पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार सुबह हुए भीषण होटल अग्निकांड के मामले में जांच और तेज कर दी गई है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर अब नौ हो गई है। घटना के सामने आने के बाद से ही होटल बिदेशिनी का मुख्य मालिक तपस पॉल फरार चल रहा है, जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस ने मंगलवार को एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही मुख्य आरोपी के बेटे और होटल के सह-मालिक कल्याण पॉल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मंगलवार को उसे बीरभूम की जिला अदालत में पेश करेगी, जहां अभियोजन पक्ष आगे की पूछताछ के लिए उसकी पुलिस रिमांड की मांग करेगा।
जांच को भटकाने के आरोप और निकास द्वार का विवाद
गिरफ्तार किए गए कल्याण पॉल पर मुख्य आरोप यह है कि उसने सोमवार सुबह आग लगने की इस घटना के तुरंत बाद जांच अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया था। कल्याण ने अपनी सफाई में यह दावा किया था कि होटल में ठहरे हुए लोग घबराहट की वजह से पीछे के हिस्से में बने आपातकालीन निकास द्वार को ढूंढ नहीं पाए और वे मुख्य रिसेप्शन की ओर भाग गए, जहां लपटों और धुएं की वजह से वे आग की चपेट में आ गए। हालांकि, इसके विपरीत कई अन्य होटल मेहमानों और स्थानीय लोगों ने यह दावा किया है कि घटना के वक्त पीछे का निकास द्वार पूरी तरह से बंद था, जिसके कारण लोगों के पास बाहर निकलने के लिए केवल रिसेप्शन की तरफ भागने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
मृतकों में मेघालय का परिवार और अन्य पीड़ित शामिल
बीती 17 अगस्त की शाम तक इस दुखद अग्निकांड में आठ लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी थी। मरने वालों में पूर्वोत्तर राज्य मेघालय से आया एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल थे, जो तारापीठ के मशहूर मां तारा मंदिर में दर्शन और पूजा-पाठ करने के लिए पहुंचे थे। इसके अलावा, जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी इलाके के रहने वाले राजेश शर्मा की भी इस हादसे में मौत हो गई है। वह रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती थे और वहीं उनका इलाज चल रहा था। बीरभूम जिला पुलिस ने इस गंभीर मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए अपनी ओर से एक आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, एक फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का दौरा किया है और होटल की समग्र सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने के कारणों की तह तक जाने के लिए वहां से जरूरी नमूने एकत्र किए हैं।
तारापीठ के अन्य होटलों में होगी सुरक्षा ऑडिट
इस भीषण हादसे के बाद प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और तारापीठ के अन्य सभी होटलों तथा आवासीय परिसरों में भी बिजली और अग्नि सुरक्षा प्रणालियों की कड़ी जांच की जाएगी। इस व्यापक जांच अभियान के दौरान परिसरों की बिजली वायरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड, बिजली मीटर, अर्थिंग व्यवस्था और स्वीकृत विद्युत लोड के साथ-साथ अग्निशमन यंत्रों, हाइड्रेंट सिस्टम, पानी के पंप, पानी की टंकियां, होज रील, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन लाइटों और स्मोक डिटेक्टर्स जैसी प्रणालियों की गहन जांच की जाएगी। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में मेहमानों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए बनाए गए एग्जिट रास्तों, सीढ़ियों और एस्केप रूटों की भी बारीकी से जांच होगी। जिम्मेदार अधिकारी यह भी सत्यापित करेंगे कि इन सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी वैधानिक प्रमाणपत्र और जरूरी मंजूरियां मौजूद हैं या नहीं।



















