ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात के बाद नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने इस बैठक को बेहद खास बताते हुए कहा कि दुनिया में जो बड़े बदलाव हो रहे हैं, उनके बीच ब्रिक्स की जिम्मेदारी और अहमियत दोनों बढ़ गई हैं।
मोदी ने क्या लिखा
अपनी पोस्ट में नरेंद्र मोदी ने लिखा कि ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में ब्रिक्स के पास सुरक्षा सहयोग को गहरा करने और साझा चुनौतियों का सामना करने की बड़ी क्षमता है। उन्होंने तीन मुख्य क्षेत्रों का जिक्र किया जहां मिलकर काम करना सबसे जरूरी है, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकें।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक, भारत ने 22 जून को ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की मेजबानी की, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने की। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने और साझा खतरों से निपटने की रणनीति पर विचार किया गया। अजित डोभाल ने इस दौरान कहा कि बदलती दुनिया में ब्रिक्स की एक विशेष और बढ़ती हुई भूमिका है। खबरों के अनुसार, उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हुए इसे ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के लिहाज से सकारात्मक कदम बताया।
साझा सुरक्षा का एजेंडा
इस उच्चस्तरीय बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि ब्रिक्स देश आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने, साइबर हमलों से बचाव का ठोस ढांचा तैयार करने और तेजी से विकसित हो रही तकनीकों के प्रभाव को समझने में एक-दूसरे की मदद करने के इच्छुक हैं। नरेंद्र मोदी के संदेश में यह भाव साफ था कि ये समस्याएं किसी एक देश की नहीं, पूरी दुनिया की हैं, और ब्रिक्स सामूहिक रूप से इनका समाधान निकालने में सक्षम है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक बड़े तबके ने ब्रिक्स मंच पर भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि इन उच्चस्तरीय बैठकों से जमीन पर कितने ठोस नतीजे सामने आते हैं।




















