मॉस्को के बीचोंबीच स्थित कुद्रिंस्काया चौक पर एक रेस्तरां में हुए जोरदार धमाके में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक यह धमाका स्थानीय समयानुसार शाम करीब 20:00 बजे (17:00 GMT) हुआ।
धमाके की वजह अब भी साफ नहीं
पुलिस अभी तक यह पुख्ता तौर पर नहीं बता पाई है कि विस्फोट आखिर हुआ कैसे। शुरुआती जानकारी बताती है कि धमाका रेस्तरां की रसोई से शुरू हुआ, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक गैस सिलेंडर या किसी उपकरण जैसी किसी खास वजह का नाम नहीं लिया है। जांच अभी जारी है और अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर विस्फोट की असली वजह क्या थी। मलबे में तलाशी जारी रहने के बीच मृतकों की संख्या आगे बदल भी सकती है। फिलहाल इसे एक खुली जांच के तौर पर देखा जा रहा है, किसी व्यक्ति या कंपनी पर अभी कोई आरोप सार्वजनिक रूप से नहीं लगाया गया है। पुलिस ने मृतकों और घायलों की उम्र, पहचान या लिंग जैसी बुनियादी जानकारी भी अभी सार्वजनिक नहीं की है।
शादी की पार्टी के बीच मची अफरा-तफरी
बताया जा रहा है कि धमाके के वक्त रेस्तरां में एक शादी की पार्टी चल रही थी, जिसमें करीब 50 मेहमान मौजूद थे। मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि धमाके के बाद अफरातफरी में लोगों को खून से लथपथ हालत में बाहर निकाला जाता देखा गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि धमाका कितना अचानक और कितना भयानक रहा होगा। इतने बड़े हादसे में तीन लोगों की मौत और 15 के घायल होने की बड़ी वजह यही रही कि उस वक्त एक बंद जगह के भीतर बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे, और रसोई में हुए धमाके के वक्त किसी के पास बचने का मौका ही नहीं बचा। यह अब तक साफ नहीं है कि शादी में शामिल मेहमान खुद मृतकों या घायलों में शामिल हैं या नहीं, लेकिन खून से लथपथ लोगों को बाहर निकाले जाने की बात से यह जरूर लगता है कि जश्न मना रहे कुछ मेहमान सीधे तौर पर इस हादसे की चपेट में आए।
सड़कें बंद, साइकिल रैली रद्द
धमाके के बाद अधिकारियों को कुद्रिंस्काया चौक के आसपास की सड़कों को कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा, ताकि राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर हालात संभाल सकें। इस धमाके का असर शहर के दूसरे हिस्सों में चल रहे कार्यक्रमों पर भी पड़ा। पास ही में दर्जनों साइकिल सवार शाम की एक रैली के लिए इकट्ठा हुए थे, जो मॉस्को की सड़कों से होकर गुजरने वाली थी, लेकिन धमाके की खबर फैलते ही आयोजकों ने इस रैली को टालने की बजाय पूरी तरह रद्द कर दिया। इससे साफ पता चलता है कि धमाके का असर सिर्फ रेस्तरां तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसी चौक के आसपास तय एक बिल्कुल अलग सार्वजनिक कार्यक्रम पर भी इसका सीधा असर पड़ा।
मौके पर भारी हथियारबंद पुलिस बल तैनात
घटनास्थल से सामने आए वीडियो फुटेज में रेस्तरां के आसपास भारी हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मी तैनात दिखाई दिए, और पूरे इलाके को घेरकर आम लोगों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया। इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था से यह जाहिर होता है कि अधिकारी इस धमाके को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं, भले ही अभी तक इसकी असली वजह की पुष्टि नहीं हो पाई है और जांच जारी है। आमतौर पर इस तरह की घेराबंदी इसलिए की जाती है ताकि जांच एजेंसियां मौके से जरूरी सबूत जुटा सकें और साथ ही आसपास मौजूद लोगों को तब तक सुरक्षित रखा जा सके जब तक अधिकारियों को यह भरोसा न हो जाए कि क्षतिग्रस्त इमारत से अब कोई और खतरा नहीं है। इलाके को आम लोगों के लिए बंद किए जाने का मतलब यह भी है कि घटनास्थल से नई जानकारी या ताजा फुटेज तब तक सामने आने की संभावना कम है, जब तक अधिकारी शुरुआती जांच पूरी नहीं कर लेते। फिलहाल न तो घायलों और मृतकों की संख्या में कोई नया अपडेट सामने आया है और न ही धमाके की वजह को लेकर कोई और जानकारी सार्वजनिक की गई है, ऐसे में कुद्रिंस्काया चौक के आसपास हालात अभी भी बदलते नजर आ रहे हैं।


















