय करने का वक़्त आ गया है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp