रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे 18 सितंबर को केरल के कोच्चि में आयोजित एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनेंगे। जनमभूमि द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन 'रामायण- एक महाकाव्य अनेक कथाएं: राम कथा भारत और उसके पार' का उद्घाटन समारोह कोच्चि में होगा, जहां रक्षा मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
सम्मेलन का स्वरूप और उद्देश्य
यह सम्मेलन रामायण की विविध व्याख्याओं और भारतीय उपमहाद्वीप से परे इसके प्रसार पर केंद्रित है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में विद्वान, कलाकार और सांस्कृतिक विशेषज्ञ राम कथा के विभिन्न आयामों पर चर्चा करेंगे। जनमभूमि संस्था इस कार्यक्रम की आयोजक है, जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार के लिए जानी जाती है।
बेंगलुरु में रक्षा कार्यक्रम
कोच्चि के कार्यक्रम के बाद रक्षा मंत्री शाम को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचेंगे, जहां वे हल्के लड़ाकू विमान तेजस के अंतिम परिचालन मंजूरी (एफओसी) सौंपने के समारोह में भाग लेंगे। यह समारोह भारतीय वायुसेना की स्वदेशी क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। तेजस विमान भारत का पहला स्वदेशी चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जिसे एचएएल द्वारा विकसित किया गया है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घोषणा को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कई उपयोगकर्ताओं ने सांस्कृतिक आयोजन और रक्षा क्षेत्र की प्रगति की सराहना की, वहीं कुछ ने स्थानीय मुद्दों और प्रशासनिक शिकायतों को भी उठाया। समर्थकों ने रामायण सम्मेलन को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया, जबकि तेजस कार्यक्रम को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना।


























