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यूपी में ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर योगी सरकार सख्त, रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का समय बढ़ायाउत्तर प्रदेश
23 अग॰ 2026, 10:19 pm (20 दिन पहले)· 2

यूपी में ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर योगी सरकार सख्त, रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का समय बढ़ाया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों के मद्देनजर सड़क सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही, रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए मिलने वाली मुफ्त बस यात्रा की समय-सीमा को भी बढ़ा दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा, परिवहन और यातायात व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि एक्सप्रेसवे, प्रमुख हाईवे, राज्य के भीतर के मार्गों और शहरी इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग को पूरी तरह से सक्रिय रखा जाए। बढ़ते सड़क हादसों और नियमों की अनदेखी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से सरकार ने वाहन चालकों द्वारा की जाने वाली विभिन्न प्रकार की लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया है। विशेष तौर पर ओवरलोडिंग, तय गति सीमा से अधिक तेज वाहन चलाना यानी ओवरस्पीडिंग, यात्रियों से तय सीमा से अधिक किराया वसूलना और अन्य सभी प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, बिना हेलमेट बाइक चलाने, सीट बेल्ट न लगाने, नशे की हालत में गाड़ी चलाने तथा माल ढोने वाले वाहनों या ट्रैक्टरों में लोगों को अनधिकृत रूप से बैठाकर ले जाने पर भी पूरी सख्ती बरतने का आदेश दिया गया है।

सड़क सुरक्षा और गोल्डन ऑवर प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को निर्देश

हाल ही में 23 अगस्त को अधिकारियों के साथ हुई एक अहम बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क हादसों को रोकने और दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल और बेहतर समन्वय के साथ काम करना चाहिए। यदि किसी दुर्घटना की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न होती है, तो घायल व्यक्ति के लिए गोल्डन ऑवर का अधिकतम उपयोग किया जाना सुनिश्चित किया जाए ताकि समय पर इलाज मिल सके। राहत और बचाव केंद्रों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में तेजी से काम करने को कहा गया है ताकि किसी भी दुर्घटना की खबर मिलते ही सबसे पास मौजूद ट्रॉमा केयर सेंटर, एंबुलेंस सेवा और राहत केंद्र तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। त्योहारों के इस दौर में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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रक्षाबंधन के मद्देनजर व्यापक परिवहन और यातायात तैयारियां

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राज्य भर में जुटने वाली भारी भीड़ और बहनों के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 23 अगस्त को परिवहन निगम, परिवहन विभाग, नगर विकास, पुलिस और यातायात विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पर्व के दौरान प्रदेश भर में सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यातायात हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। चूंकि रक्षाबंधन का मुख्य दिन 28 अगस्त को है, इसलिए आवागमन की दृष्टि से 25 अगस्त की सुबह से 29 अगस्त की रात तक का समय बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण रहेगा। इसके अलावा, 26 अगस्त को अवकाश होने के कारण इस दौरान लंबी दूरी की यात्राओं और अलग-अलग जनपदों के बीच सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है।

निःशुल्क बस यात्रा की समय-सीमा में बड़ा विस्तार

प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों के लिए सरकार ने एक बड़ा तोहफा देते हुए रक्षाबंधन पर मिलने वाली मुफ्त बस यात्रा की अवधि को बढ़ा दिया है। अब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाएं और उनके साथ एक सहयात्री पूरी तरह से निःशुल्क यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब यह विस्तारित मुफ्त यात्रा सेवा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से शुरू होकर 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगी। इस विशेष सुविधा के सुचारू संचालन के लिए परिवहन निगम की तरफ से अतिरिक्त बसों को भी सड़कों पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई है ताकि किसी भी यात्री को असुविधा का सामना न करना पड़े।

नगर विकास विभाग की बसें और चालकों का सत्यापन

यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए परिवहन निगम के साथ-साथ नगर विकास विभाग की 900 से अधिक बसों को भी इस विशेष व्यवस्था में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, निजी बसों, ऑटो रिक्शा और टैक्सियों का संचालन करने वाले चालकों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के वास्ते उनका अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने के आदेश दिए गए हैं ताकि महिला यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में 25 अगस्त तक बस यूनियनों, टैक्सी संचालकों और ऑटो-टेम्पो यूनियनों के साथ आवश्यक समन्वय बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यात्रियों से केवल निर्धारित किराया ही वसूला जाए, वाहनों में किसी भी प्रकार की ओवरलोडिंग न हो, यात्रियों के साथ शालीन और विनम्र व्यवहार किया जाए और सभी आवश्यक यात्री सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। त्योहार के दौरान चलने वाली टैक्सियों और ई-रिक्शा के चालकों की भी पूरी छानबीन और सत्यापन होना अनिवार्य है ताकि केवल सक्षम और सत्यापित चालक ही वाहन चलाएं।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर विशेष यातायात प्रबंधन

त्योहारों के इस सीजन के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी संख्या को देखते हुए प्रमुख धार्मिक तथा पर्यटन केंद्रों पर विशेष यातायात प्रबंधन लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, मिर्जापुर के विंध्याचल और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, प्रमुख बाजारों तथा शहरों के अंदर आने और बाहर जाने वाले निकास मार्गों पर संभावित भारी यातायात दबाव को भांपते हुए प्रशासन को पहले से ही एक ठोस कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

बस स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाएं और चिकित्सा सहायता

त्योहार के इस व्यस्त समय में यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए बस स्टेशनों पर सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम करने पर जोर दिया गया है। बस अड्डों और स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, पीने के लिए साफ पानी की उपलब्धता और नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह रक्षाबंधन के खास मौके पर प्रमुख बस स्टेशनों पर प्राथमिक उपचार यानी फर्स्ट एड की अलग से व्यवस्था करे, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी यात्री को तुरंत चिकित्सीय सहायता मिल सके। परिवहन व्यवस्था को आम नागरिकों की सहूलियत के साथ सीधे तौर पर जोड़ते हुए सरकार ने साफ कर दिया है कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करे ताकि हर नागरिक का सफर सुरक्षित और सुखद हो सके।

सवाल-जवाब

उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा कब से कब तक मिलेगी?
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिलाओं और उनके एक सहयात्री के लिए निःशुल्क यात्रा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक उपलब्ध रहेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किन यातायात उल्लंघनों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, अधिक किराया वसूली, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने, नशे में गाड़ी चलाने और मालवाहकों व ट्रैक्टरों में यात्रियों के अनधिकृत परिवहन पर सख्ती के निर्देश दिए हैं।
किन प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं?
मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल-मिर्जापुर और गोरखपुर जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया जाएगा।
नगर विकास विभाग की कितनी बसों को इस योजना में शामिल किया गया है?
रक्षाबंधन के मद्देनजर नगर विकास विभाग की 900 से अधिक बसों को भी इस परिवहन व्यवस्था में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Vikram Yadav@vikram-yadav·19 दिन पहले

त्योहारी सीजन में सड़क सुरक्षा और मुफ्त बस यात्रा की यह पहल सराहनीय है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर तभी दिखेगा जब परिवहन और पुलिस विभाग समन्वय बनाकर ओवरलोडिंग और अवैध वसूली पर लगातार निगरानी रखें। गोल्डन ऑवर प्रबंधन को तकनीकी रूप से मजबूत करने से दुर्घटनाओं में जीवन बचाने में बड़ी मदद मिलेगी, बशर्ते एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर समय पर सक्रिय हों।

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 दिन पहले

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा त्योहारों के बीच सड़क सुरक्षा और महिला यात्रियों की सुविधा का यह दोहरा प्रशासनिक निर्देश शासन की दोहरी प्राथमिकता को दर्शाता है। एक ओर ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई से दुर्घटनाओं में कमी लाने की मंशा स्पष्ट होती है, तो वहीं रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा की समय-सीमा बढ़ाना जनहितैषी प्रशासन का एक बड़ा नीतिगत कदम है। हालांकि, इन बड़े प्रशासनिक आदेशों की असली सफलता ज़मीनी स्तर पर पुलिस और परिवहन महकमे के समन्वय तथा आधुनिक तकनीक के पारदर्शी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·19 दिन पहले

यह प्रशासनिक कदम केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे त्यौहार के दौरान परिवहन निगम के राजस्व और भीड़ प्रबंधन के बीच का आर्थिक संतुलन भी प्रभावित होगा। जब सार्वजनिक परिवहन मुफ्त होता है, तो यात्री ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों को जमीनी स्तर पर लागू करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में, यदि परिवहन और पुलिस विभाग ने तकनीकी एकीकरण और रियल-टाइम मॉनिटरिंग पर समय रहते काम नहीं किया, तो इस भारी यात्री लोड से हाईवे पर जाम और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·19 दिन पहले

यह प्रशासनिक कदम त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक अहम कानूनी और नियामकीय पहल है। ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग जैसे मामलों में लगातार बढ़ रहे हादसों को रोकने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग की यह सख़्त निगरानी आपराधिक लापरवाही पर लगाम कसेगी। साथ ही, गोल्डन ऑवर प्रबंधन को तकनीकी रूप से उन्नत करने से आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया में सुधार होगा, जो न्याय और जनसुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक है।

Rohan Verma@rohan-verma·19 दिन पहले

त्योहारी सीजन में सड़क सुरक्षा और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का विस्तारित समय ज़मीनी स्तर पर बड़ी प्रशासनिक परीक्षा साबित होगा। विशेषकर एक्सप्रेसवे और प्रमुख मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग तथा गोल्डन ऑवर प्रबंधन के तहत ट्रॉमा केयर और एंबुलेंस सेवाओं का तकनीकी एकीकरण यदि प्रभावी ढंग से लागू हुआ, तो इससे दुर्घटनाओं में जनहानि को न्यूनतम करने में बड़ी मदद मिलेगी। आगामी दिनों में परिवहन और यातायात विभागों के बीच आपसी समन्वय की यह गति पूरे राज्य में सुरक्षित आवागमन तय करने के लिए निर्णायक होगी।

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