अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिकी धरती पर किसी भी सूरत में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह बात अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए कही।
ट्रंप ने क्या लिखा
डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, "Benjamin Netanyahu will not be arrested, in any way, shape, or form, while in the United States of America." इसके आगे उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने हाल ही में 52,000 निर्दोष प्रदर्शनकारियों की जान ली है और बीते 47 सालों में अमेरिकी सैनिकों समेत कई और लोगों की हत्या की है। ट्रंप ने कहा कि असल में गिरफ्तारी उन लोगों की होनी चाहिए जिन्होंने ईरान को मौत और तबाही के इस भंवर में धकेला, और यह मामला बरसों पहले पिछली सरकारों को ही सुलझा लेना चाहिए था। पोस्ट के अंत में उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर अपना नाम दर्ज किया।
यह मामला अभी क्यों गरमाया
यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब नेतन्याहू की संभावित गिरफ्तारी को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पहले ही नेतन्याहू और इजरायल के तत्कालीन रक्षा मंत्री योव गैलंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुका है। न्यायालय ने इजरायल की उस चुनौती को भी खारिज किया था जिसमें अपने ही मामले पर अदालत के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए गए थे।
न्यूयॉर्क से जुड़ा एंगल
खबरों के मुताबिक, न्यूयॉर्क में जोरान ममदानी की ओर से नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की बात उठने के बाद यह मुद्दा अमेरिकी घरेलू राजनीति से भी जुड़ गया है।
नेतन्याहू पर घर में भी दबाव
खबरों के मुताबिक, नेतन्याहू को इजरायल में भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। लेबनान को लेकर ट्रंप के दबाव में लिए गए फैसलों पर उनके राजनीतिक विरोधी उन्हें घेर रहे हैं, वहीं रिपब्लिकन पार्टी पर ट्रंप की मजबूत पकड़ के चलते नेतन्याहू के पास समर्थन जुटाने के विकल्प भी सीमित बचे हैं।
इसका मतलब क्या है
ट्रंप का यह बयान दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद वे नेतन्याहू के साथ खुलकर खड़े हैं और ईरान को लेकर अपनी सख्त नीति पर कायम हैं। यह पोस्ट अमेरिका में इजरायल समर्थक और आलोचक खेमों के बीच चल रही बहस को और हवा दे सकती है।



























