वॉशिंगटन डीसी स्थित नेशनल मॉल पर बने द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक (वर्ल्ड वॉर II मेमोरियल) में तोड़फोड़ और नुकसान पहुंचाने के मामले में केन्टकी की एक महिला के खिलाफ फेडरल ग्रैंड जूरी ने औपचारिक रूप से आरोप तय किए हैं। इस घटना और कानूनी कार्रवाई को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर जानकारी साझा की है।
स्मारक में तोड़फोड़ का मामला
खबरों के अनुसार, केन्टकी के एलिजाबेथटाउन की रहने वाली महिला पर वॉशिंगटन डीसी में स्थित राष्ट्रीय स्मारक को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग और फेडरल ग्रैंड जूरी की जांच के बाद इस मामले में महिला को आरोपी ठहराया गया। अमेरिकी राजधानी में स्थित यह स्मारक द्वितीय विश्व युद्ध में सेवा देने वाले और जान गंवाने वाले लाखों सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और पोस्ट
इस घटना के सामने आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक संदेश साझा किया। उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट से महिला पर आरोप तय होने की जानकारी को प्रमुखता से उठाया। राष्ट्रीय स्मारकों को नुकसान पहुंचाने का यह मामला अमेरिका में चर्चा का विषय बना हुआ है।
द्वितीय विश्व युद्ध का इतिहास और महत्व
द्वितीय विश्व युद्ध मानव इतिहास का सबसे विनाशकारी और घातक संघर्ष था। यह युद्ध मित्र राष्ट्रों (Allies) और धुरी राष्ट्रों (Axis powers) के बीच लड़ा गया था, जिसमें दुनिया के अधिकांश देशों ने हिस्सा लिया था। इस वैश्विक युद्ध में 60 से 75 मिलियन (6 से 7.5 करोड़) लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकांश आम नागरिक थे। इस दौरान नरसंहार, भुखमरी, बीमारियों और होलोकॉस्ट के कारण लाखों लोग मारे गए थे। मित्र राष्ट्रों की विजय के बाद जर्मनी, ऑस्ट्रिया, जापान और कोरिया पर कब्जा कर लिया गया और युद्ध अपराधों के लिए सैन्य नेताओं पर मुकदमे चलाए गए।


























