झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए झारखंड सरकार से अभ्यर्थियों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा पूरी तरह से अनुचित है।
JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर बढ़ा विवाद
झारखंड के प्रतियोगी परीक्षार्थी बीते कई दिनों से भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली, पर्चा लीक और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरे हुए हैं। अभ्यर्थियों ने राज्य विधानसभा की ओर एक विशाल मार्च भी निकाला, जिसका मकसद सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचना था। छात्रों की मुख्य मांग है कि विवादित परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द किया जाए और भविष्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। मानवाधिकार संगठन CJP ने भी इन आरोपों की जांच और अभ्यर्थियों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग का समर्थन किया है।
भूख हड़ताल और सोनम वांगचुक की अपील
आंदोलन को धार देने के लिए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। उनकी स्थिति बिगड़ने पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने उनसे जल ग्रहण करने की भावुक अपील की। सोनम वांगचुक के इस आग्रह के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पीना स्वीकार कर लिया, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अनशन और आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार के दावे बनाम छात्रों का इनकार
बढ़ते विवाद के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत Soren ने गतिरोध को दूर करने के लिए बातचीत की पहल की है। मुख्यमंत्री ने JPSC परीक्षा सुधारों के संबंध में आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। वहीं, राज्य सरकार की ओर से दावा किया गया कि छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली गई हैं और व्यापक सुधारों का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि, छात्र नेताओं ने सरकार के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि सरकार का दावा पूरी तरह भ्रामक है, क्योंकि वास्तव में केवल तीन परीक्षाएं ही रद्द की गई हैं जबकि मुख्य मुद्दों को अभी हल नहीं किया गया है।
अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं का रुख
अरविंद केजरीवाल से पहले भी कई राजनीतिक हस्तियों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। जमशेदपुर के पूर्व सांसद अजय कुमार ने भी JPSC और JSSC अभ्यर्थियों की शिकायतों को जायज बताते हुए राज्य सरकार से त्वरित कदम उठाने का अनुरोध किया था। दूसरी तरफ, विपक्षी दल बीजेपी ने इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। इसके बावजूद, छात्रों के आंदोलन को विभिन्न वर्गों से समर्थन मिल रहा है और सरकार पर जल्द से जल्द पारदर्शी समाधान निकालने का दबाव बढ़ता जा रहा है।



























