मध्य पूर्व में एक बड़ा रणनीतिक और कूटनीतिक बदलाव देखने को मिला है, जहां बोर्ड ऑफ पीस ने गाजा में सक्रिय हमास और अन्य सभी सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर सहमति बना ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा करते हुए इसे स्थायी शांति, सुरक्षा और अपने 20-सूत्री योजना के कार्यान्वयन की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया है।
गाजा निरस्त्रीकरण समझौते के मुख्य प्रावधान
इस नए समझौते की शर्तों के अनुसार, गाजा में अब एक नई फलस्तीनी सरकार का गठन किया जाएगा, जो बोर्ड ऑफ पीस के साथ मिलकर काम करेगी। निरस्त्रीकरण की यह पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। गाजा में जैसे-जैसे हथियार डालने की प्रक्रिया पूरी होगी, इसराइली सेना की वहां से वापसी होगी। इसके साथ ही, एक इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स का गठन होगा जो नई फलस्तीनी पुलिस सेवा के साथ मिलकर गाजा के नागरिकों और पड़ोसी क्षेत्रों की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगी।
समझौते में यह स्पष्ट किया गया है कि गाजा का इस्तेमाल अब किसी भी तरह के आतंकी हमलों या सैन्य अभियानों के आधार के रूप में नहीं करने दिया जाएगा, जिससे इसराइल को आवश्यक सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि 7 अक्टूबर को गाजा से पैदा हुए सुरक्षा खतरे को किसी भी सूरत में दोबारा उभरने नहीं दिया जाएगा।
मध्यस्थ देशों का योगदान और शांति की ओर कदम
पिछले एक वर्ष के दौरान जारी भीषण युद्ध, मानवीय संकट और बंधकों की कठिन स्थिति का उल्लेख करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने इस कूटनीतिक सफलता पर संतोष जताया। उन्होंने इस ऐतिहासिक समझौते को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मध्यस्थ देशों मिस्र, कतर और तुर्की के प्रयासों के साथ-साथ अपनी वार्ताकार टीम के निरंतर परिश्रम की सराहना की।
"यह स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक और स्मारक कदम है," डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी घोषणा में कहा।
वित्तीय बाजारों और बाजार जोखिम पर असर
गाजा में पूर्ण निरस्त्रीकरण और शांति समझौते के ऐलान से वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम का स्तर कम होने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव घटने से अंतरराष्ट्रीय इक्विटी और क्षेत्रीय वित्तीय संपत्तियों के लिए अनिश्चितता कम होती है। निवेशक इस घटनाक्रम के बाद आईशेयर्स एमएससीआई इसराइल ETF जैसे क्षेत्रीय वित्तीय फंडों और परिसंपत्तियों पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों और निवेश रिटर्न में सुधार की संभावना जताई जा रही है।



























