सिरमौर के सराहां में धनतेरस पर दर्दनाक हादसा, खाई में बोलेरो गिरने से बड़े भाई की मौत और नौ घायलबेंगलुरु में दामाद ने सिलबट्टे से की सात लोगों की हत्या, नंदी हिल्स से चिकबल्लापुर तक फेंके गए शवसुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश की बड़ी जीत, बीबीएमबी विवाद सुलझा, सालाना 1000 करोड़ तक का होगा फायदातकनीकी दबाव में फिसला यूरो, अमेरिकी डॉलर के सामने 1.1200 का अहम स्तर टूटापलामू के किसान संतरे की बागवानी से कमा सकते हैं लाखों रुपये, जानिए एक एकड़ की लागत और कमाई का पूरा गणितमहज 100 रुपये से शुरू किया कारोबार, अब लाखों की कमाई कर रहे हैं मुरादाबाद के मोहम्मद फिरोजओबीसी क्रीमी लेयर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, केंद्र सरकार की अर्जी खारिजसीतामढ़ी में श्राद्ध भोज के दौरान बेकाबू पिकअप ने 12 लोगों को रौंदा, दो की मौत और कई घायलज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के सभी चुनावी नतीजों की हो व्यापक समीक्षा, जयपुर में सचिन पायलट की बड़ी मांगराजस्थान में महिला आरक्षण पर खिंची राजनीतिक लकीर, सारिका सिंह चौधरी और राखी राठौड़ आमने-सामने
उत्तराखंड में दो दिन खिली धूप के बाद 25 और 26 सितंबर को मूसलाधार बारिश की चेतावनीउत्तराखंड
23 सित॰ 2026, 5:42 am (44 दिन पहले)· 2

उत्तराखंड में दो दिन खिली धूप के बाद 25 और 26 सितंबर को मूसलाधार बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में तेज धूप और उमस के बीच 25 और 26 सितंबर को राज्य के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मॉनसून की सुस्त रफ्तार के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। राज्य में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां काफी धीमी पड़ चुकी हैं, जिसके चलते अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आकलन के अनुसार 23 सितंबर को केवल चुनिंदा पहाड़ी जिलों में बहुत हल्की फुहारें या छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जबकि बाकी सभी हिस्सों में धूप खिली रहेगी। हालांकि, यह शांति ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है, क्योंकि 24 सितंबर से बारिश के दायरे में विस्तार दर्ज होगा और 25 सितंबर से पूरे प्रदेश में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का एक नया चक्र शुरू होने के आसार बन रहे हैं।

मैदानी जिलों में तेज धूप और उमस से आम जनजीवन प्रभावित

पिछले चौबीस घंटों के दौरान दर्ज किए गए तापमान के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि मैदानी क्षेत्रों में पारा सामान्य स्तर से काफी ऊपर पहुंच गया है। बादलों के छंटने और कड़ी धूप निकलने के कारण दोपहर के वक्त हरिद्वार, उधम सिंह नगर और राजधानी देहरादून के निचले इलाकों में लोगों को असहज करने वाली गर्मी और तीखी तपिश का सामना करना पड़ रहा है। लगातार वर्षा न होने की वजह से वायुमंडल में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को पसीने से तरबतर कर रही है। दूसरी तरफ, ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य बना हुआ है, जिसके चलते वहां सुबह और शाम के समय हल्की गुलाबी ठंडक दस्तक देने लगी है। 23 सितंबर और 24 सितंबर को तापमान के मिजाज में बहुत ज्यादा फेरबदल नहीं दिखेगा, यानी मैदानों में तेज धूप का असर जारी रहेगा।

ये भी पढ़ें

देहरादून और हरिद्वार में साफ आसमान और तपिश बरकरार

राजधानी देहरादून और तीर्थनगरी हरिद्वार में 23 सितंबर को वर्षा होने की संभावना न के बराबर है। सुबह से ही सूरज के तेवर तल्ख रहने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी महसूस की जा रही है। दून घाटी में पिछले दो से तीन दिनों से पानी की एक बूंद नहीं गिरी है, जिसके चलते हवा में उच्च आर्द्रता बनी हुई है और लोग उमस की मार झेल रहे हैं। हरिद्वार तथा रुड़की की मैदानी पट्टी में भी बादलों का जमावड़ा नहीं दिख रहा है। 24 सितंबर तक इन दोनों जनपदों में बारिश से किसी भी प्रकार की फौरी राहत मिलने के आसार नहीं हैं, इसलिए स्थानीय राहगीरों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को दिनभर धूप और चिपचिपी गर्मी से जूझना पड़ेगा।

कुमाऊं मंडल में 25 सितंबर से तेज आंधी और भारी वर्षा का खतरा

पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र माने जाने वाले नैनीताल, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में 23 सितंबर का दिन सुहावना और धूप से भरा रहेगा। कुमाऊं क्षेत्र के इन प्रमुख शहरों में फिलहाल किसी बड़ी मानसूनी हलचल के संकेत नहीं हैं। 24 सितंबर को स्थिति थोड़ी बदलेगी और नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर में छिटपुट बूंदें गिर सकती हैं। हालांकि, असली मौसमी संकट 25 सितंबर से खड़ा होगा, जब पूरे कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में तेज रफ्तार झोंकेदार हवाएं चलने लगेंगी। इन जिलों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही तीव्र बौछारों का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।

चारधाम यात्रा मार्ग पर हल्की फुहारें और ठंडक का अहसास

गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में 23 सितंबर को गरज के साथ बहुत हल्की वर्षा अथवा छींटे पड़ने का अनुमान लगाया गया है। प्रमुख तीर्थस्थलों केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के इर्द-गिर्द आंशिक तौर पर बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी, जिसके कारण वहां तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और वातावरण में ठंडक घुली हुई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक इस समय यात्रा मार्गों पर यातायात को रोकने वाली कोई बड़ी मौसमी बाधा मौजूद नहीं है। इसके बावजूद, ऊंचे और संवेदनशील भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से गुजरते समय तीर्थयात्रियों और वाहन चालकों को विशेष रूप से चौकस रहने की ताकीद की गई है।

पिथौरागढ़ और बागेश्वर की घाटियों में स्थानीय बादलों की हलचल

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ और बागेश्वर में स्थानीय संवहनीय बादलों के विकसित होने की वजह से 23 सितंबर को दोपहर के बाद कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बादलों की गड़गड़ाहट के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इन दोनों जिलों की नदी घाटियों में तापमान सामान्य बना हुआ है, जबकि हिमालय की ऊंची चोटियों से सटी बस्तियों में सर्द हवाएं चलने लगी हैं। 24 सितंबर को भी इन सीमांत इलाकों में यही ढर्रा जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और मुसाफिरों को 25 और 26 सितंबर के लिए पूरी तरह सचेत रहना होगा, क्योंकि उस दौरान यहां व्यापक और भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है।

24 सितंबर तक धीमी रफ्तार, फिर 25 और 26 सितंबर को विकराल रूप

मौसम के बदलते चक्र के अनुसार 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सुस्त रहेंगी। इस दिन उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की बात कही गई है। असली बदलाव 25 सितंबर को दर्ज होगा, जब बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में आकाशीय बिजली गिरने, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं के चलने और तीव्र से अति तीव्र वर्षा के दौर आने की चेतावनी लागू रहेगी। इसके बाद सप्ताहांत में मौसम और ज्यादा आक्रामक रूप ले सकता है। 26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर आशंका जताई गई है। उसी दिन अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। राज्य के सभी 13 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। राहत की बात यह है कि इस तीव्र दौर के बीतने के बाद 27 और 28 सितंबर को अधिकांश इलाकों में केवल हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा जारी रहने का अनुमान है।

सवाल-जवाब

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट किन तारीखों के लिए है?
मौसम विभाग ने 25 और 26 सितंबर को राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
23 और 24 सितंबर को मौसम का रुख कैसा रहेगा?
इन दो दिनों में मैदानी इलाकों में तेज धूप और उमस बनी रहेगी, जबकि उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे पहाड़ी जिलों में हल्की छिटपुट फुहारें गिर सकती हैं।
25 सितंबर को किन जिलों में तेज आंधी और बारिश का अनुमान है?
25 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाओं के साथ तीव्र बारिश की संभावना है।
26 सितंबर को किन जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है?
26 सितंबर को बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और उधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली में भारी बारिश का अलर्ट है।
क्या चारधाम यात्रा मार्ग पर वर्तमान में कोई रुकावट है?
23 सितंबर को चारधाम यात्रा मार्गों पर कोई बड़ी रुकावट नहीं है, लेकिन यात्रियों को ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने को कहा गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·44 दिन पहले

मैदानों की उमस से हाल बेहाल है और अचानक 25 तारीख से भारी बारिश का अलर्ट आ गया है। क्या उत्तराखंड प्रशासन ने इस बार चार धाम यात्रा और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई खास इंतजाम किए हैं?

Arjun Mehta@arjun-mehta·44 दिन पहले

मैदानों में उमस भरी गर्मी और पहाड़ों में हल्की ठंडक का यह फर्क बड़ा अजीब है, सितंबर खत्म होने को है फिर भी पसीना छूट रहा है।

Ravikash Gupta@ravikash·44 दिन पहले

अर्जुन जी, पसीना तो छूट ही रहा है, पर मौसम विभाग की 25-26 वाली भारी बारिश की चेतावनी पर मुझे थोड़ा शक है। अक्सर ऐसा अनुमान सिर्फ डराने के लिए होता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·44 दिन पहले

उमस तो सच में बहुत परेशान कर रही है, पर पच्चीस तारीख से इतनी भारी बारिश की उम्मीद मुझे थोड़ी ज़्यादा लग रही है। मौसम विभाग का अनुमान कई बार सिर्फ डर पैदा करने के लिए होता है।

Rohan Verma@rohan-verma·44 दिन पहले

करण भाई, उमस से हाल बेहाल तो है, पर पहाड़ों में रास्ते पहले ही कमज़ोर हैं, इसलिए मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp