प्रधानमंत्री Narendra Modi (@narendramodi) ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने फ्रांस के एवियन में हुए G7 शिखर सम्मेलन में अपनी व्यस्तताओं का ब्योरा दिया। दिलचस्प बात यह रही कि यह संदेश उन्होंने अंग्रेज़ी या हिंदी में नहीं, बल्कि फ्रेंच भाषा में लिखा, जो मेज़बान देश की ओर एक सहज सांकेतिक इशारा भी माना जा रहा है।
एवियन की मेज़ पर क्या हुआ
अपनी पोस्ट में मोदी ने बताया कि शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी कई सार्थक बैठकें और बातचीत हुईं। उन्होंने इसे उपयोगी और परिणामदायी मुलाकातों की एक शृंखला बताया, जिनमें विभिन्न नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान प्रदान हुआ।
शासन और नीति पर भारत का पक्ष
मोदी के अनुसार, इस मंच ने उन्हें शासन और नीति निर्माण के अहम क्षेत्रों में भारत की स्थिति और प्रयासों को सामने रखने का अवसर दिया। उन्होंने लिखा कि उन्हें इन प्रमुख विषयों पर भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करने का मौका मिला। अपनी पोस्ट में वे एक और बिंदु पर ज़ोर देने की बात कह रहे थे, हालांकि संदेश का वह हिस्सा अधूरा रह गया।
फ्रेंच में संदेश क्यों मायने रखता है
किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े संदेश को मेज़बान देश की भाषा में साझा करना कूटनीतिक शिष्टाचार और जुड़ाव का संकेत देता है। यही वजह रही कि मोदी की यह फ्रेंच पोस्ट सामान्य अपडेट से कहीं अधिक ध्यान खींचने में कामयाब रही।
जनता की प्रतिक्रिया
पोस्ट पर लोगों की मिलीजुली मगर बड़े पैमाने पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर रखने के लिए उनकी सराहना की और एवियन से पेरिस तक की उनकी आगे की यात्रा की शुभकामनाएं दीं, जबकि कुछ ने प्रशासनिक सुधार और भाषा जैसे मुद्दों पर सवाल और टिप्पणियां भी कीं।













