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यूपी के शिक्षण संस्थानों में अव्यवस्था पर बरसे योगी आदित्यनाथ, शिकायतों के तुरंत हल के लिए सीएमओ अफसर तैनातउत्तर प्रदेश
20 अग॰ 2026, 11:40 am (23 दिन पहले)· 0

यूपी के शिक्षण संस्थानों में अव्यवस्था पर बरसे योगी आदित्यनाथ, शिकायतों के तुरंत हल के लिए सीएमओ अफसर तैनात

उत्तर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में फैल रही अव्यवस्था और छात्रों के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायतों की निगरानी और त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

उत्तर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में फैली अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य के कई हिस्सों से आ रही शिकायतों और छात्र-छात्राओं के विरोध प्रदर्शनों का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। शासन स्तर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कॉलेज या स्कूल में व्यवस्थागत खामी मिलने पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।

विभिन्न जिलों में उपजे छात्र असंतोष पर ध्यान

हाल के दिनों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विद्यार्थियों को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव सहित कई जिलों में हुए छात्र प्रदर्शनों को बेहद गंभीरता से लिया है। उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि शैक्षणिक परिसरों में बुनियादी सुविधाओं और पठन-पाठन के माहौल की कमी के कारण विद्यार्थियों को आंदोलन का रास्ता चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित विभागों को सख्त ताकीद की गई है कि वे छात्रों की समस्याओं का निस्तारण एक निश्चित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित करें।

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अधिकारियों को चेतावनी और जवाबदेही का निर्धारण

प्रशासनिक ढिलाई पर गहरी नाराजगी जताते हुए योगी आदित्यनाथ ने दोटुक कहा है कि शैक्षणिक व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी संस्थान में मूलभूत सुविधाओं, प्रशासनिक प्रबंधन अथवा छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही पाई जाती है, तो वहां तैनात उत्तरदायी अफसरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। सरकार का ध्येय है कि सरकारी और सहायता प्राप्त संस्थानों में पठन-पाठन का माहौल सुचारू रहे और विद्यार्थियों को बिना वजह परेशानियों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री कार्यालय के नोडल अधिकारी करेंगे निगरानी

समस्याओं के धरातलीय समाधान और व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए एक नई विशेष प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग जिलों के लिए नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये नोडल अफसर संबंधित जिलों और शिक्षण संस्थानों में सामने आने वाली शिकायतों पर सीधी नजर रखेंगे। इसके साथ ही, वे समस्याओं के समाधान की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रस्तुत करेंगे। सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर छात्र शिकायतों के निवारण और राज्य के शिक्षण संस्थानों में उच्च गुणवत्ता की व्यवस्थाएं बहाल करने पर जोर दिया है।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षण संस्थानों को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने शिक्षण संस्थानों में अव्यवस्थाओं को दूर करने, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और छात्रों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
किन जिलों में छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन की खबरें आई थीं?
लखनऊ, आजमगढ़, महोबा, हमीरपुर और उन्नाव समेत कई जिलों में शिक्षण संस्थानों की अव्यवस्था को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किए थे।
शिक्षण संस्थानों की निगरानी के लिए किन्हें नोडल अधिकारी बनाया गया है?
मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो जिलों और शिक्षण संस्थानों की समस्याओं पर नजर रखेंगे।
नोडल अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी क्या होगी?
नोडल अधिकारी शिक्षण संस्थानों में सामने आने वाली शिकायतों की निगरानी करेंगे और उनके समाधान की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
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