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जंतर-मंतर पर भारी हथियारों से लैस सुरक्षा बलों की मौजूदगी पर अखिलेश यादव ने उठाए सवालनेता जी
12 अक्तू॰ 2026, 2:47 pm (2 दिन पहले)· 0

जंतर-मंतर पर भारी हथियारों से लैस सुरक्षा बलों की मौजूदगी पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

जंतर-मंतर पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा बलों की तैनाती पर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता के डर की वजह से ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख धरना स्थल जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और उनके पास मौजूद आधुनिक हथियारों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदर्शन स्थल पर जवानों की अभूतपूर्व मौजूदगी और हथियारों के प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। विरोध प्रदर्शनों के केंद्र माने जाने वाले इस इलाके में कड़े सुरक्षा इंतजामात के बीच राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।

सशस्त्र बलों की तैनाती और हथियारों पर उठा विवाद

जंतर-मंतर पर तैनात किए गए जवानों को बेहद घातक और आधुनिक रक्षा उपकरणों से लैस देखा गया। खबरों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों और संवेदनशील हालात को संभालने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई भैरव बटालियन जैसे दस्तों को कड़े प्रशिक्षण और अत्याधुनिक हथियारों के साथ सुरक्षा ड्यूटी में लगाया गया है। आम तौर पर लोकतांत्रिक धरने-प्रदर्शनों वाले इस नागरिक इलाके में युद्ध स्तर के हथियारों और बख्तरबंद तैयारियों की झलक दिखने के बाद से ही प्रशासनिक फैसले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। सुरक्षा बलों के पास मौजूद हथियारों का जिक्र करते हुए X पर लिखा कि सुरक्षाकर्मियों को जिस तरह के घातक साजो-सामान के साथ वहां भेजा गया है, उसे देखकर लगता है कि अब सिर्फ टैंक आना बाकी रह गया है। सरकार की कार्यप्रणाली पर सीधा तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता जब अत्यधिक डरी होती है, तो उसकी बंदूक का आकार उतना ही बड़ा नजर आता है।

प्रशासनिक व्यवस्था और रणनीतिक तैयारी

प्रशासनिक स्तर पर कानून-व्यवस्था को नियंत्रित रखने और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इन विशेष दस्तों को मुस्तैद किया गया था। भैरव बटालियन की स्थापना और उसके जवानों को दी गई सख्त ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य विषम परिस्थितियों में स्थिति को तुरंत काबू में करना है। हालांकि, दिल्ली के केंद्र में सामान्य आंदोलनों के सामने इस स्तर की सैन्य तैयारियों को लेकर कई राजनीतिक विश्लेषक इसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देख रहे हैं।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस बयान के सामने आने के बाद आम नागरिकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कुछ लोगों ने राजधानी में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस व सुरक्षा बलों की सतर्कता को जरूरी बताया, वहीं अन्य लोगों ने लोकतांत्रिक प्रदर्शन स्थलों पर अत्यधिक बल प्रयोग की तैयारियों पर सवाल उठाए।

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सवाल-जवाब

जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की तैनाती पर अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने कहा कि जवानों के घातक हथियारों को देखकर लगता है कि केवल टैंक आना बाकी है, और सत्ता के डर के कारण इतनी बड़ी बंदूकें लाई गई हैं।
जंतर-मंतर पर किन विशेष बलों की तैनाती की चर्चा है?
सुरक्षा व्यवस्था के लिए कड़े प्रशिक्षण और आधुनिक हथियारों से लैस भैरव बटालियन जैसे विशेष दस्तों की तैनाती की चर्चा सामने आई है।
विपक्ष को इस तैनाती पर क्या मुख्य आपत्ति है?
विपक्ष का मानना है कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के स्थल पर अत्यधिक घातक हथियारों का प्रदर्शन अनुचित और डराने वाला है।
इस तैनाती को लेकर सोशल मीडिया पर जनता की क्या प्रतिक्रिया रही?
जनता की राय बंटी हुई रही, जहां कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था के लिए इसे सही ठहराया, वहीं अन्य ने इसे अत्यधिक बल प्रयोग बताया।
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