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परिसीमन विवाद पर राहुल गांधी का कड़ा प्रहार, बोले- बीजेपी का साथ देने वाले तमिलनाडु के 21वीं सदी के एट्टप्पननेता जी
2 अग॰ 2026, 2:27 am (2 घंटे पहले)· 1

परिसीमन विवाद पर राहुल गांधी का कड़ा प्रहार, बोले- बीजेपी का साथ देने वाले तमिलनाडु के 21वीं सदी के एट्टप्पन

संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रस्ताव का समर्थन करना तमिलनाडु की जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है।

संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावित कानून को लेकर देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तमिल और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एक महत्वपूर्ण संदेश पोस्ट किया है। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी द्वारा लाए जा रहे परिसीमन कानून का खुलकर विरोध किया है और उन सभी राजनीतिक शक्तियों को चेतावनी दी है जो इस कदम में केंद्र सरकार का साथ दे सकती हैं।

एट्टप्पन टिप्पणी और विश्वासघात का आरोप

राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक बयान में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि परिसीमन कानून को लागू करने की योजना में बीजेपी का सहयोग करने वाला कोई भी राजनीतिक दल या व्यक्ति तमिलनाडु के साथ बहुत बड़ा धोखा कर रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास ऐसे लोगों को 21वीं सदी के एट्टप्पन के रूप में याद रखेगा। तमिल संस्कृति और इतिहास में एट्टप्पन शब्द का इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से विश्वासघात करने वालों के संदर्भ में किया जाता है। राहुल गांधी ने इस उपमा के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि तमिलनाडु के अधिकारों और संसदीय प्रतिनिधित्व से समझौता करना राज्य के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।

परिसीमन प्रक्रिया को लेकर उठती चिंताएं

संसदीय सीटों की सीमाओं को दोबारा तय करने की परिसीमन प्रक्रिया को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों में पहले से ही कई तरह की आशंकाएं बनी हुई हैं। राहुल गांधी के अनुसार, इस कानून के जरिए तमिलनाडु की राजनीतिक ताकत और संसद में उसकी आवाज को कमजोर करने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो भी दल इस कानून का समर्थन करेगा, वह राज्य की जनता और आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय की राह चुनेगा। इस बयान के माध्यम से उन्होंने क्षेत्रीय दलों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि वे इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें।

जनता की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी के इस पोस्ट के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की तरफ से व्यापक और मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने परिसीमन के खिलाफ उनके सख्त रुख का समर्थन करते हुए इसे तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी बताया, जबकि कई अन्य उपयोगकर्ताओं ने विपक्षी दलों के पुराने गठबंधनों और अन्य राज्यों में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों जैसे ज्वलंत मुद्दों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़े किए।

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सवाल-जवाब

राहुल गांधी ने परिसीमन मुद्दे पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बीजेपी के परिसीमन कानून का समर्थन करना तमिलनाडु के साथ विश्वासघात है और ऐसा करने वालों को इतिहास 21वीं सदी के एट्टप्पन के रूप में दर्ज करेगा।
एट्टप्पन टिप्पणी का क्या अर्थ है?
तमिल इतिहास और संस्कृति में एट्टप्पन नाम का इस्तेमाल विश्वासघात या गद्दारी करने वाले व्यक्ति के प्रतीक के रूप में किया जाता है।
राहुल गांधी ने यह संदेश किन भाषाओं में जारी किया?
राहुल गांधी ने अपना बयान सोशल मीडिया मंच एक्स पर तमिल और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में साझा किया।
परिसीमन को लेकर तमिलनाडु में क्या चिंताएं हैं?
मुख्य चिंता यह है कि जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्गठन होने से संसद में राज्य का राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्रभाव कम हो सकता है।
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