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उत्सवों से पहले हरिद्वार में प्याज ने निकाले आंसू, थोक और खुदरा दामों में भारी उछालउत्तराखंड
29 अग॰ 2026, 7:03 pm (24 दिन पहले)· 2

उत्सवों से पहले हरिद्वार में प्याज ने निकाले आंसू, थोक और खुदरा दामों में भारी उछाल

त्योहारी सीजन की आहट के साथ ही हरिद्वार में प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। थोक और खुदरा बाजारों में कीमतें बढ़ने से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है।

त्योहारों के मौसम की शुरुआत के साथ ही हरिद्वार में प्याज की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे आम आदमी की रसोई का पूरा बजट गड़बड़ा गया है। अगस्त महीने के शुरुआती दिनों में जो प्याज बेहद आसानी से आम लोगों की पहुंच में थी, उसी के दाम महीने के अंत तक पहुंचते-पहुंचते डेढ़ गुना से अधिक बढ़ गए। हरिद्वार की कृषि उत्पादन मंडी में जब स्थिति का जायजा लिया गया, तो थोक भावों में भारी अंतर साफ नजर आया। महीने की पहली तारीख को जिस मंडी में प्याज का थोक भाव 17 से 22 रुपये प्रति किलो चल रहा था, वह अब काफी ऊपर पहुंच चुका है। वहीं दूसरी ओर, मंडी से बाहर खुले बाजारों में यही प्याज 60 से 65 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रही है, जिसके चलते यह सब्जी आम लोगों की थाली से गायब होती दिखाई दे रही है।

मांग और आपूर्ति का असंतुलन

हरिद्वार मंडी के आढ़ती अंकित खुराना के अनुसार, ठीक एक महीने पहले थोक बाजार में प्याज 18 से 22 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रही थी, लेकिन बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर आने की वजह से कीमतों में यह तेजी आई है। देश में प्याज के सबसे बड़े उत्पादक क्षेत्रों में शुमार नासिक में लगातार हुई भारी बारिश के कारण फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसका सीधा असर मंडियों में आने वाली आवक पर पड़ा है। हालांकि, इस स्थिति को लेकर कारोबारियों का मानना है कि जैसे ही बाजार में नई फसल की खेप पहुंचेगी, कीमतों में सुधार देखने को मिलेगा और दाम गिरकर करीब 35 से 38 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ सकते हैं।

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फसल बर्बादी और बारिश का असर

हरिद्वार मंडी के एक अन्य प्रमुख आढ़ती विनीत अग्रवाल ने बताया कि देश के भीतर प्याज का अधिकांश उत्पादन मुख्य रूप से महाराष्ट्र और इंदौर से होता है। इस सीजन में खेतों में तैयार खड़ी फसल पर भारी बारिश और मूसलाधार पानी गिरने की वजह से करीब 50 फीसदी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। फसल के इस बड़े पैमाने पर खराब होने के कारण जो प्याज थोक में 15 से 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकती थी, उसके दाम सीधे उछलकर 40 से 42 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कारोबारियों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते आपूर्ति की स्थिति पटरी पर नहीं लौटी, तो आने वाले दिनों में दाम और ज्यादा बढ़ सकते हैं, हालांकि सरकार इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और इसे नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बढ़ती महंगाई से जनता परेशान

लगातार ऊपर चढ़ रहे प्याज के ये दाम अब आम नागरिकों की जेब पर बहुत भारी पड़ रहे हैं और लोगों को रुलाने लगे हैं। कीमतों में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी ने त्योहारी उल्लास और उमंग के माहौल के बीच आम जनता की थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है। उपभोक्ता अब इस उम्मीद में सरकार की तरफ टकटकी लगाकर देख रहे हैं कि इस बढ़ती महंगाई से उन्हें जल्द से जल्द कोई राहत मिल सकेगी।

सवाल-जवाब

हरिद्वार में खुदरा बाजार में प्याज किस भाव बिक रही है?
हरिद्वार में खुदरा बाजार के भीतर प्याज 60 से 65 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रही है।
मंडी में थोक भाव में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
मंडी में थोक के दाम बढ़कर डेढ़ गुना तक पहुंच गए हैं, जो पहले 17 से 22 रुपये प्रति किलो थे।
कीमतों में इस भारी उछाल का मुख्य कारण क्या है?
नासिक और अन्य उत्पादक क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के कारण फसल खराब होना इसका मुख्य कारण है।
महाराष्ट्र और इंदौर की फसल पर क्या असर पड़ा है?
मूसलाधार बारिश के चलते खेतों में खड़ी प्याज की लगभग 50 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है।
आने वाले दिनों में कीमतें कब कम हो सकती हैं?
बाजार में नई खेप आने के बाद कीमतें घटकर करीब 35 से 38 रुपये प्रति किलो तक स्थिर हो सकती हैं।
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