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पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हेडमास्टर और छात्रों के बीच झड़प के बाद शिक्षा विभाग ने तलब की पूरी रिपोर्टपश्चिम बंगाल
9 सित॰ 2026, 11:09 pm (3 दिन पहले)· 3

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हेडमास्टर और छात्रों के बीच झड़प के बाद शिक्षा विभाग ने तलब की पूरी रिपोर्ट

जलपाईगुड़ी के एक स्कूल में शिक्षक दिवस पर विशेष मिड-डे मील को लेकर हुए विवाद में हेडमास्टर और छात्रों के बीच मारपीट हो गई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट मांगी है और शिक्षा मंत्री शुक्रवार को स्कूल का दौरा करेंगे।

जलपाईगुड़ी जिले के एक स्कूल में शिक्षक दिवस के मौके पर परोसे गए विशेष मिड-डे मील को लेकर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब खाने के वितरण को लेकर उपजे विवाद के बीच हेडमास्टर और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। उत्सव के माहौल में शुरू हुआ यह आयोजन देखते ही देखते अफरा-तफरी में बदल गया, जिससे प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।

विवाद की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम

मंगलवार दोपहर को हुई इस घटना की शुरुआत तब हुई जब कुछ छात्र रसोईघर के भीतर चले गए, जिसके बाद हेडमास्टर धर्मचंद बारुई गुस्से में आ गए और उन्होंने कक्षा दस के कुछ विद्यार्थियों की पिटाई कर दी। इस कार्रवाई से तुरंत ही परिसर में तनाव फैल गया और आक्रोशित छात्रों के एक समूह ने हेडमास्टर को घेरकर हमला कर दिया। इस मारपीट में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें पुलिस की मदद से बचाया गया और तुरंत जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। छात्रों के एक अन्य पक्ष का दावा है कि विद्यार्थियों को उस भोजन के दौरान पकड़ा नहीं गया था, जिसे लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ। घटना का वीडियो फुटेज सामने आने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है।

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जांच और प्रशासनिक कदम

इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मंगलवार की इस घटना की औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव बिनोद कुमार के निर्देशों का पालन करते हुए, जिला स्कूल निरीक्षक सुजीत सरकार ने बुधवार को स्कूल का दौरा किया और शिक्षकों से बातचीत कर झगड़े की असली वजह टटोलने की कोशिश की। सुजीत सरकार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे घटना की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, और मैं तय समय के भीतर जांच रिपोर्ट सौंप दूंगा।" इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या प्रधानाध्यापक बरुई के खिलाफ पहले से कोई शिकायत दर्ज थी या ऐसी कोई बात थी जिससे विद्यार्थियों में असंतोष पनपा हो।

शिक्षा मंत्री का दौरा और आगामी कार्रवाई

हेडमास्टर की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें 15 दिन की छुट्टी प्रदान की गई है। इस बीच, अगले शुक्रवार को स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन खुद जलपाईगुड़ी के उस स्कूल का दौरा करने वाले हैं, जहां यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। मंत्री के इस दौरे के दौरान इलाके के अन्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से भी मुलाकात किए जाने की संभावना है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। इससे पहले भी पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में शिक्षक दिवस के अवसर पर एक शिक्षक द्वारा छात्रों की पिटाई किए जाने का मामला सामने आ चुका है, जैसा कि बांकुड़ा जिले में शिक्षक दिवस पर एक टीचर ने छात्रों की जमकर पिटाई की घटना से स्पष्ट है। इसके अलावा, राज्य में अन्य हादसों की भी खबरें आई हैं, जैसे शिक्षक दिवस से पहले एक होम ट्यूटर की सड़क हादसे में मौत का मामला भी हाल ही में सामने आया था।

सवाल-जवाब

जलपाईगुड़ी में यह घटना किस स्कूल में हुई?
यह घटना जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में शिक्षक दिवस के मौके पर हुई।
घायल हेडमास्टर का नाम क्या है?
घायल हेडमास्टर का नाम धर्मचंद बारुई है।
इस घटना के बाद हेडमास्टर का इलाज कहां चल रहा है?
उनका इलाज जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और उन्हें 15 दिन की छुट्टी दी गई है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
जिला स्कूल निरीक्षक सुजीत सरकार ने शिक्षा विभाग के निर्देशों पर स्कूल का दौरा कर जांच शुरू की है।
शिक्षा मंत्री इस स्कूल का दौरा कब करेंगे?
शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन अगले शुक्रवार को स्कूल का दौरा करेंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·2 दिन पहले

जलपाईगुड़ी के इस स्कूल में मिड-डे मील और शिक्षक दिवस के जश्न के दौरान हुआ यह हिंसक संघर्ष प्रशासनिक और डिजिटल निगरानी की गंभीर जरूरत को उजागर करता है। जब तक स्कूलों में सोशल मीडिया और वीडियो फुटेज के आधार पर त्वरित कार्रवाई की संस्कृति मजबूत नहीं होगी, तब तक ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना मुश्किल रहेगा। शिक्षा मंत्री के आगामी दौरे और जिला प्रशासन की जांच से यह साफ होना चाहिए कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में कौन से डिजिटल और संस्थागत कदम उठाए जाएंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी स्कूल में शिक्षक दिवस पर हुई इस हिंसक झड़प से शिक्षण संस्थानों में अनुशासन और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मिड-डे मील जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह का विवाद और शिक्षा विभाग द्वारा तुरंत रिपोर्ट तलब करना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य स्कूलों में भी सुरक्षा और प्रबंधन के स्तर पर कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी हो सकते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

यह घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि शैक्षिक संस्थानों में शासन और प्रशासनिक नियंत्रण की विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। जब शिक्षक और छात्र आपस में हिंसक टकराव पर उतर आएं, तो यह नीति निर्धारकों के लिए एक चेतावनी है। शिक्षा मंत्री के प्रस्तावित दौरे और संभावित नए दिशा-निर्देशों से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार अब स्कूलों में अनुशासन और प्रबंधन प्रणाली की सुदृढ़ता के लिए कड़े कदम उठाने को मजबूर होगी, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

यह घटना स्कूलों में बढ़ते तनाव और प्रशासनिक नियंत्रण की गंभीर स्थिति को दर्शाती है। शिक्षक और छात्रों के बीच ऐसी हिंसक झड़पें न्याय व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। यदि समय रहते परामर्श और सुरक्षा के पुख्ता कदम नहीं उठाए गए, तो शिक्षण संस्थानों में अनुशासन और कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

यह घटना केवल एक स्कूल का मामूली विवाद नहीं है, बल्कि शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक संवाद की कमी और बढ़ते आक्रोश का स्पष्ट संकेत है। शिक्षक दिवस जैसे पावन अवसर पर इस तरह की हिंसा राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि विभाग ने प्रधानाध्यापकों की कार्यशैली और छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए पारदर्शी तंत्र नहीं बनाया, तो इस प्रकार के तनाव आने वाले दिनों में प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

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