BJP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) से एक पोस्ट साझा करते हुए देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में आए बदलावों को रेखांकित किया है। पार्टी ने संस्कृत सूक्ति ‘आरोग्यं परमं भाग्यं’ यानी ‘स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा भाग्य है’ के साथ अपनी बात रखी और कहा कि बीते 12 सालों में भारत की हेल्थकेयर व्यवस्था की तस्वीर बदल चुकी है।
बीमारी और मध्यमवर्ग की चिंता
पोस्ट में एक ऐसे दौर का जिक्र किया गया है, जब कोई गंभीर बीमारी सिर्फ शरीर को ही नहीं तोड़ती थी, बल्कि एक मध्यमवर्गीय परिवार की वर्षों की जमा-पूंजी तक खत्म कर देती थी। इलाज का खर्च अक्सर परिवारों को आर्थिक रूप से तोड़ देता था, और एक बीमारी पूरे घर की बचत पर भारी पड़ जाती थी।
‘12 साल में आई क्रांति’ का दावा
BJP के मुताबिक, साल 2014 से 2026 तक के इन 12 वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति देखी है। पार्टी का कहना है कि इस अवधि में सेहत से जुड़ी सुविधाओं और व्यवस्था में आए बदलावों ने आम लोगों, खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए हालात पहले से अलग कर दिए हैं। पोस्ट का मूल संदेश यही है कि अब बीमारी का बोझ परिवारों की आर्थिक कमर तोड़ने वाला नहीं रहना चाहिए।
जनता की प्रतिक्रिया
पोस्ट पर मिल रही प्रतिक्रियाओं में लोगों का रुख मिला-जुला दिखा — कुछ यूज़र्स ने इन दावों का स्वागत किया और सरकार के प्रयासों की सराहना की, तो कुछ ने जमीनी हकीकत और आंकड़ों को लेकर सवाल भी उठाए।













