पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उपचुनाव को लेकर विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रेजीनगर में मुकाबला बेहद कड़ा रहने वाला है और यह देखना दिलचस्प होगा कि उपचुनाव में भगवाधारी क्या कमाल दिखाते हैं। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा में लाए गए शिक्षा बिल का जिक्र करते हुए कहा कि आखिर इस बिल के विरोध की असली वजह क्या है, यह इसके प्रावधानों को समझते ही साफ हो जाता है।
जादवपुर यूनिवर्सिटी के लिए 1300 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री अधिकारी ने सदन में जानकारी दी कि राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से जादवपुर यूनिवर्सिटी को करीब 1300 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालयों से जुड़े शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों के तबादले के मुद्दे पर भी बात की। गौर करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोलकाता में गेरुआ सम्मान यात्रा निकाली थी और जब यह यात्रा जादवपुर यूनिवर्सिटी के पास पहुँची थी, तो यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था।
8 विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और स्टाफ के ट्रांसफर का मुद्दा
शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 8 स्थापित विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षा स्टाफ का ट्रांसफर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी तबादले का नियम मौजूद है। यदि किसी को प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होने वाले ये तबादले रास नहीं आते हैं या उनकी जरूरत नहीं समझती है, तो वे अपनी नौकरी छोड़ सकते हैं और झोला उठाकर होलटाइमर बन सकते हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि जब नई यूनिवर्सिटी का निर्माण होगा, तो इन तथाकथित पंडितों को वहाँ भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि तथाकथित वामपंथी लोग चुन-चुनकर भगवाधारियों को निशाना बना रहे हैं।
देश विरोधी और राष्ट्रविरोधी नारों पर सख्त रुख
विवादित और राष्ट्रविरोधी नारों पर कड़ा रुख अपनाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने दो टूक कहा कि अगर वे भारत के टुकड़े करने जैसी बातें कहेंगे, तो वह उनके टुकड़े कर देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी की आस्था या भरोसे को ठेस पहुँचाने वाले किसी भी तरह के राष्ट्रविरोधी शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा, तो कानून पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा।
शासन व्यवस्था और पांच साल का कार्यकाल
सरकार के कामकाज पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक सरकारें पाँच साल के लिए चुनी जाती हैं और शासन व्यवस्था के मामले में उन्होंने 'एक देश, एक स्टेट' की वकालत की। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि कोई इस नीति का विरोध करेगा, तो सरकार भी अपना सख्त रुख अख्तियार करेगी।
आलिया यूनिवर्सिटी और शिक्षा बिल का समर्थन
मुख्यमंत्री ने आलिया यूनिवर्सिटी को भी एक ही परिसर में लाने का जिक्र किया। शिक्षा बिल का पुरजोर समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस कदम के साथ पूरी तरह खड़े हैं।
इशारों में विरोधियों पर निशाना और साधु की तस्वीर जलाने पर एक्शन
बिल के मकसद को लेकर उन्होंने कहा कि जनता अच्छी तरह जानती है कि यह बिल क्यों लाया गया है और समझदारों के लिए इशारा ही काफी होता है। इसके साथ ही भवानीपुर थाने के बाहर कुछ लोगों द्वारा एक साधु की तस्वीर जलाए जाने की घटना पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कृत्य में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
कम्युनिस्टों के स्टॉल और दुर्गा पूजा पर चेतावनी
वामपंथी संगठनों के स्टॉल को लेकर मुख्यमंत्री ने तीखा तेवर दिखाते हुए कहा कि यदि कम्युनिस्ट अपने स्टॉल पर 'दुर्गा पूजा' का नाम नहीं लिखते हैं, तो उन्हें किसी भी कीमत पर स्टॉल नहीं लगाने दिया जाएगा।



















