आम आदमी पार्टी के नेता Arvind Kejriwal ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट साझा करते हुए गोवा के लोगों पर पड़ रहे भारी बिजली बिल के बोझ की ओर ध्यान खींचा है। अपनी पोस्ट में उन्होंने सीधा सवाल किया कि आख़िर गोवावासियों को बढ़े हुए बिजली बिल चुकाने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है, और साथ ही एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के सीधे प्रसारण की सूचना भी दी।
पोस्ट में क्या कहा गया
Kejriwal की पोस्ट का मुख्य ज़ोर इसी एक बिंदु पर था कि राज्य के आम परिवारों पर बिजली का खर्च लगातार क्यों बढ़ता जा रहा है। उन्होंने इसे एक अहम जनहित का मसला बताते हुए इस पर खुलकर बात रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस का लाइव लिंक भी जनता के साथ साझा किया, ताकि लोग सीधे इस चर्चा से जुड़ सकें।
स्मार्ट मीटर पर घिरी सरकार
इस पोस्ट के बाद चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र गोवा में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर बन गए। लोगों की ओर से सबसे गंभीर आरोप यही रहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल पहले के मुकाबले कई गुना ज़्यादा आ रहे हैं, जिन्हें चुका पाना आम परिवारों के बस में नहीं रह गया है। इसी क्रम में एक बड़ा आरोप परियोजना की लागत को लेकर भी उठा।
लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी जो परियोजना शुरुआत में ₹450 करोड़ में मंज़ूर हुई थी, उसकी लागत बढ़कर ₹890 करोड़ तक कैसे पहुँच गई। इसी दोगुनी होती लागत को लेकर इसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है और सवाल खड़ा किया जा रहा है कि ठेका किस आधार पर और किसे दिया गया।
विपक्षी हमलों का दायरा
बहस सिर्फ़ बिजली बिल तक सीमित नहीं रही। आलोचनाओं में मुख्यमंत्री Sawant के नेतृत्व वाली BJP सरकार पर कई और मोर्चों पर भी निशाना साधा गया। इनमें ऊँचे GST और कर्ज़ के बोझ से जूझते आम परिवारों की हालत, गाँवों की ज़मीनों को बड़ी टाउनशिप परियोजनाओं के लिए बेचे जाने की चिंता, और रोज़गार से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। कई लोगों ने राज्य के बुनियादी ढाँचे और विभिन्न विभागों के कामकाज पर भी नाराज़गी जताई।
जनता की प्रतिक्रिया
Kejriwal की इस पोस्ट पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी और ज़्यादातर सुर सरकार के ख़िलाफ़ ही रहे। कई लोगों ने बढ़े बिलों और स्मार्ट मीटर को लेकर गहरी चिंता जताई और इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इस मुद्दे को उठाने के लिए समर्थन भी जताया।













