डोनाल्ड ट्रंप ने लुइसियाना से कांग्रेस महिला जूलिया लेटलो को अमेरिकी सीनेट के लिए अपना पूर्ण समर्थन दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपनी बात साझा करते हुए उन्होंने जूलिया लेटलो को एक बेहतरीन जन प्रतिनिधि बताया, जिन्होंने हमेशा अपने राज्य के लिए काम किया है और कठिन से कठिन परिस्थितियों में खुद को साबित किया है।
ट्रंप का लुइसियाना से जुड़ाव और जूलिया का समर्थन
अपने डिजिटल संदेश में डोनाल्ड ट्रंप ने लुइसियाना राज्य के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने इस राज्य में 2016, 2020 और 2024 के प्राथमिक चुनावों सहित कुल छह बार बड़ी जीत हासिल की है। दो बच्चों की मां जूलिया लेटलो की तारीफ करते हुए उन्होंने उन्हें एक बेहद सम्मानित नेता और सच्चा विजेता बताया। डोनाल्ड ट्रंप ने मतदाताओं से शनिवार, 27 जून को होने वाले रिपब्लिकन रनऑफ चुनाव में उनके पक्ष में मतदान करने की अपील की है।
सीनेट के लिए मुख्य एजेंडा और नीतियां
डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, सीनेट में जाने के बाद जूलिया लेटलो का ध्यान मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, करों में कटौती करने और सरकारी नियमों को सरल बनाने पर होगा। उनके प्राथमिक एजेंडे में स्थानीय किसानों और मछुआरों को मदद देना, लुइसियाना के तेल और गैस उद्योग को बढ़ावा देना और अमेरिका को ऊर्जा क्षेत्र में सबसे आगे ले जाना शामिल है। इसके अलावा, वह अमेरिकी उत्पादों के प्रचार, सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, अप्रवासी अपराधों को रोकने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सेना और दिग्गजों की मदद करने और नागरिकों के हथियार रखने के अधिकार यानी सेकेंड अमेंडमेंट की रक्षा के लिए काम करेंगी।
पृष्ठभूमि
खबरों के मुताबिक, लुइसियाना की इस चुनावी जंग में डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मिला यह समर्थन बेहद महत्वपूर्ण है। जनवरी 2026 में प्रतिनिधि जूलिया लेटलो ने सीनेटर बिल कैसिडी के खिलाफ अपनी प्राथमिक चुनावी दावेदारी की घोषणा की थी, जिसे डोनाल्ड ट्रंप का मजबूत समर्थन प्राप्त था। ट्रंप लंबे समय से अपनी पार्टी के आलोचकों को बदलने की कोशिशों में जुटे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मई 2026 में हुए प्राथमिक मुकाबले में जूलिया लेटलो ने बड़ी जीत हासिल की और बिल कैसिडी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसी दौरान गैरेट ग्रेव्स ने भी जूलिया लेटलो की पुरानी कांग्रेस सीट से चुनाव न लड़ने का फैसला किया था, जिससे उनका रास्ता और साफ हो गया। अब सबकी नजरें 27 जून को होने वाले रनऑफ मुकाबले पर टिकी हैं।




















